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Pratapgarh News: मेडिकल कॉलेज में बिजली गुल, मोबाइल की रोशनी में किया इलाज
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मेडिकल कॉलेज के पुरुष अस्पताल में बृहस्पतिवार दोपहर 12:15 बजे अचानक विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। जिस कारण ओपीडी में डॉक्टरों ने मोबाइल की रोशनी में मरीजों का इलाज किया। वहीं ऑनलाइन पर्ची के लिए कतार में लगे मरीजों और उनके तीमारदाराें को परेशान होना पड़ा। करीब आधे घंटे बाद आपूर्ति बहाल हुई तब जाकर मरीजों को पर्ची मिल सकी। वहीं मेडिकल कॉलेज के सीएमएस ने बिजली कटौती से ही इन्कार कर दिया।
विद्युत आपूर्ति बाधित होने से अस्थि रोग विभाग के चिकित्सक ने मोबाइल की रोशनी में इलाज किया। जबकि ओपीसी हाल में अंधेरे में मरीज बैठे रहे। ओपीडी में ऑनलाइन पंजीयन कराने आई संडवा चंद्रिका ब्लॉक के बझान की संध्या पाल ने बताया कि वह अपने पिता का इलाज कराने आई हैं लेकिन लाइट नहीं होने के कारण पर्ची नहीं कट रही है। वहीं चंदौल की वंदना सिंह ने बताया कि आधे घंटे बिजली नहीं आ रही है। जनरेटर भी नहीं चलाया, जिससे पर्ची नहीं मिल रही है। रानीगंज के दुर्गागंज गांव की महिमा दुबे ने बताया कि उन्हें खून की जांच करानी थी पर पंजीयन नहीं हो रहा है।
पांच जनरेटर फिर भी अंधेरे में मरीज
मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि मेडिकल कॉलेज में पांच जनरेटर हैं लेकिन विद्युत आपूर्ति बाधित होने के बाद भी जनरेटर नहीं चलाए जाते हैं। जबकि विद्युत आपूर्ति बाधित होते ही जनरेटर चलाने का प्रावधान है। आए दिन विद्युत आपूर्ति होने के कारण पर्ची कटाने वाले मरीजों को घंटों लाइन में इंतजार करना पड़ता।
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मेडिकल कॉलेज में विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर पांच जेनरेटर से आपूर्ति की जाती है। एक जेनरेटर चलाने में पांच मिनट लगता है। पांच जेनरेटर शुरू करने में 25 मिनट समय लगता है। बृहस्पतिवार दोपहर मेडिकल कॉलेज में आपूर्ति बाधित नहीं हुई थी।
- डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज।
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विद्युत आपूर्ति बाधित होने से अस्थि रोग विभाग के चिकित्सक ने मोबाइल की रोशनी में इलाज किया। जबकि ओपीसी हाल में अंधेरे में मरीज बैठे रहे। ओपीडी में ऑनलाइन पंजीयन कराने आई संडवा चंद्रिका ब्लॉक के बझान की संध्या पाल ने बताया कि वह अपने पिता का इलाज कराने आई हैं लेकिन लाइट नहीं होने के कारण पर्ची नहीं कट रही है। वहीं चंदौल की वंदना सिंह ने बताया कि आधे घंटे बिजली नहीं आ रही है। जनरेटर भी नहीं चलाया, जिससे पर्ची नहीं मिल रही है। रानीगंज के दुर्गागंज गांव की महिमा दुबे ने बताया कि उन्हें खून की जांच करानी थी पर पंजीयन नहीं हो रहा है।
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पांच जनरेटर फिर भी अंधेरे में मरीज
मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि मेडिकल कॉलेज में पांच जनरेटर हैं लेकिन विद्युत आपूर्ति बाधित होने के बाद भी जनरेटर नहीं चलाए जाते हैं। जबकि विद्युत आपूर्ति बाधित होते ही जनरेटर चलाने का प्रावधान है। आए दिन विद्युत आपूर्ति होने के कारण पर्ची कटाने वाले मरीजों को घंटों लाइन में इंतजार करना पड़ता।
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मेडिकल कॉलेज में विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर पांच जेनरेटर से आपूर्ति की जाती है। एक जेनरेटर चलाने में पांच मिनट लगता है। पांच जेनरेटर शुरू करने में 25 मिनट समय लगता है। बृहस्पतिवार दोपहर मेडिकल कॉलेज में आपूर्ति बाधित नहीं हुई थी।
- डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज।