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शौचालय न बनने पर भी दो अक्तूबर को ओडीएफ होगा जिला
pratapgarh
Updated Fri, 28 Sep 2018 12:26 AM IST
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प्रतापगढ़। शौचालय बनें या न बनें, मगर दो अक्तूबर को जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया जाएगा। दरअसल, जिले को ओडीएफ करने के लिए 31 दिसंबर 2018 की तिथि मिली हुई है, मगर दो अक्तूबर को महात्मा गांधी की 150 जयंती होने के कारण जिले में शौचालय निर्माण का लक्ष्य पूर्ण होने के पहले ही ओडीएफ घोषित करने की तैयारी है। फिलहाल अफसरों का मानना है कि ओडीएफ घोषित होने के बाद भी 90 दिन का समय मिलेगा। जिसमें अपूर्ण शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा।
दो अक्तूबर को जिले को ओडीएफ करने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। खुले में शौच से मुक्त घोषित करने के लिए साढ़े तीन लाख शौचालयों का निर्माण कराना था। जिला प्रशासन ने इसके लिए शासन से 526.36 रुपये की मांग की थी। आलम यह है कि अभी तक 162 करोड़ रुपये शासन से मिलना बाकी है। अभी तक सिर्फ तीन विकास खंडों को ही पूर्ण ओडीएफ के लिए बजट जारी किया गया है। 14 विकास खंड ऐसेे हैं, जहां लक्ष्य के सापेक्ष धनराशि ही नहीं भेजी गई है।
ऐसी दशा में जिला ओडीएफ कैसे हो सकता है। विभागीय जानकारों की मानें तो अभी तक 78,986 शौचालयों के निर्माण के लिए धनराशि भेजी जानी है। मगर शासन से 162 करोड़ रुपये नहीं मिलने से इन ग्राम पंचायतों में रुपये नहीं भेजे गए हैं। फिलहाल ओडीएफ घोषित करने के लिए सिर्फ चार दिन बाकी हैं। ऐेसे में अगर शासन से बकाया धनराशि मिल भी जाती है तो ग्राम पंचायतों को धनराशि भेजना और शौचालयों का निर्माण कराना संभव नहीं होगा। फिलहाल दो अक्तूबर को बेल्हा ओडीएफ घोषित कर दिया जाएगा। विभाग का दावा है कि ओडीएफ घोषित करने के बाद शौचालय निर्माण का अभियान 31 दिसंबर तक जारी रहेगा।
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दो अक्तूबर को जिले को ओडीएफ करने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। खुले में शौच से मुक्त घोषित करने के लिए साढ़े तीन लाख शौचालयों का निर्माण कराना था। जिला प्रशासन ने इसके लिए शासन से 526.36 रुपये की मांग की थी। आलम यह है कि अभी तक 162 करोड़ रुपये शासन से मिलना बाकी है। अभी तक सिर्फ तीन विकास खंडों को ही पूर्ण ओडीएफ के लिए बजट जारी किया गया है। 14 विकास खंड ऐसेे हैं, जहां लक्ष्य के सापेक्ष धनराशि ही नहीं भेजी गई है।
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ऐसी दशा में जिला ओडीएफ कैसे हो सकता है। विभागीय जानकारों की मानें तो अभी तक 78,986 शौचालयों के निर्माण के लिए धनराशि भेजी जानी है। मगर शासन से 162 करोड़ रुपये नहीं मिलने से इन ग्राम पंचायतों में रुपये नहीं भेजे गए हैं। फिलहाल ओडीएफ घोषित करने के लिए सिर्फ चार दिन बाकी हैं। ऐेसे में अगर शासन से बकाया धनराशि मिल भी जाती है तो ग्राम पंचायतों को धनराशि भेजना और शौचालयों का निर्माण कराना संभव नहीं होगा। फिलहाल दो अक्तूबर को बेल्हा ओडीएफ घोषित कर दिया जाएगा। विभाग का दावा है कि ओडीएफ घोषित करने के बाद शौचालय निर्माण का अभियान 31 दिसंबर तक जारी रहेगा।
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