प्रतापगढ़ : अखिलेश से मिलकर निकले पूर्व विधायक का हार्ट अटैक से निधन, सपा मुखिया ने घर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि
श्याद अली वर्ष 1991 में जनता दल के टिकट पर बीरापुर विधानसभा ( अब रानीगंज) से विधायक चुने गए थे। बाद में वह सपा में शामिल हो गए। पार्टी ने उन्हें वर्ष 1999 में प्रतापगढ़ लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया था लेकिन वह चुनाव हार गए थे।
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डाक बंगले में अखिलेश यादव से मिलकर बाहर निकले पूर्व विधायक श्याद अली का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उन्हें बलीपुर स्थित नर्सिंग होम ले जाया गया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। अचलपुर स्थित आवास पर उनका पार्थिव शरीर पहुंचते ही समर्थक, रिश्तेदारों का जमावड़ा लग गया। रात में सपा मुखिया भी शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे।
श्याद अली वर्ष 1991 में जनता दल के टिकट पर बीरापुर विधानसभा ( अब रानीगंज) से विधायक चुने गए थे। बाद में वह सपा में शामिल हो गए। पार्टी ने उन्हें वर्ष 1999 में प्रतापगढ़ लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया था लेकिन वह चुनाव हार गए थे। इसके बाद वह सपा संगठन में पदाधिकारी बनाए गए। वह पार्टी की राजनीति में सक्रिय रहते थे।
पुराने रिश्ते की गांठ मजबूत करने फिर निकले अखिलेश
पुराने रिश्तों की गांठ मजबूत करने के लिए बृहस्पतिवार को भी सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के घर पहुंचे। परिजनों से मुलाकात कर उनके साथ खड़े होने की बात कही।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सबसे पहले दिवंगत पूर्व विधायक राम लखन यादव के घर पहुंचे। बेटे अनिल से मिलकर परिवार के बारे में जानकारी ली। इसके बाद वह बागी संजय पांडेय से उनके आवास पर मिले। यहां सपा नेत्री रेहाना सिद्दीकी के परिजनों से मुलाकात किए। वहां से नगर पालिका का चुनाव लड़ चुके संतोष यादव के घर पहुंचकर परिजनों से मिले।
पुराना माल गोदाम रोड मरहूम सपा नेता इरशाद सिद्दीकी के घर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की। बेटियों को पढ़ाने का खर्च संगठन के उठाने की बात कही। बुधवार की रात सपा मुखिया अखिलेश यादव पंजाबी कॉलोनी में रहने वाले सपा नेत्री सतनाम कौर के परिजनों से मिलने के उपरांत सिविल लाइन में संत एंथोनी के फादर आनंद सर जॉन से भी मुलाकात की थी। पिता मुलायम के रिश्तों को भी टटोला। पुराने कार्यकर्ताओं व नेताओं से मुलाकात करने के लिए खुद कदम बढ़ाया।
पार्टी से सामूहिक नाता तोड़ने की दी थी चेतावनी
बुधवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा सपा के जिला उपाध्यक्ष रहे इरशाद सिद्दीकी के घर न जाने से करीबियों को बहुुत मलाल था। वे अपना गुबार पार्टी के व्हाटसएप ग्रुप पर निकालते रहे। लोगों ने यहां तक कहा कि सुबह दस बजे तक देखेंगे। यदि इरशाद के घर सपा मुखिया नहीं आते तो वे लोग पार्टी से नाता तोड़ लेंगे। इस बात की जानकारी मिलते ही पार्टी के नेता डैमेज कंट्रोल में जुट गए। हालांकि कार्यक्रम फाइनल होने के बाद सपा मुखिया का लोगों ने गर्मजोशी से इस्तकबाल किया।