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Pratapgarh News: अंगूठा ही नहीं आंखों से भी होगी पात्रता की जांच
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उचित दर विक्रेता (कोटेदार) अब उपभोक्ताओं को कम राशन तौल कर नहीं दे पाएंगे। अब कोटेदारों की ई-पॉश मशीन से ईडब्ल्यूएस (इलेक्ट्राॅनिक वेइंग स्केल) को जोड़ा जा रहा है। शुक्रवार से पूर्ति विभाग ने कोटेदारों को मशीन संचालन का प्रशिक्षण शुरू किया है।
जिले के कुंडा, पट्टी, सदर, रानीगंज और लालगंज के कोटेदारों को मास्टर ट्रेनरों ने प्रशिक्षित करने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। तहसीलों में कोटेदारों को प्रशिक्षण देकर उपभोक्ताओं को वास्तविक तौल करने को कहा है। एआरओ एसके पांडेय ने कहा है कि मशीन चलाने का तरीका बेहद आसान है। उम्र बढ़ने के कारण जिन उपभोक्ताओं का अंगूठा नहीं लग लगेगा, उनकी आंखों से पात्रता की जांच हो जाएगी। सदर तहसील में मास्टर ट्रेनरों ने कोटेदारों को बताया कि अभी तक कोटेदार सिर्फ ई-पॉश मशीन के माध्यम से उपभोक्ताओं को राशन दे रहे थे, लेकिन इस मशीन से इलेक्ट्राॅनिक वेइंग स्केल को जोड़ दिया गया है। जब तक पूरे वजन का राशन नहीं होगा, तब तक मशीन आगे नहीं बढ़ेगी।
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जिले के कुंडा, पट्टी, सदर, रानीगंज और लालगंज के कोटेदारों को मास्टर ट्रेनरों ने प्रशिक्षित करने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। तहसीलों में कोटेदारों को प्रशिक्षण देकर उपभोक्ताओं को वास्तविक तौल करने को कहा है। एआरओ एसके पांडेय ने कहा है कि मशीन चलाने का तरीका बेहद आसान है। उम्र बढ़ने के कारण जिन उपभोक्ताओं का अंगूठा नहीं लग लगेगा, उनकी आंखों से पात्रता की जांच हो जाएगी। सदर तहसील में मास्टर ट्रेनरों ने कोटेदारों को बताया कि अभी तक कोटेदार सिर्फ ई-पॉश मशीन के माध्यम से उपभोक्ताओं को राशन दे रहे थे, लेकिन इस मशीन से इलेक्ट्राॅनिक वेइंग स्केल को जोड़ दिया गया है। जब तक पूरे वजन का राशन नहीं होगा, तब तक मशीन आगे नहीं बढ़ेगी।
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