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डीएम के आदेश को स्कूल संचालकों ने दिखाया ठेंगा

Fri, 09 Jan 2015 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Fri, 09 Jan 2015 11:19 PM IST
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DM defying the order shown by school directors
कड़ाके के ठंड के चलते इंटर तक के सभी माध्यम के स्कूलों को जिलाधिकारी ने रविवार तक के लिए बंद कर दिया है। इसके बाद भी कानवेंट स्कूल खुले रहे। संचालकों की इस मनमानी से नौनिहालों को ठंड में ठिठुरना पड़ा। इनकी मनमानी पर तहसील प्रशासन की अनदेखी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। एसडीएम ने तो जिलाधिकारी के आदेश की जानकारी तक होने से इंकार कर दिया। गुरुवार को अचानक बढ़ी हांड़ कंपा देने वाली ठंड को देखते हुए जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने इंटर मीडिएट तक के सभी निजी, सहायता प्राप्त और सरकारी स्कूलों को रविवार तक के लिए बंद करने क ा आदेश दे दिया। उन्होंने चेतावनी भी दी कि जिले में कहीं भी स्कूल खुले  मिले तो संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों से दो टूक कहा कि जहां भी स्कूल खुले मिलें उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। मगर जिलाधिकारी के स्कूल बंद करने के  फरमान को तहसील क्षेत्र के कई स्कूल संचालकों ने ठेंगा दिखा दिया। हालांकि सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल तो बंद रहे लेकिन दर्जनों कान्वेंट और वित्तविहीन स्कूल शुक्रवार को भी धड़ल्ले से खुले रहे।
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लालगंज कस्बे के कुछ स्कूलों के साथ तहसील क्षेत्र के धधुआ गाजन, संगम चौराहा, उमापुर, सांगीपुर, जलेसरगंज, भटनी, रामपुृर बावली, रानीगंज कैथौला आदि जगहों पर निजी स्कूल संचालक  खुलेआम जिलाधिकारी के आदेश की धज्जियां उड़ाते रहे। कु छ स्कूल संचालकों से इस बाबत पूछा गया तो नाम न छापने की शर्त पर कहाकि वे स्वत: स्कूल संचालित करते हैं। आए दिन स्कूल बंद रखने से छवि खराब होती है। संचालकों की इस मनमानी के चलते नौनिहालों को ठंड में ठिठुरते हुए स्कूल जाना पड़ रहा है। डीएम के आदेश को ठेंगा दिखाने में तहसील प्रशासन भी कम जिम्मेदार नहीं है। ऐसा नहीं है कि तहसील के अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है। एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार की आंखों के सामने से दिन भर छात्रों से भरी बसें और टेंपो गुजरते रहते हैं। इसके बाद भी अधिकारियों की अनदेखी लोगों को समझ नहीं आ रही है। डीएम के आदेश के बाद भी स्कूल संचालकों के खिलाफ तहसील प्रशासन का कार्रवाई न  करना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना है। नौनिहालों के भविष्य को देखते हुए अभिभावक भी मुंह नहीं खोल रहे हैं। लोगों की मानें तो मनमानी करने वाले स्कूल संचालकों के अधिक प्रभावशाली होने के कारण अधिकारी भी कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं। लापरवाही इस कदर है कि एसडीएम साहब को डीएम के आदेश की जानकारी तक नहीं है। 
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