फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Food sold to the government on one side, kept taking free ration on the other side

एक तरफ सरकार को बेचा अनाज, दूसरी तरफ लेते रहे मुफ्त राशन

Thu, 23 Sep 2021 11:51 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 23 Sep 2021 11:51 PM IST
विज्ञापन
Food sold to the government on one side, kept taking free ration on the other side
rashan
जिले में एकतरफ किसान खरीद केंद्रों पर जहां अपनी उपज बेचकर मुनाफा कमाते रहे, वहीं दूसरी तरफ सरकार की तरफ से मिलने वाला मुफ्त राशन भी लेते रहे। सरकारी खरीद केंद्रों पर उन्होंने अपना गेहूं 1975 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेचा। इसके बाद कोटेदारों के यहां से फ्री राशन भी उठाते रहे। आधारकार्ड से हुए इस खेल का खुलासा होने के बाद अब जिले के 738 किसानों के राशनकार्ड निरस्त किए जाएंगे।
विज्ञापन

जिले में बड़ी संख्या में अपात्रों के राशनकार्ड बनाए गए हैं। इस बात को विभागीय अधिकारी भी स्वीकार करते हैं, लेकिन जांचकर अपात्रों के राशनकार्ड निरस्त करने की जहमत नहीं उठाना चाहते। इस बीच खाद्य विपणन विभाग की जांच में यह सामने आया है कि जिले में 738 किसान ऐसे हैं जो सैकड़ों क्विंटल गेहूं सरकारी खरीद केंद्रों पर बेचते हैं। इसके साथ ही वे जिला आपू र्ति विभाग से राशनकार्ड बनवाकर कोरोना काल में मुफ्त राशन का भी लाभ ले रहे हैं।
विज्ञापन

जबकि यह योजना उन गरीबों के लिए है, जिन्हें दो वक्त की रोटी नसीब नहीं होती है। वास्तव में राशनकार्ड के लिए वही परिवार पात्र होता है जिसकी शहरी इलाकों की आमदनी प्रतिवर्ष तीन लाख और ग्रामीण इलाकों में दो लाख रुपये वार्षिक से कम है। मुख्यालय में जब विपणन विभाग से डाटा लेकर आपूर्ति विभाग में मिलान किया गया तो खुलासा हुआ कि जिले में 738 काश्तकार ऐेसे हैं जो राशनकार्ड बनवाकर सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से राशन ले रहे हैं। उन्होंने खरीद केंद्रों पर गेहूं भी बेचा है। शासन ने इन काश्तकारों का राशनकार्ड निरस्त करने के लिए कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसने कितना गेहूं बेचा, एकत्रित किया जा रहा डाटा
जिले के 738 किसानों में किसने कितना गेहूं बेचा है, इसका आंकड़ा जुटाया जा रहा है। दरअसल, गेहूं की खरीद करने के लिए पीसीेेएफ और अन्य इकाइयों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब विभागीय अधिकारी इसकी पड़ताल में जुटे हैं।

जिले के उन किसानों के राशनकार्ड निरस्त होंगे, जिन्होंने राशन लेने के साथ ही गेहूं की बिक्री की है। ऐसे लोगों का डाटा जिला आपूर्ति कार्यालय भेजा गया है।
अजीत कुमार त्रिपाठी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed