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विसर्जन के दौरान प्रतिमा के नीचे दबे युवक की डूबने से मौत
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रानीगंज कैथोला में प्रतिमा विसर्जन के दौरान सई में डूबने से मृत अंकुर सिंह। फाइल फोटो
- फोटो : PRATAPGARH
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रानीगंज कैथोला। प्रशासन की लापरवाही के चलते शुक्रवार को लालगंज इलाके के ककरीहा घाट पर विर्सजन के दौरान चार लोग पानी में प्रतिमा के नीचे दब गए। तीन किशोरों को लोगों ने मशक्कत के बाद बाहर निकाल लिया, जबकि एक युवक की मौत हो गई। इकलौते बेटे के मौत की खबर मिलने पर घर में कोहराम मच गया। पुलिस ने पंचायतनामा भरने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के हवाले कर दिया।
लालगंज कोतवाली के कैथोला से शुक्रवार दोपहर दुुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण नाचते-गाते ककरीहा घाट गए थे। प्रशासन की लापरवाही से घाट के किनारे कोई भी अस्थायी तालाब मूर्ति विर्सजन के लिए नहीं बनाया गया था। लोग सई नदी में प्रतिमाओं का विसर्जन कर रहे थे। दुर्गा प्रतिमा लेकर पहुंचे लोग नदी में विसर्जन करने लगे। इस दौरान गांव के आकाश मौर्य (15), अभय मौर्य (17), अनुज सोनी (15) व अंकुर सिंह (24) पानी में प्रतिमा के नीचे दब गए। नजर पड़ने के बाद लोगों ने काफी मशक्कत के बाद नदी में प्रतिमा के नीचे दबे अनुज, अभय व आकाश को बाहर निकाल लिया। अंकुर सिंह के प्रतिमा के नीचे दबे होने की जानकारी नहीं हो सकी। ग्रामीण घर लौट पड़े। रास्ते में जब अंकुर नहीं दिखा तो लोग एक दूसरे से पूछने लगे। बाद में भागकर फिर लोग घाट पर पहुंचे और प्रतिमा के नीचे खोजबीन करने लगे। कुछ देर बाद अंकुर नदी के पानी में प्रतिमा के नीचे डूबा हुआ मिल गया। उसे बाहर निकालने के बाद लोग चिकित्सक के पास ले गए, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही लोग रोने लगे। इकलौते बेटे के मौत की खबर मिलने पर घर में कोहराम मच गया। पुलिस ने पंचायतनामा भरने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के सुपुर्द कर दिया। युवक की मौत से गांव में मातम पसर गया।
बेटे के जिंदा होने के लिए दीपक जलाकर मां करती रही अरदास
इकलौते बेटे अंकुर सिंह की मौत पर उसकी मां विश्वास नहीं कर पा रही थी। शव घर पहुंचते ही वह दहाड़ मारकर रोते हुए बेहोश हो गई। कुछ लोगों के सुझाव पर वह मां दुर्गा की तस्वीर के सामने दीपक जलाकर अरदास करने लगी। करीब बीस घंटे तक मां के सामने बिना खाए पिए बेटे को जिंदा करने के लिए प्रार्थना करती रही। बेटे का वियोग देख हर किसी की आंखों से आंसू गिरते रहे। लोग उसे समझा रहे थे, लेकिन वह वह अपनी जिद पर अड़ी थी। करीब बीस घंटे बाद परिवार के लोग किसी तरह उसे समझाने में कामयाब रहे। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया जा सका।
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विसर्जन के दौरान नदी में डूबने से युवक की मौत
कुंडा। कोतवाली क्षेत्र के अंजनी पुल के पास विजायदशमी के दिन दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक युवक नदी में गिर गया। डूबने से उसकी मौत हो गई।
