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बारिश में खोद दिया शहर, दो महीने जूझेंगे लोग

Sat, 13 Jul 2019 11:57 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jul 2019 11:57 PM IST
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digged the roads in rainy season
मीराभवन रोड पर दहिलामऊ दक्षिणी नाला निर्माण को पालिका द्वारा की गयी खोदाई। - फोटो : PRATAPGARH
बारिश में खोद दिया शहर, दो महीने जूझेंगे लोग
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नाली, फुटपाथ बनाने के लिए की गई थी खोदाई, समय पूरा होने के बाद भी अधूरा पड़ा है काम
नगर पालिका की लापरवाही के कारण लोगों को घरों से निकलने में भी हो रही है दिक्कत
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। नगर पालिका की लापरवाही के चलते बारिश में शहरियों को दो महीने तक भारी मुसीबत झेलनी पड़ेगी। बारिश के पहले नाली, फुटपाथ और सड़क बनाने के नाम पर पूरा शहर खोद दिया गया। अब बरसात के मौसम में यह काम हो पाना असंभव है। जरा सी बरसात होने पर भी लोगों को जलभराव और कीचड़ से जूझना पड़ रहा है। नाला व सड़क की खुदाई के कारण हर वक्त खतरे की आशंका बनी रहती है।
समय बीता, नहीं बन सका नाला और बदहाल सड़क
बदहाल सुमित्रापुरी रोड के निर्माण के लिए करीब दस माह पहले नगर पालिका ने कवायद शुरू की। आरसीसी सड़क निर्माण के साथ ही दोनों पटरियों पर नाला बनाने का टेंडर निकाला गया। करीब 65 लाख रुपये की लागत से साक्षी कांस्ट्रक्शन कंपनी को निर्माण कार्य का ठेका मिला। बरसात से पहले 29 मई तक सड़क व नाले का निर्माण हो जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। नगर पालिका के अधिकारियों की लापरपाही का खामियाजा अब शहरियों को बरसात में भुगतना पड़ रहा है। समय बीतने के बाद भी निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। सड़क के इर्द गिर्द खुदाई की गई है। अभी नाले का निर्माण चल रहा है। आरसीसी सड़क निर्माण के लिए अभी कार्यदायी संस्था ने हाथ ही नहीं लगाया है।
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पटरी पर नहीं बिछी इंटरलाकिंग
जिलाधिकारी आवास के करीब बीआरजीएफ मद से अंबेडकर चौराहे से लेकर मीराभवन चौराहे तक 1.77 करोड़ रुपये की लागत से पटरी पर इंटरलाकिंग व दोनों ओर नाला बनाने का कार्य सत्येंद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला। निर्माण कार्य का टेंडर लेने के बाद भी कार्यदायी संस्था ने काम प्रारंभ नहीं किया। जबकि मई माह तक इंटरलाकिंग व नाले का निर्माण कार्य हो जाना था। बहुत दबाव के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ। शुरुआत में ही मानक के विपरीत निर्माण होने लगा। जिसका लोगों ने विरोध किया। कुछ सुधार हुआ, लेकिन आगे नाला निर्माण के दौरान फिर घटिया सामग्री प्रयोग की जाने लगी। बरसात के दौरान ही नाला निर्माण के लिए खुदाई कर दी गई। जिससे बरसात का पानी गड्ढे में भरने के बाद लोगों के घरों में घुस गया। अभी तक नाले का ही निर्माण अधूरा पड़ा है। पालिका के अधिकारी केवल कागजी कोरम पूरा कर रहे हैं। निरीक्षण करना भी मुनासिब नहीं समझते।
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बरसात के दौरान खोद दिया नया मालगोदाम रोड
नया मालगोदाम रोड की दशा को संवारने के लिए पश्चिमी सहोदरपुर, सियाराम कालोनी समेत इलाके क े लोगों ने कई बार प्रदर्शन किया। अधिकारियों का घेराव कर समस्या को दूर करने के लिए अपनी आवाज बुलंद की। इसके निर्माण को लेकर नगरपालिका और लोनिवि में भी कुछ दिनों तक तकरार होती रही। अधिकारियों के दबाव में लोनिवि ने लोकसभा चुनाव के पहले टेंडर निकाला। 36.40 लाख रुपये की लागत से बनने वाली सड़क का निर्माण कार्य जून माह में ही पूरा हो जाना था, लेकिन कार्यदायी संस्था पर लोनिवि खंड द्वितीय के अफसर मेहरबान रहे। कीचड़ से सनी सड़क से लोगों का गुजरना दूभर है। चार दिन पहले बरसात के दौरान कार्यदायी संस्था ने जेसीबी लगाकर पूरी सड़क ही खुदवा दी। कुछ स्थानों पर जेएसबी भी गिरा दिया। उधर से गुजरने वाले लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है।
व्यवसाय हो रहा चौपट, घरों में घुस जाता है बरसात का पानी
नगर पालिका के अफसरों की लापरवाही का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। पल्टन बाजार सुमित्रापुरी रोड व नाले का निर्माण समय सीमा से पूरा न हो पाने के कारण दुकानदारों का व्यवसाय पूरी तरह से चौपट हो गया है। बरसात में लोगों के घरों तक पानी घुस गया। जलनिकासी का ठोस प्रबंध न होने का खामियाजा सिलाई की दुकान करने वाले शमीम भाई, किराना व्ययसायी मनोहर भी हलाकान हुए। पटरी दुकानदार तो करीब दो माह से समस्या का सामना कर रहे हैं। कमोबेश यही हाल अंबेडकर चौराहे से लेकर मीराभवन तक बनने वाले नाले व पटरी पर इंटरलाकिंग निर्माण का है। पटरी दुकानदारों की रोजी रोटी छिन गई है। वहीं दुकानदार भी नाला निर्माण की खुदाई से पीड़ित हैं। दुकानों व मकानों के सामने मिट्टी का ढेर लगा दिया है। नाला निर्माण के लिए गहरी खुदाई होने से लोगों को घरों व दुकानों से बाहर निकलने में दिक्कत हो रही है। दुकानदार दिनेश त्रिपाठी हो या मुकेश कुमार सभी कच्छप गति से चल रहे नाला निर्माण से व्यथित हैं। नया माल गोदाम रोड पर भी व्यापारियों का कारोबार पूरी तरह से चौपट हो गया है। अब लोग रास्ता बदलकर आते जाते हैं। कीचड़ से सनी सड़क पर कोई रुकना नहीं चाहता।
‘कौन सी सड़क, कौन सा समय, क्यों बताऊं’
नगर पालिका के अवर अभियंता भी मनमानी पर उतारू हैं। शहर में निर्माण कार्य कराया जा रहा है। यह तो जेई सिविल एसएन सिंह को मालूम है, लेकिन निर्माण कार्य का समय कब पूरा हो रहा है, कौन सी संस्था काम करा रही है, इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। पूछने पर कहते हैं कि कौन सी सड़क, कौन सा समय। फिर बोले, अवकाश हैं क्यों बताऊं।

बरसात के पहले नाला , सडक़ व पटरी पर इंटरलाकिंग निर्माण कार्य पूरा हो जाना था। कुछ विवाद के चलते निर्माण कार्य में अवरोध उत्पन्न हो गया था। जिसके निस्तारण के बाद कार्य फिर से प्रारंभ कराया गया है। काम समय से न पूरा करने पर कार्यदायी संस्था को नोटिस भी दिया गया।
मुदित सिंह, अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका
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