सांगीपुर ब्लॉक में शनिवार को आयोजित गरीब कल्याण मेले में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता भिड़ गए। नारेबाजी के बाद दोनों तरफ से मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि इस दौरान वहां पहुंचे सांसद संगमलाल गुप्ता की कांग्रेसियों ने पिटाई कर दी और उनके कपड़े फाड़ दिए। पथराव से सांसद की फार्च्यूनर कार समेत तीन गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह उन्हें बाहर निकाला। मामले में पूर्व राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी, कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता और रामपुर खास विधायक आराधना मिश्रा मोना, सांगीपुर ब्लॉक प्रमुख अशोक सिंह बबलू समेत 27 नामजद और पचास अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
प्रतापगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता भिड़े : सांसद संगमलाल पर हमला, कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त, 77 लोगों पर एफआईआर दर्ज
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सांसद ने वीडियो जारी कर लगाया आरोप, सुनियोजित था हमला
सांसद संगमलाल गुप्ता ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि कार्यक्रम के दौरान हुआ हमला पूरी तरह से सुनियोजित था। वह जब सांगीपुर ब्लॉक में पहुंचे तो पचास से साठ की संख्या में मौजूद लोगों ने बवाल करना शुरू कर दिया। वे सांगीपुर इंस्पेक्टर तुषार त्यागी को पीटने लगे। रोकने पर उनके साथ मारपीट की गई।
आरोप मनगढ़ंत, किसके दबाव में लगा रहे यह सांसद ही जानें : प्रमोद
कांग्रेस नेता व पूर्व राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने भाजपा सांसद संगमलाल गुप्ता के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और मनगढ़ंत बताया। उन्होंने कहा कि ब्लॉक सभागार में मेरी और विधायक मोना की मौजूदगी में सांसद के साथ मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई। सांसद सुरक्षाकर्मियों के साथ सुरक्षित निकल गए। वे किसके दबाव में इस तरह के आरोप लगा रहे हैं, ये वे ही जानें। जिला प्रशासन और पुलिस जिस स्तर पर चाहें कमेटी बनाकर जांच करा लें। सच्चाई सामने आ जाएगी। सांसद के सभी आरोप गलत हैं।
सांसद के साथ आए लोगों ने किया बवाल : मोना
कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता और रामपुर खास की विधायक आराधना मिश्रा मोना का कहना है कि कार्यक्रम में सांसद संगमलाल गुप्ता के पहुंचने के बाद मैंने मंच पर बुलाकर उन्हें अपनी कुर्सी पर बैठाया। सांसद के साथ आए समर्थकों में कुछ अराजक तत्व भी शामिल थे। उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। कार्यक्रम के संचालक का माइक छीन लिया। नीचे बैठे लोग नारेबाजी करने लगे। मैं और पूर्व राज्यसभा सांसद जब तक कार्यक्रम में रहे, तब तक सांसद के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं हुआ।