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आजम खां के बयान पर बिफरे लेखपाल
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Wed, 03 Aug 2016 12:22 AM IST
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प्रदर्शन
कैबिनेट मंत्री आजम खां के बयान पर जिले के लेखपालों ने कड़ा विरोध जताया। मंगलवार को तहसील दिवस का बहिष्कार कर लेखपालों ने निंदा प्रस्ताव पास किया। लेखपालों ने संवैधानिक पद पर बैठे ऐसे लोगों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर रोक लगाने की मांग की है।
29 जुलाई को कैबिनेट मंत्री आजम खां ने मुरादाबाद में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि लेखपाल समाज का सबसे गंदा आदमी है। इससे नाराज लेखपालों ने मंगलवार को तहसील दिवस का बहिष्कार कर कैबिनेट मंत्री की आपत्तिजनक टिप्पणी की जमकर आलोचना की। सदर तहसील में एकत्रित हुए लेखपालों ने नारेबाजी करते हुए कड़े शब्दों में उनके बयान की आलोचना की। लेखपालों ने कहा कि जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण इकाई के रूप में गिने जाने वाले लेखपालों के लिए इस तरह घटिया शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इस मौके पर ऐनुल हसन, दूधनाथ, रवि शंकर ओझा, प्रदीप कुमार दूबे, गिरजा शंकर पांडेय, कामता प्रसाद तिवारी, सचिन यादव, विजय शंकर ओझा, रामदीन आदि मौजूद रहे।
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29 जुलाई को कैबिनेट मंत्री आजम खां ने मुरादाबाद में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि लेखपाल समाज का सबसे गंदा आदमी है। इससे नाराज लेखपालों ने मंगलवार को तहसील दिवस का बहिष्कार कर कैबिनेट मंत्री की आपत्तिजनक टिप्पणी की जमकर आलोचना की। सदर तहसील में एकत्रित हुए लेखपालों ने नारेबाजी करते हुए कड़े शब्दों में उनके बयान की आलोचना की। लेखपालों ने कहा कि जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण इकाई के रूप में गिने जाने वाले लेखपालों के लिए इस तरह घटिया शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इस मौके पर ऐनुल हसन, दूधनाथ, रवि शंकर ओझा, प्रदीप कुमार दूबे, गिरजा शंकर पांडेय, कामता प्रसाद तिवारी, सचिन यादव, विजय शंकर ओझा, रामदीन आदि मौजूद रहे।
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