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राजाभैया के पिता को एक करोड़ से अधिक का चूना
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Mon, 24 Apr 2017 12:05 AM IST
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सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे और कुंडा के निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया के पिता उदयप्रताप सिंह को मुंबई की एक कंपनी ने एक करोड़ से अधिक का चूना लगा दिया है। इंटरनेट पर विज्ञापन देखने के बाद पूर्व मंत्री के पिता उदय प्रताप ने कंपनी के प्रतिनिधियों को बुलाकर रुपये दिए, लेकिन तय समय पर उन्हें वैन नहीं दी गई। कई बार प्रयास करने के बाद भी कंपनी के मालिक और अन्य लोग बात करने से बचते रहे। इस पर उदय प्रताप ने कंपनी, उसके मालिक समेत चार लोगों पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कोतवाली क्षेत्र के भदरी निवासी पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह के पिता उदय प्रताप सिंह ने इंटरनेट पर मुंबई की कंपनी डीसी मोटर्स डिजायनिंग प्राइवेट लिमिटेड क्वांडी बिटा रोड एमआईडीसी अंधेरी पूर्व का प्रचार देखा था। वह कंपनी का नंबर निकालकर वैन के लिए आर्डर करना चाहते थे। फोन पर बात हुई तो कंपनी के प्रतिनिधि स्पंदन सिंह भदरी आए और वैन के पार्ट्स, पैसे व सुविधाओं के बारे में बताया। साथ ही तीन महीने में वैन देने का वायदा किया। इस दौरान 8 जुलाई 2015 को उदय प्रताप ने उन्हें 22 लाख 50 हजार रुपये दिए। इसके बाद 30 लाख व तीसरी बार में सात लाख रुपये दिए। इसके बाद कंपनी के नेशनल प्रभारी त्वरंग वशिष्ठ को 4175000 रुपये दिए। वैन की कीमत का पूरा पैसा एक करोड़, एक लाख 25 हजार लेने के बाद भी कंपनी ने निर्धारित समय में न तो वैन दी और न ही फोन पर उसके प्रतिनिधि बात करने के लिए तैयार हैं। काफी प्रयास के बाद भी बात न हो पाने पर उदय प्रताप ने कंपनी व कंपनी के मालिक दिलीप छवरिया, उसके सहयोगी स्पंदन सिंह, तरुण वशिष्ठ, निहाल बजाज पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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कोतवाली क्षेत्र के भदरी निवासी पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह के पिता उदय प्रताप सिंह ने इंटरनेट पर मुंबई की कंपनी डीसी मोटर्स डिजायनिंग प्राइवेट लिमिटेड क्वांडी बिटा रोड एमआईडीसी अंधेरी पूर्व का प्रचार देखा था। वह कंपनी का नंबर निकालकर वैन के लिए आर्डर करना चाहते थे। फोन पर बात हुई तो कंपनी के प्रतिनिधि स्पंदन सिंह भदरी आए और वैन के पार्ट्स, पैसे व सुविधाओं के बारे में बताया। साथ ही तीन महीने में वैन देने का वायदा किया। इस दौरान 8 जुलाई 2015 को उदय प्रताप ने उन्हें 22 लाख 50 हजार रुपये दिए। इसके बाद 30 लाख व तीसरी बार में सात लाख रुपये दिए। इसके बाद कंपनी के नेशनल प्रभारी त्वरंग वशिष्ठ को 4175000 रुपये दिए। वैन की कीमत का पूरा पैसा एक करोड़, एक लाख 25 हजार लेने के बाद भी कंपनी ने निर्धारित समय में न तो वैन दी और न ही फोन पर उसके प्रतिनिधि बात करने के लिए तैयार हैं। काफी प्रयास के बाद भी बात न हो पाने पर उदय प्रताप ने कंपनी व कंपनी के मालिक दिलीप छवरिया, उसके सहयोगी स्पंदन सिंह, तरुण वशिष्ठ, निहाल बजाज पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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