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मंदिरों में दर्शन पूजन बंद
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due to corona teh worship work is closed in temples
- फोटो : PRATAPGARH
कोरोना के खौफ के चलते मंदिरों में दर्शन-पूजन बंद हो गया है। लोगों ने अपने को घरों में कैद कर लिया है। मंदिरों में सन्नाटा पसरा है। लोग पूजन-पाठ करने जाने से भी परहेज कर रहे हैं। शनिवार को पौराणिक स्थल शनिदेवधाम, बाबा बेलखरनाथधाम में साप्ताहिक मेला लगता है, हजारों की भीड़ उमड़ती है। धाम परिसर में तिल रखने तक की जगह नहीं रहती, मगर वहां सन्नाटा पसरा रहा। देवी मंदिरों का भी यही हाल रहा। पौराणिक धामों के आसपास पूजन-प्रसाद की अधिकांश दुकानें बंद थी, जो खुली भी थी उनकी बोहनी नहीं हुई। सुबह से लेकर शाम तक तक यही हाल रहा।
वैसे तो बाबा बेलखरनाथ धाम में सप्ताह भर दर्शनार्थियों की भीड़ रहती है। मगर शनिवार को पौराणिक स्थल बाबा बेलखरनाथ धाम में सप्ताहिक मेला लगता है। मंदिर परिसर में दर्शनार्थियों भीड़ उमड़ती है। भोर में महाआरती के बाद दर्शन पूजन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं की कतार लगी रहती है। मगर कोरोना के खौफ के चलते शनिवार को बेलखरनाथ धाम में सन्नाटा पसरा रहा। भोर में महंत विश्वनाथ गिरि व मुरली गिरि ने पूजन- अर्चन किया। मगर दर्शन- पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं दिखी। सुबह से ही मंदिर का कपाट बंद हो गया। धाम परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। इक्का- दुक्का लोग जो आए भी वह दूर से दर्शन करके निकल गए।
धाम के आस- पास पूजन- प्रसाद की अधिकांश दुकानें बंद रहीं। महंत विश्वनाथ गिरि व मुरली गिरि ने बताया कि मंदिर का कपाट अब बंद रहेगा। कुशफरा गांव स्थित शनिदेव धाम में शनिवार को जिले के साथ ही गैरजनपद से भी दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ती है। मगर शनिवार को दर्शन-पूजन का दौर बंद रहा। मंदिर का कपाट बंद रहा। धाम परिसर में स्थित दुकानें सभी दुकाने बंद रहीं। जो खुली भी थी दशनार्थियों के न आने पर वह भी बंद हो गई। धाम के महंत परमा महराज ने बताया कि आगामी शनिवार को भी मंदिर का कपाट बंद रहेगा। यही हाल पौराणिक शक्तिपीठ मां बेल्हादेवी धाम व मां बाराही देवी धाम का भी रहा। धाम परिसर में दिनभर परिसर में सन्नाटा पसरा रहा।
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पौराणिक स्थलों में फूल- माला के दुकानदारों को भारी नुकसान हुआ है। शनिदेव धाम व बाबा बेलखरनाथ धाम में शनिवार के दिन हजारों की कमाई होती है। मगर धाम बंद होने से फूल- माला का स्टाक डंप पड़ा रह गया। बाबा बेलखरनाथ धाम में परिसर में फूल की दुकान लगाने वाले राजू माली व सूरज माली ने बताया कि सप्ताहिक मेले के दौरान तीन से चार हजार रुपये की कमाई होती है। मगर मंदिर का पट बंद होने के बाद वाराणसी व प्रयागराज से आया फूलों का स्टाक खराब हो रहा है। इससे भी काफी नुकसान हुआ है।
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वैसे तो बाबा बेलखरनाथ धाम में सप्ताह भर दर्शनार्थियों की भीड़ रहती है। मगर शनिवार को पौराणिक स्थल बाबा बेलखरनाथ धाम में सप्ताहिक मेला लगता है। मंदिर परिसर में दर्शनार्थियों भीड़ उमड़ती है। भोर में महाआरती के बाद दर्शन पूजन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं की कतार लगी रहती है। मगर कोरोना के खौफ के चलते शनिवार को बेलखरनाथ धाम में सन्नाटा पसरा रहा। भोर में महंत विश्वनाथ गिरि व मुरली गिरि ने पूजन- अर्चन किया। मगर दर्शन- पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं दिखी। सुबह से ही मंदिर का कपाट बंद हो गया। धाम परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। इक्का- दुक्का लोग जो आए भी वह दूर से दर्शन करके निकल गए।
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धाम के आस- पास पूजन- प्रसाद की अधिकांश दुकानें बंद रहीं। महंत विश्वनाथ गिरि व मुरली गिरि ने बताया कि मंदिर का कपाट अब बंद रहेगा। कुशफरा गांव स्थित शनिदेव धाम में शनिवार को जिले के साथ ही गैरजनपद से भी दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ती है। मगर शनिवार को दर्शन-पूजन का दौर बंद रहा। मंदिर का कपाट बंद रहा। धाम परिसर में स्थित दुकानें सभी दुकाने बंद रहीं। जो खुली भी थी दशनार्थियों के न आने पर वह भी बंद हो गई। धाम के महंत परमा महराज ने बताया कि आगामी शनिवार को भी मंदिर का कपाट बंद रहेगा। यही हाल पौराणिक शक्तिपीठ मां बेल्हादेवी धाम व मां बाराही देवी धाम का भी रहा। धाम परिसर में दिनभर परिसर में सन्नाटा पसरा रहा।
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पौराणिक स्थलों में फूल- माला के दुकानदारों को भारी नुकसान हुआ है। शनिदेव धाम व बाबा बेलखरनाथ धाम में शनिवार के दिन हजारों की कमाई होती है। मगर धाम बंद होने से फूल- माला का स्टाक डंप पड़ा रह गया। बाबा बेलखरनाथ धाम में परिसर में फूल की दुकान लगाने वाले राजू माली व सूरज माली ने बताया कि सप्ताहिक मेले के दौरान तीन से चार हजार रुपये की कमाई होती है। मगर मंदिर का पट बंद होने के बाद वाराणसी व प्रयागराज से आया फूलों का स्टाक खराब हो रहा है। इससे भी काफी नुकसान हुआ है।

due to corona teh worship work is closed in temples- फोटो : PRATAPGARH