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यूपी: कांग्रेस को झटका, पूर्व सांसद राजकुमारी रत्ना सिंह भाजपा में शामिल

Tue, 15 Oct 2019 07:25 PM IST
Prachi Priyam न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: Prachi Priyam Updated Tue, 15 Oct 2019 07:25 PM IST
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EX MP and Congress leader Rajkumari Ratna Singh likely to join BJP with her supporters
Rajkumari Ratna Singh ex mp - फोटो : प्रयागराज

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उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। प्रतापगढ़ की पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता राजकुमारी रत्ना सिंह अपने समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल हो गईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में मंगलवार दोपहर राजकुमारी रत्ना सिंह ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।


कौन हैं राजकुमारी रत्ना सिंह?
राजकुमारी रत्ना सिंह का जन्म 29 अप्रैल, 1959 को हुआ। राजकुमारी रत्ना सिंह पूर्व विदेश मंत्री स्वर्गीय राजा दिनेश सिंह की पुत्री हैं। राजा दिनेश सिंह प्रतापगढ़ से चार बार और उनकी पुत्री राजकुमारी रत्ना सिंह तीन बार 1996, 1999 और 2009 में सांसद रह चुकी हैं।  

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बीते लोकसभा चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशी रह चुकीं राजकुमारी रत्ना सिंह के समर्थन में राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी प्रचार कर चुकी हैं, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा में मंगलवार को प्रतापगढ़ की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ। पूर्व विदेश मंत्री स्व. राजा दिनेश सिंह की पुत्री और जिले की तीन बार सांसद रहीं रत्ना सिंह ने कांग्रेस छोडक़र भाजपा का दामन थाम लिया। गड़वारा में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें भाजपा की सदस्यता दिलाई। रत्ना के इस कदम से कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है।
 
पूर्व सांसद रत्ना सिंह के भाजपा में शामिल होने की चर्चा सोमवार सुबह से जोर पकडने लगी थी। इस चर्चा को तब और बल मिला जब रत्ना सिंह ने अपने करीबियों और समर्थकों से मंगलवार को पूरी तैयारी के साथ सीएम की सभा में पहुंचने के लिए कहा। हालांकि वह खुद इस बारे में कुछ भी कहने से बचती रहीं। मंगलवार को मुख्यमंत्री की जनसभा के दौरान भी सस्पेंस बना रहा।

एम के आने से पहले तक रत्ना सिंह का मंच पर कहीं अता-पता नहीं था। किसी ने उनका जिक्र तक नहीं किया। ऐसे में फिर तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे, लेकिन मुख्यमंत्री के मंच पर पहुंचते ही रत्ना सिंह भी आ गईं। बेटे भुमन्यु सिंह और कांग्रेसी नेता मदन सिंह के साथ कार्यक्रम स्थल पर रत्ना सिंह के पहुंचते ही भाजपाइयों की बांछें खिल गर्इं। भाजपा नेता उनका स्वागत करते हुए मंच पर ले गए, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें बधाई देते हुए भाजपा की सदस्यता ग्रहण कराई। भारी संख्या में जुटी भीड़ ने तालियां बजाकर रत्ना सिंह के इस फैसले का स्वागत किया। 

सात बार कांग्रेस से लड़ा लोकसभा का चुनाव 
रत्ना सिंह ने प्रतापगढ़ संसदीय सीट से सात बार लोकसभा का चुनाव लड़ा, जिसमें उन्हें तीन बार सांसद बनने का मौका मिला और चार बार हार का सामना करना पड़ा। पूर्व विदेशमंत्री राजा दिनेश सिंह के निधन के बाद 1996 के लोकसभा चुनाव में पहली बार विरासत संभालने उतरी रत्ना सिंह ने भारी मतों से जीत दर्ज की थी। इसके बाद रत्ना सिंह ने कांग्रेस में ऐसी पैठ बनाई कि उनकी पहचान ही कांगे्रस से होने लगी।

1999 और 2009 के लोकसभा चुनाव में सांसद बनकर रत्ना सिंह ने कई विकास कार्यों को अमली जामा पहनाया। सात बार चुनाव लडने वाली रत्ना सिंह को चार बार हार का भी सामना करना पड़ा। 2019 के लोकसभा चुनाव में रत्ना सिंह ने अनमने ढंग से चुनाव लडक़र यह संकेत दे दिया था कि अब अधिक दिनों तक वह कांग्रेस में रहने वाली नहीं हैं। मंगलवार को रत्ना सिंह के भाजपा में शामिल होने से जिले में कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है।

देश में मोदी-योगी जैसा राष्ट्रभक्त कोई नहीं : रत्ना 
 
प्रतापगढ़। भाजपा ज्वाइन करने के बाद पूर्व सांसद रत्ना सिंह ने कहा कि देश में मोदी-योगी जैसा राष्ट्रभक्त कोई नहीं है। नि:स्वार्थ भाव से देश की सेवा करने वाले महापुरुष का हौसला बढ़ाने के लिए मैने भाजपा में शामिल होने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय जनता की यह आवाज थी कि मैं भाजपा में शामिल हो जाऊं। मैंने जनता के फैसले के मुताबिक कदम उठाया है। 

मंगलवार को रत्ना सिंह ने भाजपा में शामिल होने के बाद अमर उजाला से बातचीत में कहा कि वह उनका पूरा परिवार (ससुराल पक्ष) भाजपाई है। रिश्तेदार सांसद हैं। कांग्रेस छोड़ने के सवाल पर कहा कि यह फैसला मेरा अकेले का नहीं है, बल्कि क्षेत्र की जनता की आवाज थी कि मैं भाजपा में शामिल हो जाऊं। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने भाजपा में शामिल होने का फैसला इतनी जल्दी कैसे कर लिया तो


उन्होंने कहा कि मोदी-योगी जैसा राष्ट्रभक्त दूसरा कोई नहीं हो सकता है। देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में अपना लोहा मनवाने वाले मोदी का अभी और हौसला बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कालाकांकर रियासत का इतिहास है कि अंग्रेजों को भारत से भगाने में बढ़-चढ़कर भूमिका निभाई थी। भाजपा में पूरी आस्था प्रकट करते हुए कहा कि किसी पद और लालच में नहीं गई हूं, बल्कि जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए भाजपा ज्वाइन किया है।

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