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विभागों के बजट पर कोरोना का ताला
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कोरोना वैश्विक महामारी से जंग लड़ रही सरकार ने विकास कार्यों पर ताला लगा दिया है। वित्तीय वर्ष का एक माह बीत चुका है, मगर अभी तक किसी भी विभाग को न तो कोई बजट आवंटित हुआ है और न ही कोई कार्ययोजना मिली है। इससे सरकारी कार्यालयों में सिर्फ लिखा-पढ़ी का ही काम चल रहा है।
वित्तीय वर्ष 2020-21 का एक माह बीत चुका है। मगर अभी तक किसी भी विभाग में न तो बजट जारी हुआ है और न ही कार्ययोजना आई है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में 150 रुपये का बजट जारी हुआ था, मगर दो दिन बाद निरस्त कर दिया गया। जिले के सरकारी कार्यालय तो खुल रहे हैं, मगर कोरोना महामारी के सिवा किसी मुद्दे पर चर्चा नहीं हो रही है। शासन से भी जो पत्र जारी हो रहे हैं, वह कोरोना संक्रमण रोकने के लिए ही जारी हो रहे हैं। हालांकि पूर्व के वर्षों में 20 अप्रैल तक बजट और नई-नई योजनाओं की कार्ययोजना भी आ जाती थी। मगर इस वर्ष कोरोना महामारी को लेकर जो जंग लड़ी जा रही है, उससे लगता है कि विभागीय योजनाएं इस बार कोरोना की भेंट चढ़ जाएंगी। फिलहाल अफसरों की मानें तो जुलाई माह में बजट आने की संभावना है। अभी विकास योजनाओं की बड़ी धनराशि कोरोना मरीजों के इलाज और सुरक्षा में खर्च की जा रही है।
शासन से अभी बजट नहीं मिला है। ऐसी उम्मीद है कि जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई में बजट जारी होने के साथ ही कार्ययोजना भी आएगी। ग्राम पंचायतों में मनरेगा मजदूरों को रोजगार देने के लिए कार्य प्रारंभ किया गया है।
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आरसी शर्मा, परियोजना अधिकारी
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वित्तीय वर्ष 2020-21 का एक माह बीत चुका है। मगर अभी तक किसी भी विभाग में न तो बजट जारी हुआ है और न ही कार्ययोजना आई है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में 150 रुपये का बजट जारी हुआ था, मगर दो दिन बाद निरस्त कर दिया गया। जिले के सरकारी कार्यालय तो खुल रहे हैं, मगर कोरोना महामारी के सिवा किसी मुद्दे पर चर्चा नहीं हो रही है। शासन से भी जो पत्र जारी हो रहे हैं, वह कोरोना संक्रमण रोकने के लिए ही जारी हो रहे हैं। हालांकि पूर्व के वर्षों में 20 अप्रैल तक बजट और नई-नई योजनाओं की कार्ययोजना भी आ जाती थी। मगर इस वर्ष कोरोना महामारी को लेकर जो जंग लड़ी जा रही है, उससे लगता है कि विभागीय योजनाएं इस बार कोरोना की भेंट चढ़ जाएंगी। फिलहाल अफसरों की मानें तो जुलाई माह में बजट आने की संभावना है। अभी विकास योजनाओं की बड़ी धनराशि कोरोना मरीजों के इलाज और सुरक्षा में खर्च की जा रही है।
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शासन से अभी बजट नहीं मिला है। ऐसी उम्मीद है कि जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई में बजट जारी होने के साथ ही कार्ययोजना भी आएगी। ग्राम पंचायतों में मनरेगा मजदूरों को रोजगार देने के लिए कार्य प्रारंभ किया गया है।
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आरसी शर्मा, परियोजना अधिकारी