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नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को करना पड़ रहा इंतजार
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ओलावृष्टि में फसल गंवा चुके प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित किसानों को मुआवजे के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। खाते में अब तक मुआवजे की रकम नहीं पहुंची सकी है। जबकि फसलों की सर्वे रिपोर्ट के साथ सारी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं। 12 व 13 मार्च को ओलावृष्टि व तूफानी बारिश ने जिले में तबाही मचाई थी। जगह-जगह पेड़, पोल, टॉवर, छप्पर व कच्चे मकान गिर गए। सबसे ज्यादा नुकसान किसानों की फसलों का हुआ। सबसे ज्यादा फसलें प्रभावित हुईं। गेहूं, चना, मटर, सरसों की फसलों को काफी नुकसान हुआ। कृषि विभाग व जिला प्रशासन ने फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए टीमें गठित कीं। राजस्व विभाग ने आपदा राहत व बीमा कंपनी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसलों के नुकसान के लिए कंट्रोल रूम खोला।
रानीगंज, पट्टी, लालगंज, सदर, कुंडा तहसीलों में खुले कंट्रोल रूम में किसानों ने फोनकर अपनी फसल व नुकसान के बारे में अवगत कराया। सैकड़ों किसानों की शिकायते दर्ज की गईं। इस बीच लॉकडाउन के चलते कार्य में रुकावट आ गई। हालांकि इस दौरान लखनऊ की सर्वेयर की टीमें जिले में आ चुकी थीं। करीब 1400 किसानों ने बीमा के लिए आवेदन किया था। सर्वेयर की टीमों ने भ्रमण कर फसलों का स्थलीय सत्यापन किया। करीब 850 किसान फसल बीमा की परिधि में आए। सभी की रिपोर्ट तैयार कर बीमा कंपनी ने भेज दी, मगर अभी तक किसानों खाते में मुआवजे की रकम नहीं पहुंच सकी है। किसान कार्यालय व बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं। माना जा रहा है कि अभी भी किसानों को मुआवजे के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। जिला कृषि अधिकारी डा. अश्वनी सिंह ने बताया कि बीमा कंपनियों के सर्वेयरों ने फसलों का सत्यापन कर रिपोर्ट भेजी है। प्रक्रिया चल रही है।
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रानीगंज, पट्टी, लालगंज, सदर, कुंडा तहसीलों में खुले कंट्रोल रूम में किसानों ने फोनकर अपनी फसल व नुकसान के बारे में अवगत कराया। सैकड़ों किसानों की शिकायते दर्ज की गईं। इस बीच लॉकडाउन के चलते कार्य में रुकावट आ गई। हालांकि इस दौरान लखनऊ की सर्वेयर की टीमें जिले में आ चुकी थीं। करीब 1400 किसानों ने बीमा के लिए आवेदन किया था। सर्वेयर की टीमों ने भ्रमण कर फसलों का स्थलीय सत्यापन किया। करीब 850 किसान फसल बीमा की परिधि में आए। सभी की रिपोर्ट तैयार कर बीमा कंपनी ने भेज दी, मगर अभी तक किसानों खाते में मुआवजे की रकम नहीं पहुंच सकी है। किसान कार्यालय व बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं। माना जा रहा है कि अभी भी किसानों को मुआवजे के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। जिला कृषि अधिकारी डा. अश्वनी सिंह ने बताया कि बीमा कंपनियों के सर्वेयरों ने फसलों का सत्यापन कर रिपोर्ट भेजी है। प्रक्रिया चल रही है।
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