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कस्तूरबा स्कूलों के इंटरमीडिएट की पढ़ाई का दावा फेल
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कस्तूरबा स्कूलों में इंटरमीडिएट की पढ़ाई का फेल हुआ दावा
उच्चीकृत करने के लिए शासन की ओर से नहीं हुई कोई पहल
कक्षा आठ पास करने वाली बालिकाओं ने इंटर कॉलेजों में लिखाया नाम
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए शासन ने कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों को उच्चीकृत करके इंटरमीडिएट की पढ़ाई प्रारंभ करने का दावा फेल हो गया है। चालू शिक्षासत्र मेें जिले के एक भी कस्तूरबा गांधी स्कूल को उच्चीकृत नहीं किया गया है। इससे कक्षा आठ पास करने वाली बालिकाएं इंटर कालेजों में अपना नाम लिखवा रहे हैं।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग से 15 कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों को उच्चीकृत करके आठ पास करने वाली बालिकाओं को उसी स्कूल में आगे की शिक्षा मुहैया करानेे का दावा किया गया था। मगर जिले में एक भी कस्तूरबा गांधी स्कूल को उच्चीकृत नहीं किया गया है। इससे कक्षा आठ पास करने वाली बालिकाएं इंटर कालेजों में अपना नाम लिखा रही है।
जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में बालिकाओं को कक्षा छह से आठ तक शिक्षा दी जाती है। कस्तूरबा गांधी स्कूलों को उच्चीकृत करने का समाचार अखबारों में प्रकाशित होते ही बालिकाओं के खुशी का ठिकाना नहीं था। मगर अभी तक विभाग में इस तरह का कोई आदेश नहीं आने पर बालिकाओं का उत्साह भंग हो गया है। दरअसल में कस्तूरबा गांधी स्कूलों में बालिकाओं को आवासीय शिक्षा दी जाती है। इसलिए उनका भवन इतना बड़ा नहीं है कि उसमें कक्षा नौ और दस की कक्षाएं संचालित की जा सकें। इससे बगैर नए भवन के कस्तूरबा स्कूलों को इंटरकालेज में तब्दील करना आसान नहीं होगा। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि उच्चीकृत करने के लिए न तो कोई बजट आया है, और न ही कोई भवन है। जिसमें कक्षाओं का संचालन किया जा सके।
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उच्चीकृत करने के लिए शासन की ओर से नहीं हुई कोई पहल
कक्षा आठ पास करने वाली बालिकाओं ने इंटर कॉलेजों में लिखाया नाम
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए शासन ने कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों को उच्चीकृत करके इंटरमीडिएट की पढ़ाई प्रारंभ करने का दावा फेल हो गया है। चालू शिक्षासत्र मेें जिले के एक भी कस्तूरबा गांधी स्कूल को उच्चीकृत नहीं किया गया है। इससे कक्षा आठ पास करने वाली बालिकाएं इंटर कालेजों में अपना नाम लिखवा रहे हैं।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग से 15 कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों को उच्चीकृत करके आठ पास करने वाली बालिकाओं को उसी स्कूल में आगे की शिक्षा मुहैया करानेे का दावा किया गया था। मगर जिले में एक भी कस्तूरबा गांधी स्कूल को उच्चीकृत नहीं किया गया है। इससे कक्षा आठ पास करने वाली बालिकाएं इंटर कालेजों में अपना नाम लिखा रही है।
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जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में बालिकाओं को कक्षा छह से आठ तक शिक्षा दी जाती है। कस्तूरबा गांधी स्कूलों को उच्चीकृत करने का समाचार अखबारों में प्रकाशित होते ही बालिकाओं के खुशी का ठिकाना नहीं था। मगर अभी तक विभाग में इस तरह का कोई आदेश नहीं आने पर बालिकाओं का उत्साह भंग हो गया है। दरअसल में कस्तूरबा गांधी स्कूलों में बालिकाओं को आवासीय शिक्षा दी जाती है। इसलिए उनका भवन इतना बड़ा नहीं है कि उसमें कक्षा नौ और दस की कक्षाएं संचालित की जा सकें। इससे बगैर नए भवन के कस्तूरबा स्कूलों को इंटरकालेज में तब्दील करना आसान नहीं होगा। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि उच्चीकृत करने के लिए न तो कोई बजट आया है, और न ही कोई भवन है। जिसमें कक्षाओं का संचालन किया जा सके।
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