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आसमान से बरसी आग ,पारा 43 के पार
Sun, 24 May 2020 11:28 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाना ब्यूरा, न्यूज डेस्क, प्रतापगढ़
अमर उजाना ब्यूरा, न्यूज डेस्क, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 24 May 2020 11:28 PM IST
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र, आसमान से बरसते रहे अंगारेतापमान का पारा 43 के पा
- फोटो : amar ujala
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मई के आखिरी में सप्ताह में गर्मी अपना रंग दिखाने लगी है। रविवार का दिन अब तक का सबसे गर्म दिन रहा। मंद-मंद चल रही पश्चिमी हवाओं के बीच तल्ख धूप से पूरा वातावरण झुलस उठा। तापमान उछलकर 43 के पार पहुंच गया। पंखे व कूलर दिनभर फर्राटा भरते रहे, मगर लोगों को राहत नहीं मिली। शहर से लेकर गांव तक बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। अधिकतम तापमान 43.8 व न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
आमतौर पर अप्रैल माह के अंतिम चरण में गर्मी का आगाज हो जाता है, मगर इस बार ऐसा नहीं देखने को मिला। मौसमी उतार-चढ़ाव के चलते अप्रैल माह में हल्की ठंड का अहसास बना रहा। मई माह के मध्य चरण तक कमोवेश यही हाल रहा। मगर अब आखिरी सप्ताह में गर्मी तेज हो गई है। दिनोंदिन तापमान बढ़ने लगा है। धूप भी तल्ख होने लगी है।
रविवार को सुबह से ही गर्मी का असर दिखने लगा। सुबह 9 बजे के बाद सूर्यदेव की किरणें इतनी तल्ख हो गईं कि बर्दाश्त नहीं हो रही थीं। 12 बजे के बाद बाहर निकलना मुश्किल हो गया। घर के बाहर निकलते ही मानो जैसे पूरा वातावरण झुलस रहा हो।
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शहर के बाबागंज, पंजाबी मार्केट, घंटाघर, भगवाचुंगी, अंबेडकर चौराहा, रोडबेज बसअड्डा, स्टेशन रोड आदि स्थानों पर सन्नाटा पसर गया। शहर के मोहल्लाें का हाल बेहाल रहा। लोग घरों में दुबके रहे। धूप की तपिश के चलते कमरे में सुकून नहीं मिल रहा था।
पंखे व कूलर से निकलने वाली हवाएं भी गर्मी का अहसास करा रही थीं। न घर में सुकून था न ही बाहर। लोग पसीने से तरबतर दिख रहे थे। यही हाल अंचल के रानीगंज, पट्टी, कुंडा, सदर व लालगंज के बाजारों का भी रहा। गांवों में उमसभरी गर्मी से बेहाल रहे। बाग और खलिहान में लोग राहत पाने की कोशिश कर रहे थे।
मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 43.8 व न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि पछुआ की सक्रियता से मौसम तल्ख हुआ है। आगे गर्मी और बढ़ने के आसार हैं।
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आमतौर पर अप्रैल माह के अंतिम चरण में गर्मी का आगाज हो जाता है, मगर इस बार ऐसा नहीं देखने को मिला। मौसमी उतार-चढ़ाव के चलते अप्रैल माह में हल्की ठंड का अहसास बना रहा। मई माह के मध्य चरण तक कमोवेश यही हाल रहा। मगर अब आखिरी सप्ताह में गर्मी तेज हो गई है। दिनोंदिन तापमान बढ़ने लगा है। धूप भी तल्ख होने लगी है।
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रविवार को सुबह से ही गर्मी का असर दिखने लगा। सुबह 9 बजे के बाद सूर्यदेव की किरणें इतनी तल्ख हो गईं कि बर्दाश्त नहीं हो रही थीं। 12 बजे के बाद बाहर निकलना मुश्किल हो गया। घर के बाहर निकलते ही मानो जैसे पूरा वातावरण झुलस रहा हो।
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शहर के बाबागंज, पंजाबी मार्केट, घंटाघर, भगवाचुंगी, अंबेडकर चौराहा, रोडबेज बसअड्डा, स्टेशन रोड आदि स्थानों पर सन्नाटा पसर गया। शहर के मोहल्लाें का हाल बेहाल रहा। लोग घरों में दुबके रहे। धूप की तपिश के चलते कमरे में सुकून नहीं मिल रहा था।
पंखे व कूलर से निकलने वाली हवाएं भी गर्मी का अहसास करा रही थीं। न घर में सुकून था न ही बाहर। लोग पसीने से तरबतर दिख रहे थे। यही हाल अंचल के रानीगंज, पट्टी, कुंडा, सदर व लालगंज के बाजारों का भी रहा। गांवों में उमसभरी गर्मी से बेहाल रहे। बाग और खलिहान में लोग राहत पाने की कोशिश कर रहे थे।
मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 43.8 व न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि पछुआ की सक्रियता से मौसम तल्ख हुआ है। आगे गर्मी और बढ़ने के आसार हैं।