कोतवाली क्षेत्र के टिकरिया बुजुर्ग निवासी गुड्डू सरोज (26) शुक्रवार को गांव में स्थापित दुर्गा प्रतिमा बकुलाही नदी में विसर्जित करने के लिए अंजनी पुल के पास गया था। लोगों ने मूर्ति पुल से विसर्जित कर दी। इस दौरान गुड्डू सरोज बकुलाही नदी में गिर पड़ा। आसपास ड्यूटी पर तैनात महेशगंज और कुंडा कोतवाली के पुलिसकर्मियों ने नदी में कूदकर उसे बाहर निकाला और इलाज के लिए कुंडा सीएचसी भेजा। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कुंडा कोतवाली पुलिस ने शव का पंचनामा कराने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक गुड्डू सरोज के दो बच्चे हैं।
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लालगंज कोतवाली के कैथोला से शुक्रवार दोपहर दुुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण नाचते-गाते ककरीहा घाट गए थे। प्रशासन की लापरवाही से घाट के किनारे कोई भी अस्थायी तालाब मूर्ति विर्सजन के लिए नहीं बनाया गया था। लोग सई नदी में प्रतिमाओं का विसर्जन कर रहे थे। दुर्गा प्रतिमा लेकर पहुंचे लोग नदी में विसर्जन करने लगे। इस दौरान गांव के आकाश मौर्य (15), अभय मौर्य (17), अनुज सोनी (15) व अंकुर सिंह (24) पानी में प्रतिमा के नीचे दब गए। नजर पड़ने के बाद लोगों ने काफी मशक्कत के बाद नदी में प्रतिमा के नीचे दबे अनुज, अभय व आकाश को बाहर निकाल लिया। अंकुर सिंह के प्रतिमा के नीचे दबे होने की जानकारी नहीं हो सकी। ग्रामीण घर लौट पड़े। रास्ते में जब अंकुर नहीं दिखा तो लोग एक दूसरे से पूछने लगे। बाद में भागकर फिर लोग घाट पर पहुंचे और प्रतिमा के नीचे खोजबीन करने लगे। कुछ देर बाद अंकुर नदी के पानी में प्रतिमा के नीचे डूबा हुआ मिल गया। उसे बाहर निकालने के बाद लोग चिकित्सक के पास ले गए, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही लोग रोने लगे। इकलौते बेटे के मौत की खबर मिलने पर घर में कोहराम मच गया। पुलिस ने पंचायतनामा भरने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के सुपुर्द कर दिया। युवक की मौत से गांव में मातम पसर गया।
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बेटे के जिंदा होने के लिए दीपक जलाकर मां करती रही अरदास
इकलौते बेटे अंकुर सिंह की मौत पर उसकी मां विश्वास नहीं कर पा रही थी। शव घर पहुंचते ही वह दहाड़ मारकर रोते हुए बेहोश हो गई। कुछ लोगों के सुझाव पर वह मां दुर्गा की तस्वीर के सामने दीपक जलाकर अरदास करने लगी। करीब बीस घंटे तक मां के सामने बिना खाए पिए बेटे को जिंदा करने के लिए प्रार्थना करती रही। बेटे का वियोग देख हर किसी की आंखों से आंसू गिरते रहे। लोग उसे समझा रहे थे, लेकिन वह वह अपनी जिद पर अड़ी थी। करीब बीस घंटे बाद परिवार के लोग किसी तरह उसे समझाने में कामयाब रहे। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया जा सका।
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विसर्जन के दौरान नदी में डूबने से युवक की मौत
कुंडा। कोतवाली क्षेत्र के अंजनी पुल के पास विजायदशमी के दिन दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक युवक नदी में गिर गया। डूबने से उसकी मौत हो गई।
कोतवाली क्षेत्र के टिकरिया बुजुर्ग निवासी गुड्डू सरोज (26) शुक्रवार को गांव में स्थापित दुर्गा प्रतिमा बकुलाही नदी में विसर्जित करने के लिए अंजनी पुल के पास गया था। लोगों ने मूर्ति पुल से विसर्जित कर दी। इस दौरान गुड्डू सरोज बकुलाही नदी में गिर पड़ा। आसपास ड्यूटी पर तैनात महेशगंज और कुंडा कोतवाली के पुलिसकर्मियों ने नदी में कूदकर उसे बाहर निकाला और इलाज के लिए कुंडा सीएचसी भेजा। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कुंडा कोतवाली पुलिस ने शव का पंचनामा कराने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक गुड्डू सरोज के दो बच्चे हैं।