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एक माह में पांच गुना बढ़ी आयुर्वेदिक दवाओं की डिमांड
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प्रतापगढ़। कोरोना संक्रमण के साथ ही लोगों को अपने स्वास्थ्य की चिंता सताने लगी है। केस बढ़ते देख लोग अपनी सेहत सुधारने में लगे हैं। एक माह के भीतर आयुर्वेदिक दवाओं की डिमांड पांच गुना बढ़ गई। लोग कोरोना संक्रमण से बचने के लिए काढ़ा समेत अन्य आयुर्वेदिक दवाओं का प्रयोग कर रहे हैं।
जिले में तीन जनवरी से कोरोना संक्रमण फैलना शुरू हुआ। एक माह के भीतर करीब पांच सौ मरीज सामने आए। हालांकि किसी की मौत नहीं हुई। एक दिन में तीस से अधिक संक्रमित मरीज मिले। ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य की चिंता भी सताने लगी है। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लोग आयुर्वेदिक दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके चलते कई आयुर्वेद की दवाओं की बिक्री बढ़ी है। काढ़े की मांग सबसे ज्यादा है। सर्दी और अन्य तरह की समस्या होने पर लोग काढ़े का सेवन ज्यादा कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण की शुरुआत के बाद से सबसे ज्यादा कोरोनिल किट, गिलोय, जूस, व गिलोय बटी की बिक्री बढ़ी है। दिसंबर माह में आयुर्वेदिक दवाओं की मांग अधिक नहीं थी, मगर जनवरी से अचानक बिक्री में उछाल आ गया।
कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद आयुष काढ़े की मांग काफी ज्यादा है। ज्यादातर लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। जनवरी माह में मांग ज्यादा हुई है। लोगों का आयुर्वेदिक दवाओं पर भरोसा बढ़ा है।
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इरफान अली, मेडिकल स्टोर संचालक
गिलोय पाउडर, टैबलेट, लिक्विड आदि के साथ-साथ इम्युनिटी बढ़ाने के लिए अश्वगंधा व तुलसी की टैबलेट की बिक्री इस समय बढ़ी है। कोरोना की पहली व दूूसरी लहर में आयुर्वेदिक दवाओं का इस्तेमाल लोगों ने खूब किया था।
सुनील कुमार, मेडिकल स्टोर संचालक
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जिले में तीन जनवरी से कोरोना संक्रमण फैलना शुरू हुआ। एक माह के भीतर करीब पांच सौ मरीज सामने आए। हालांकि किसी की मौत नहीं हुई। एक दिन में तीस से अधिक संक्रमित मरीज मिले। ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य की चिंता भी सताने लगी है। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लोग आयुर्वेदिक दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके चलते कई आयुर्वेद की दवाओं की बिक्री बढ़ी है। काढ़े की मांग सबसे ज्यादा है। सर्दी और अन्य तरह की समस्या होने पर लोग काढ़े का सेवन ज्यादा कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण की शुरुआत के बाद से सबसे ज्यादा कोरोनिल किट, गिलोय, जूस, व गिलोय बटी की बिक्री बढ़ी है। दिसंबर माह में आयुर्वेदिक दवाओं की मांग अधिक नहीं थी, मगर जनवरी से अचानक बिक्री में उछाल आ गया।
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कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद आयुष काढ़े की मांग काफी ज्यादा है। ज्यादातर लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। जनवरी माह में मांग ज्यादा हुई है। लोगों का आयुर्वेदिक दवाओं पर भरोसा बढ़ा है।
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गिलोय पाउडर, टैबलेट, लिक्विड आदि के साथ-साथ इम्युनिटी बढ़ाने के लिए अश्वगंधा व तुलसी की टैबलेट की बिक्री इस समय बढ़ी है। कोरोना की पहली व दूूसरी लहर में आयुर्वेदिक दवाओं का इस्तेमाल लोगों ने खूब किया था।
सुनील कुमार, मेडिकल स्टोर संचालक