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कुपोषण को लेकर पिटेगी डुगडुगी
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Sat, 16 May 2015 01:13 AM IST
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प्रतापगढ़। सुनो-सुनो, गांव वालो सुनों। आपके कुपोषित बच्चे की जान जा सकती है। बच्चों की सेहत को लेकर आप सतर्क रहें। इनकी की जिंदगी का सवाल है। प्रदेश सरकार राज्य पोषण मिशन चला रही है। कुपोषित बच्चों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचें। वहां पोषण पुनर्वास केन्द्र में उसे भर्ती कराएं। वहां उनका इलाज होगा और वे ठीक भी हो जाएंगे।
आप बच्चे के मां-बाप हैं और उसे चाहते हैं तो ध्यान से सुनें। पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों के साथ उसकी मां या परिवार के किसी सदस्य को रहना होगा। बच्चे के साथ जो भी रहेगा, सरकार उसे 100 रुपये प्रतिदिन देगी। आने-जाने व खाने का भी बंदोबस्त सरकारी ही होगा। इस तरह की बातें अब ग्रामीणों को ‘जागरूकता’ अभियान के जरिए बताई जाएंगी। जिलाधिकारी के निर्देश पर सीडीओ ने इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली है। इसके तहत हर गांव के लिए एक आदमी का चयन किया जाएगा। उसके पास ढोलक या नगाड़ा होना आवश्यक है। वह गांवों में ढोलक और नगाड़ा पीटकर लोगों को कुपोषित बच्चों की सेहत सुधार के प्रति जागरूक करेगा। आल्हा-गीत और गजल के जरिए भी लोगों को जानकारी दी जाएगी।
यह अभियान सबसे पहले उन ग्राम पंचायतों में चलेगा, जिसे अधिकारियों ने गोद लिया है। इसके बाद जिस गांव में ज्यादा कुपोषित बच्चे होंगे, वहां डुगडुगी पिटवाई जाएगी। डुगडुगी पीटने वालों को डीपीआरओ व सीएमओ अपने अनटाइड (निजी व्यवस्था) मद से भुगतान करेंगे। वह अधिकारियों के जरिए तय गांव में जागरूकता कार्यशाला में भी लोगों को कुपोषण के बारे में बताएगा। डुगडुगी जागरूकता अभियान के बाद स्वास्थ्यकर्मी ब्लाक व ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित करेंगे।
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सुपरवाइजरों और कार्यकत्रियों पर लटकी तलवार
बच्चों की सेहत के प्रति उनकी माताओं में जागरूकता लाने का काम बाल विकास पुष्टाहार विभाग की सुपरवाइजराें व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियाें का है। स्थिति को देखते हुए सीडीओ ने उनके कार्यों पर असंतोष व्यक्त किया है। उनका मानना है कि यदि वे ठीक से काम करतीं तो बच्चों के कुपोषित होने का सवाल ही नहीं था। अब वे इनके कार्यों की समीक्षा कराने जा रहे हैं। समीक्षा में स्थिति के आधार पर वह कार्रवाई करेंगे।
कुपोषित बच्चों के मां-बाप को जागरूक करने के लिए ग्राम पंचायतों में अब डुगडुगी पिटवाई जाएगी। डीएम के निर्देश पर इस काम को शुरू कराने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। डुगडुगी के बाद गांवों में जागरूकता कार्यशाला भी होगी। ग्रामीण स्तर पर संबंधित विभाग के लोग काम में लापरवाही बरत रहे हैं। समीक्षा के बाद कार्रवाई शुरू होगी।
मनीष कुमार वर्मा, सीडीओ
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आप बच्चे के मां-बाप हैं और उसे चाहते हैं तो ध्यान से सुनें। पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों के साथ उसकी मां या परिवार के किसी सदस्य को रहना होगा। बच्चे के साथ जो भी रहेगा, सरकार उसे 100 रुपये प्रतिदिन देगी। आने-जाने व खाने का भी बंदोबस्त सरकारी ही होगा। इस तरह की बातें अब ग्रामीणों को ‘जागरूकता’ अभियान के जरिए बताई जाएंगी। जिलाधिकारी के निर्देश पर सीडीओ ने इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली है। इसके तहत हर गांव के लिए एक आदमी का चयन किया जाएगा। उसके पास ढोलक या नगाड़ा होना आवश्यक है। वह गांवों में ढोलक और नगाड़ा पीटकर लोगों को कुपोषित बच्चों की सेहत सुधार के प्रति जागरूक करेगा। आल्हा-गीत और गजल के जरिए भी लोगों को जानकारी दी जाएगी।
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यह अभियान सबसे पहले उन ग्राम पंचायतों में चलेगा, जिसे अधिकारियों ने गोद लिया है। इसके बाद जिस गांव में ज्यादा कुपोषित बच्चे होंगे, वहां डुगडुगी पिटवाई जाएगी। डुगडुगी पीटने वालों को डीपीआरओ व सीएमओ अपने अनटाइड (निजी व्यवस्था) मद से भुगतान करेंगे। वह अधिकारियों के जरिए तय गांव में जागरूकता कार्यशाला में भी लोगों को कुपोषण के बारे में बताएगा। डुगडुगी जागरूकता अभियान के बाद स्वास्थ्यकर्मी ब्लाक व ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित करेंगे।
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सुपरवाइजरों और कार्यकत्रियों पर लटकी तलवार
बच्चों की सेहत के प्रति उनकी माताओं में जागरूकता लाने का काम बाल विकास पुष्टाहार विभाग की सुपरवाइजराें व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियाें का है। स्थिति को देखते हुए सीडीओ ने उनके कार्यों पर असंतोष व्यक्त किया है। उनका मानना है कि यदि वे ठीक से काम करतीं तो बच्चों के कुपोषित होने का सवाल ही नहीं था। अब वे इनके कार्यों की समीक्षा कराने जा रहे हैं। समीक्षा में स्थिति के आधार पर वह कार्रवाई करेंगे।
कुपोषित बच्चों के मां-बाप को जागरूक करने के लिए ग्राम पंचायतों में अब डुगडुगी पिटवाई जाएगी। डीएम के निर्देश पर इस काम को शुरू कराने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। डुगडुगी के बाद गांवों में जागरूकता कार्यशाला भी होगी। ग्रामीण स्तर पर संबंधित विभाग के लोग काम में लापरवाही बरत रहे हैं। समीक्षा के बाद कार्रवाई शुरू होगी।
मनीष कुमार वर्मा, सीडीओ