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कोरोना के खौफ से रेल व रोडवेज को लाखों का घाटा
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कोरोना वायरस के खौफ का असर रेलवे और रोडवेज पर भी पड़ा है। दोनों को लाखों का घाटा हुआ है। दिनोंदिन यात्रियों की संख्या घटती जा रही है। प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर टिकट की बिक्री पांच लाख से घटकर 50 हजार पर पहुंच गई है। हर दिन डेढ़ से दो लाख रुपये रिफंड करने पड़ रहे हैं।
देश में कोरोना का संक्रमण फैलने के बाद लोगों ने अपनी यात्राएं कैंसिल कर दी हैं। बहुत जरूरी होने पर ही लोग बाहर जा रहे हैं। बड़ी संख्या में टिकट निरस्त कराए जा रहे हैं। खौफ इस कदर है कि होली पर घर आए लोग परदेश जाने से कतरा रहे हैं। ट्रेनें खाली चल रही हैं। इसका असर रेलवे की कमाई पर भी पड़ा है। आरक्षण काउंटर पर बैठने वाले कर्मचारियों ने बताया कि होली के बाद पांच से सात लाख रुपये प्रतिदिन की इनकम थी। अब तेजी से घट रही है। बुधवार को 50 हजार रुपये के टिकट बिके, वहीं तीन लाख रुपये का रिफंड हुआ। यही हाल रोडवेज विभाग का है। पहले प्रतिदिन चार से पांच लाख रुपये की इनकम थी। अब घटकर दो लाख के करीब पहुंच गई है।
कभी तत्काल टिकट के लिए रेलवे स्टेशन पर मारामारी होती थी। वीडियोग्राफी के बीच तत्काल टिकट फार्म का वितरण होता था। यात्रियों को रात में लाइन लगानी पड़ती थी। तब जाकर सुबह उन्हे टिकट मिलता था। इससे यात्री परेशान होते थे। अब तत्काल टिकट लेने के लिए एक भी यात्री रेलवे स्टेशन पर नहीं दिख रहे हैं।
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देश में कोरोना का संक्रमण फैलने के बाद लोगों ने अपनी यात्राएं कैंसिल कर दी हैं। बहुत जरूरी होने पर ही लोग बाहर जा रहे हैं। बड़ी संख्या में टिकट निरस्त कराए जा रहे हैं। खौफ इस कदर है कि होली पर घर आए लोग परदेश जाने से कतरा रहे हैं। ट्रेनें खाली चल रही हैं। इसका असर रेलवे की कमाई पर भी पड़ा है। आरक्षण काउंटर पर बैठने वाले कर्मचारियों ने बताया कि होली के बाद पांच से सात लाख रुपये प्रतिदिन की इनकम थी। अब तेजी से घट रही है। बुधवार को 50 हजार रुपये के टिकट बिके, वहीं तीन लाख रुपये का रिफंड हुआ। यही हाल रोडवेज विभाग का है। पहले प्रतिदिन चार से पांच लाख रुपये की इनकम थी। अब घटकर दो लाख के करीब पहुंच गई है।
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कभी तत्काल टिकट के लिए रेलवे स्टेशन पर मारामारी होती थी। वीडियोग्राफी के बीच तत्काल टिकट फार्म का वितरण होता था। यात्रियों को रात में लाइन लगानी पड़ती थी। तब जाकर सुबह उन्हे टिकट मिलता था। इससे यात्री परेशान होते थे। अब तत्काल टिकट लेने के लिए एक भी यात्री रेलवे स्टेशन पर नहीं दिख रहे हैं।
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