{"_id":"b9ccb4762138db60528f44fbdff71d8a","slug":"fire-in-pratapgarh-hindi-news-2","type":"story","status":"publish","title_hn":"बह निकले आंसू के दरिया, दहला कलेजा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बह निकले आंसू के दरिया, दहला कलेजा
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Fri, 19 Jun 2015 11:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हादसे के बाद गोयल रेजीडेंसी से लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी और मोर्चरी तक हाहाकार मचा रहा। पूरे शहर में अफरातफरी रही। चीखपुकार से माहौल असहनीय वेदना से भर गया। मृतकों के परिजनों की चीत्कार और उनकी बदहवासी देख हजारों आंखें नम हो गईं। खबर मिलते ही लोग घटना स्थल और अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। अस्पताल से लेकर गोयल रेजीडेंसी तक भागम भाग मची रही। मरने वालों की तादाद जानने के लिए हर कोई परेशान रहा। मृतकों की संख्या सुनने के बाद ऐसा लगा रहा था मानो वज्रपात हो गया हो।
गोयल रेजीडेंसी में हुई घटना के बाद मौतों की मनहूस खबर शहर में फैली तो लोगों होश उड़ गए। होटल में मौत का तांडव देख सभी की आंखे पथरा गईं। जान बचाने के लिए छत से कूदे लोगों को लहूलुहान देख लोग अवाक रह गए। हर कोई घटना को लेकर परेशान व हैरान रहा। गोयल रेजीडेंसी से जिला अस्पताल की इमरजेंसी और मोर्चरी तक लोग दौड़ते रहे। मृतकों के परिजनों का रुदन देखकर सबका कलेजा दहल गया। अमर उजाला कर्मी मृतक मनोज शर्मा की पत्नी ममता संग पहुंचे परिजन व सगे संबंधियों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। मनोज के मिलनसार स्वभाव और हमेशा हंसने वाले चेहरे को यादकर सभी बिलखते रहे। नारंगपुर पट्टी निवासी मृतक बृजेश कुमार की मां गीता देवी भी परिजनों के साथ जिला अस्पताल पहुंच गईं। दर्जनों महिलाओं संग पहुंची उसकी मां सीना पीट-पीट कर रोते हुए बदहवास हो गई। साथ रही युवती मंजू देवी का भी रो-रो कर बुरा हाल था। रोते-रोते मंजू बेहोश हो गई।
विज्ञापन
गोयल रेजीडेंसी में हुई घटना के बाद मौतों की मनहूस खबर शहर में फैली तो लोगों होश उड़ गए। होटल में मौत का तांडव देख सभी की आंखे पथरा गईं। जान बचाने के लिए छत से कूदे लोगों को लहूलुहान देख लोग अवाक रह गए। हर कोई घटना को लेकर परेशान व हैरान रहा। गोयल रेजीडेंसी से जिला अस्पताल की इमरजेंसी और मोर्चरी तक लोग दौड़ते रहे। मृतकों के परिजनों का रुदन देखकर सबका कलेजा दहल गया। अमर उजाला कर्मी मृतक मनोज शर्मा की पत्नी ममता संग पहुंचे परिजन व सगे संबंधियों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। मनोज के मिलनसार स्वभाव और हमेशा हंसने वाले चेहरे को यादकर सभी बिलखते रहे। नारंगपुर पट्टी निवासी मृतक बृजेश कुमार की मां गीता देवी भी परिजनों के साथ जिला अस्पताल पहुंच गईं। दर्जनों महिलाओं संग पहुंची उसकी मां सीना पीट-पीट कर रोते हुए बदहवास हो गई। साथ रही युवती मंजू देवी का भी रो-रो कर बुरा हाल था। रोते-रोते मंजू बेहोश हो गई।
विज्ञापन