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संचारी रोग व जल संचयन को निकाली जागरूकता रैली

Sun, 28 Jul 2019 12:12 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jul 2019 12:12 AM IST
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death of cattle
लालगंज के बोधी सिंह का पुरवा प्राथमिक विद्यालय में ग्रामीणों द्वारा किये गये बंद मवेशी। - फोटो : PRATAPGARH
मवेशियों के भूख-प्यास से मरणासन्न होने पर ग्रामीणों ने निकाला बाहर
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तीस घंटे से विद्यालय में बंद थे जानवर, लापरवाह बना रहा प्रशासन
खानापूर्ति को पहुंचे एसडीएम व कोतवाल, एक मवेशी की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
रानीगंज कैथौला। तीस घंटे से प्राथमिक विद्यालय में बंद मवेशियों को भूख प्यास से मरणासन्न देख ग्रामीणों बाहर निकाल दिया। प्रशासन की लापरवाही से भूख प्यास से बेहाल एक मवेशी की विद्यालय परिसर में ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने मवेशियों को विद्यालय से बाहर निकाल दिया तो खानापूर्ति के लिए एसडीएम व कोतवाल पहुंचे। प्रशासन की लापरवाही से ग्रामीणों में भारी रोष है।
लालगंज विकास खंड के अगई गांव में तीन दिनों से ग्रामीणों ने सैकड़ों आवारा मवेशियों को विद्यालय में बंद कर रखा है। खेतों में फसलों को बचाने के लिए गुरुवार की सुबह ग्रामीणों ने मवेशियों को मटियारा प्राथमिक विद्यालय में बंद कर गौशाला में भेजने की मांग पर अड़ गए। प्रशासन ग्रामीणों को झांसा देता रहा, लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी। जिसके चलते विद्यालय में ही मवेशी बंद रहे। गुरुवार की रात संदिग्ध परिस्थिति में विद्यालय की बाउंड्रीवाल व गेट धराशायी हो गया और मवेशी बाहर भाग गए। लेकिन ग्रामीणों ने मवेशियों को खदेडक़र शुक्रवार की सुबह गांव के दूसरे प्राथमिक विद्यालय बोधी सिंह का पुरवा में बंद कर दिया। जानकारी पर लेखपाल व सेक्रेटरी पहुंचे लेकिन ग्रामीण मवेशियों को गौशाला में भेजने की जिद पर अड़े रहे। दोपहर तक बात नहीं बनी तो कर्मचारी भाग खड़े हुए। इसके बाद ग्रामीणों ने विद्यालय के गेट पर ताला जड़ दिया। शनिवार को भी मवेशी विद्यालय में बंद रहे। जानकारी के बाद भी तहसील प्रशासन के अफसर मौके पर नहीं पहुंचे। अफसरों की लापरवाही से लगातार तीस घंटे मवेशी भूख प्यास से मरणासन्न हो गए। एक मवेशी की विद्यालय परिसर में मौत भी हो गई। इसके बाद भी तहसील
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प्रशासन की लापरवाही जस की तस बनी रही। उधर भूख प्यास से बेहाल मवेशी तीस घंटे बाद मरणासन्न होने लगे तो तरस खाकर ग्रामीणों ने शनिवार की दोपहर विद्यालय का गेट खोल उन्हे बाहर निकाल दिया। विद्यालय से मवेशियों को बाहर निकालने के बाद ग्रामीण प्रशासन को कोसते अपने घर चले गए। इसके बाद प्रशासन की नींद टूटी और एसडीएम व कोतवाल खानापूर्ति के लिए विद्यायल पहुंच सके। प्रशासन की लापरवाही से ग्रामीणों में भारी आक्रोश दिखाई दे रहा है।
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दूसरे दिन भी बंद रहा स्कूल, लौट गए नौनिहाल
रानीगंज कैथौला। प्राथमिक विद्यालय बोधी सिंह का पुरवा में मवेशियों को बंद होने नौनिहाल शुक्रवार को कुछ देर पेड़ के नीचे पठन पाठन कर घर चले गए। शनिवार को सुबह शिक्षक व छात्र फिर से पहुंचे तो स्कूल में मवेशी बंद देख वापस लौट जाने में ही भलाई समझी। मवेशियों के बंद रहने से दो दिनों से स्कूल गेट पर ताला जड़ दिया गया था। जिससे यहां पठन पाठन नहीं हो सका।

सीएम के निर्देश की उड़ रही धज्जियां
रानीगंज कैथौला। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आदेश है कि कहीं भी आवारा मवेशी मिले तो जिलाधिकारी से लेकर प्रधान तक जिम्मेदार होंगे। लेकिन यहां तो लापरवाही सिर चढक़र बोल रही है। नवागत एसडीएम से लेकर नायब तहसीलदार व पुलिस अफसर सीएम के आदेश को सीधे ठेंगा दिखा रहे हैं। न तो किसी ने मौके पर जाना जरूरी समझा और न ही वहां पर कोई प्रबंध किया। जिससे विद्यालय में बंद मवेशी भू्रख प्यास से तड़प रहे हैं। कई मवेशी छोटे से परिसर में आपस में लड़ाई कर जख्मी भी हो गए। यहां सीएम का आदेश भी कोई मायने नही रखता है।
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