फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Distribution order, rice did not reach 1278 ration shops

Pratapgarh News: 1278 दुकानों पर नहीं पहुंचा चावल, वितरण के लिए जारी हो गया आदेश

Sat, 24 Dec 2022 06:30 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 24 Dec 2022 06:30 AM IST
विज्ञापन
Distribution order, rice did not reach 1278 ration shops
जिला आपूर्ति और विपणन विभाग में तालमेल नहीं होने के कारण जिले के 5.74 लाख राशनकार्ड धारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला आपूर्ति विभाग ने आदेश जारी करके 22 दिसंबर से प्रधानमंत्री कल्याण अन्न योजना के तहत नि:शुल्क चावल वितरित करने का निर्देश जारी कर दिया है। कार्डधारक कंट्रोल की दुकानों का चक्कर लगा रहे हैं। हाल यह है कि अभी तक जिले की 1278 दुकानों तक चावल पहुंचा ही नहीं है।
विज्ञापन

जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली से उपभोक्ताओं को मुफ्त चावल वितरित करने के आदेश जारी हो चुके हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत प्रत्येक यूनिट पर पांच किग्रा नि:शुल्क चावल का वितरण किया जाना है। अभी तक कोटेदारों की दुकानों तक चावल पहुंचाया ही नहीं गया है, तो कैसे हो।
विज्ञापन

जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 1378 कंट्रोल की दुकानें हैं, इनमें अभी तक महज 100 दुकानों पर ही नि:शुल्क वितरण के लिए चावल पहुंचा है।
1278 दुकानें ऐसी हैं, जिनमें अभी तक चावल नहीं पहुंचा है। इधर, जिला आपूर्ति कार्यालय ने कोटेदारों को 22 दिसंबर से वितरित करने का आदेश जारी कर दिया गया है। इस अव्यवस्था से कार्डधारक ही नहीं कोटेदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला खाद्य विपणन अधिकारी अजीत कुमार त्रिपाठी ने बताया कि डोर स्टेप योजना के तहत कोटेदारों की दुकानों पर अभियान चलाकर चावल भेजा जा रहा है। वितरण के लिए 31 दिसंबर की तिथि निश्चित की गई है। एक या दो दिन में कोटे की दुकानों पर चावल पहुंचा दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed