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अधर्मी लंकेश की ढह गई लंका, लगे जयश्रीराम के जयकरे
pratapgarh
Updated Sun, 21 Oct 2018 12:19 AM IST
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प्रतापगढ़। शहर के रामलीला मैदान पर शुक्रवार को भगवान राम और लंकापति रावण के बीच घनघोर युद्ध हुआ। अहंकार में वशीभूत रावण अपनी सेना लेकर युद्ध स्थल पर डटा रहा। उसका अट्ट्हास देख रामदल की सेना चिंतित थी। विभीषण से राज मिलने के बाद भगवान राम ने रावण के नाभि में बाण चलाया। नाभि में बाण लगने से रावण धू-धू कर जलने लगा और पूरा परिसर जयश्रीराम के जयकारे से गुुंजायमान हो उठा। सतरंगी आतिशबाजी से पूरा वातावरण रोशन हो उठा। वैदिक मंत्रों के बीच भगवान राम दरबार की महाआरती हुई।
रामलीला मैदान में शुक्रवार की शाम पांच बजे श्रीरामलीला समिति के अध्यक्ष श्याम शंकर सिंह व मंत्री विपिन गुप्ता सहित पदाधिकारियों की देखरेख में भगवान राम का रथ पहुंचा। मैदान के दूसरे रास्ते से रावण दल का रथ भी युद्ध स्थल पर पहुुुंच गया। इसके बाद हाइड्रोलिक मंच से राम- रावण युद्ध शुरू हुआ। जिसे देखने को भारी भीड़ लगी रही। करीब आधे घंटे दोनों दलों के बीच युद्ध का मंचन हुआ। रामदल की ओर से जयश्रीराम तो रावण दल की ओर जय लंकेश के जयकारे लगने लगे। दोनों दलों की सेना मैदान में डटी रही। इस बीच विभीषण ने भगवान राम के कानों में रावण की मृत्यु के राज को बताया। भगवान राम ने जैसे ही रावण की नाभि में बाण चलाया।
रावण धू- धू कर जलने लगा। यह दृश्य देखकर रामलीला मैदान में जयश्रीराम के नारे लगने लगे। सतरंगी आतिशबाजी के बीच विभिषण का राज्याभिषेक का मंचन हुआ। इसके बाद वैदिकमंत्रों के बीच पूरे विधि- विधान से राम दरबार की महाआरती शुरू हुई। मुख्य अतिथि पूर्व सांसद राजकुमारी रत्ना सिंह, जिलाधिकारी शंभु कुमार, सीडीओ राजकमल यादव, पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा, नपा चेयरमैन प्रेमलता सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश त्रिपाठी, पूर्व विधायक हरिप्रताप सिंह, एडीएम मनोज कुमार, समाजसेवी रोशनलाल ऊमरवैश्य सहित पदाधिकारियों ने बारी- बारी से भगवान राम दरबार की महाआरती की। पूरा वातावरण दशहरे पर्व के हर्षोल्लास से डूबा रहा।
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रामलीला मैदान में शुक्रवार की शाम पांच बजे श्रीरामलीला समिति के अध्यक्ष श्याम शंकर सिंह व मंत्री विपिन गुप्ता सहित पदाधिकारियों की देखरेख में भगवान राम का रथ पहुंचा। मैदान के दूसरे रास्ते से रावण दल का रथ भी युद्ध स्थल पर पहुुुंच गया। इसके बाद हाइड्रोलिक मंच से राम- रावण युद्ध शुरू हुआ। जिसे देखने को भारी भीड़ लगी रही। करीब आधे घंटे दोनों दलों के बीच युद्ध का मंचन हुआ। रामदल की ओर से जयश्रीराम तो रावण दल की ओर जय लंकेश के जयकारे लगने लगे। दोनों दलों की सेना मैदान में डटी रही। इस बीच विभीषण ने भगवान राम के कानों में रावण की मृत्यु के राज को बताया। भगवान राम ने जैसे ही रावण की नाभि में बाण चलाया।
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रावण धू- धू कर जलने लगा। यह दृश्य देखकर रामलीला मैदान में जयश्रीराम के नारे लगने लगे। सतरंगी आतिशबाजी के बीच विभिषण का राज्याभिषेक का मंचन हुआ। इसके बाद वैदिकमंत्रों के बीच पूरे विधि- विधान से राम दरबार की महाआरती शुरू हुई। मुख्य अतिथि पूर्व सांसद राजकुमारी रत्ना सिंह, जिलाधिकारी शंभु कुमार, सीडीओ राजकमल यादव, पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा, नपा चेयरमैन प्रेमलता सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश त्रिपाठी, पूर्व विधायक हरिप्रताप सिंह, एडीएम मनोज कुमार, समाजसेवी रोशनलाल ऊमरवैश्य सहित पदाधिकारियों ने बारी- बारी से भगवान राम दरबार की महाआरती की। पूरा वातावरण दशहरे पर्व के हर्षोल्लास से डूबा रहा।
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