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Pratapgarh News: चार बरस बीते, 30 फीसदी वाहनों में नहीं लगे हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट
Sat, 16 Dec 2023 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Sat, 16 Dec 2023 01:52 AM IST
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वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की अनिवार्यता को प्रभावी तरीके से पूरा करने के लिए परिवहन विभाग को मशक्कत करनी पड़ रही है। जिले के 30 फीसदी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का अभाव है। वर्ष भर से विभाग की सख्ती शुरू हुई। अब तक विभाग की ओर से तीन सौ से ज्यादा वाहन स्वामियों को नोटिस भेजने का दावा किया जा रहा है।
शासन के निर्देश के बाद जिले में वर्ष 2019 में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने को लेकर कवायद शुरू हुई। नए वाहन खरीदने के साथ ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाया जाने लगा। हालांकि पुराने वाहनों में नंबर प्लेट को लेकर कई लोगों में ज्यादा दिलचस्पी नही है। चार पहिया तथा माल वाहकों की फिटनेस और परमिट को लेकर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की अनिवार्यता वाहनों में पूरी की जा चुकी है।
इस कवायद में बाइक छूट गई हैं। जिले में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट से संबंधित करीब 1,96,358 वाहन हैं। इनमें से 1.37 लाख वाहन में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाई जा चुकी है। जबकि 60 हजार से अधिक वाहन इससे अछूते हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इसमे सबसे अधिक 45 हजार दो पहिया वाहन है। फिलहाल विभागीय अधिकारियों की उदासीनता की वजह से 30 फीसदी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लग सके। एआरटीओ प्रवर्तन दिलीप गुप्ता ने बताया कि चार माह में 300 से अधिक वाहनों का चालान हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न लगाने पर किया गया है। बाइक का नंबर प्लेट बदलवाने के लिए नोटिस भेजा जा रहा है।
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हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट से वाहन मालिकों को मिलती है सहूलियत
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट एक एल्यूमिनियम निर्मित नंबर प्लेट होती है। जो वाहन के फ्रंट और रियर में लगाई जाती है। एचएसआरपी के ऊपरी बाएं कोने पर एक नीले रंग का क्रोमियम आधारित अशोक चक्र का होलोग्राम होता है। इसके निचले बाएं कोने पर एक यूनिक लेजर-ब्रांडेड 10 अंकीय स्थायी पहचान संख्या पिन दिया जाता है।
खास बात यह है कि वाहन के डिजिटल पंजीकरण के बाद ही एचएसआरपी जारी किया जाता है। यह वाहन से जुड़ा होता है। इस तरह प्लेट का उपयोग दूसरे वाहनों पर नहीं किया जा सकता। उन्हें चोरी और इन प्लेटों के किसी अन्य प्रकार दुरुपयोग को रोकने के रूप में कार्य करने के लिए डिजाइन किया जाता है। विभागीय सर्वे में वाहन चोरी की घटनाएं इस प्लेट के प्रयोग से कम हो रहीं हैं।
पंजीकृत तीस फीसदी वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगा है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सख्ती करते हुए चालान तथा जुर्माना भी किया जा रहा है। शेष वाहनों में एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाने के लिए नोटिस भेजा जा रहा है।
- बीके सिंह, एआरटीओ, प्रशासन
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शासन के निर्देश के बाद जिले में वर्ष 2019 में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने को लेकर कवायद शुरू हुई। नए वाहन खरीदने के साथ ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाया जाने लगा। हालांकि पुराने वाहनों में नंबर प्लेट को लेकर कई लोगों में ज्यादा दिलचस्पी नही है। चार पहिया तथा माल वाहकों की फिटनेस और परमिट को लेकर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की अनिवार्यता वाहनों में पूरी की जा चुकी है।
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इस कवायद में बाइक छूट गई हैं। जिले में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट से संबंधित करीब 1,96,358 वाहन हैं। इनमें से 1.37 लाख वाहन में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाई जा चुकी है। जबकि 60 हजार से अधिक वाहन इससे अछूते हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इसमे सबसे अधिक 45 हजार दो पहिया वाहन है। फिलहाल विभागीय अधिकारियों की उदासीनता की वजह से 30 फीसदी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लग सके। एआरटीओ प्रवर्तन दिलीप गुप्ता ने बताया कि चार माह में 300 से अधिक वाहनों का चालान हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न लगाने पर किया गया है। बाइक का नंबर प्लेट बदलवाने के लिए नोटिस भेजा जा रहा है।
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हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट से वाहन मालिकों को मिलती है सहूलियत
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट एक एल्यूमिनियम निर्मित नंबर प्लेट होती है। जो वाहन के फ्रंट और रियर में लगाई जाती है। एचएसआरपी के ऊपरी बाएं कोने पर एक नीले रंग का क्रोमियम आधारित अशोक चक्र का होलोग्राम होता है। इसके निचले बाएं कोने पर एक यूनिक लेजर-ब्रांडेड 10 अंकीय स्थायी पहचान संख्या पिन दिया जाता है।
खास बात यह है कि वाहन के डिजिटल पंजीकरण के बाद ही एचएसआरपी जारी किया जाता है। यह वाहन से जुड़ा होता है। इस तरह प्लेट का उपयोग दूसरे वाहनों पर नहीं किया जा सकता। उन्हें चोरी और इन प्लेटों के किसी अन्य प्रकार दुरुपयोग को रोकने के रूप में कार्य करने के लिए डिजाइन किया जाता है। विभागीय सर्वे में वाहन चोरी की घटनाएं इस प्लेट के प्रयोग से कम हो रहीं हैं।
पंजीकृत तीस फीसदी वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगा है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सख्ती करते हुए चालान तथा जुर्माना भी किया जा रहा है। शेष वाहनों में एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाने के लिए नोटिस भेजा जा रहा है।
- बीके सिंह, एआरटीओ, प्रशासन