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व्यापारियों को 45 दिन में 2.25 अरब का झटका
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dealers blow 2.25 billion in 45 days
- फोटो : PRATAPGARH
लॉकडाउन में व्यापारी असहाय बने हुए हैं। जिले में एकल दुकानों को तो खुलने की छूट मिली है, लेकिन बड़े प्रतिष्ठानों में अभी भी ताला लटक रहा है। जो व्यापारी दुकानें खोल रहे हैं, वह दहशत में हैं। दुकानों को नियमित रूप से खोलने के लिए व्यापारियों ने अफसरों और नेताओं से गुहार लगाई, मगर कोई सुनने को तैयार नहीं है। फिलहाल 45 दिनों से दुकानों में ताला लगने से जिले के व्यापारियों को 2.25 अरब रुपये का झटका लगा है।
ऑरेंज जोन में शामिल बेल्हा के दुकानों को खोलने के लिए चार मई को आदेश जारी हुआ। चार मई को दोपहर बाद एकल दुकानें खुलने का आदेश जारी हुआ। पांच मई को 20 प्रतिशत दुकानें खुली और छह मई को 45 प्रतिशत दुकानें खुलीं। पंजाबी मार्केट, चौक, बाबागंज और सिनेमा रोड की अधिकांश दुकानों में आज भी ताला लटक रहा है। जिला प्रशासन ने एकल दुकानों को खोलने की अनुमति दी है, मगर एकल दुकान की श्रेणी स्पष्ट नहीं होने से व्यापारी आज भी ऊहापोह में हैं।
जिले के रेस्तरां, मालशॉप, कांपलेक्स, इलेक्ट्रानिक, इलेक्ट्रिकल्स, कपड़े की दुकानों में अभी भी ताला लटक रहा है। शहर के फुटकर व्यवसायी जो दुकान खोल रहे हैं, वह भी दहशत में हैं। बाजार में अगर कोई ऊंची आवाज में बोल देता है तो वह दुकान छोड़कर देखने बाहर निकल पड़ते हैं। 45 दिन से बंद दुकानों को खोलने के लिए व्यापारी कभी अफसरों, तो कभी नेताओं से गुहार लगा रहे हैं, मगर कोई सुनने वाला नहीं है। व्यापारियों का कहना है कि सहालग के दिनों में प्रतिदिन लगभग पांच करोड़ रुपये का व्यवसाय होता है। इन 45 दिनों में दुकानें बंद होने से लगभग 2.25 अरब रुपये का नुकसान हुआ है।
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पुलिस से सहमे हैं व्यापारी
शहर और ग्रामीण इलाकों के व्यापारी इन दिनों पुलिस से सहमे हुए हैं। सामाजिक दूरी और मानक की अनदेखी को लेकर पुलिस कब उन पर कार्रवाई कर दे, उन्हें इसका डर सता रहा है।
गड़वारा में नहीं खुल रहीं दुकानें
गड़वारा पुलिस चौकी का खौफ व्यापारियों के सिर चढ़कर बोल रहा है। डीएम ने एकल दुकानों को खोलने का आदेश दिया है, मगर चार दिन बाद भी गड़वारा बाजार की दुकानें दिन में नहीं खुलने पा रही है। बाजार में अभी भी सुबह छह से दस बजे का रोस्टर लागू है। इससे बाजार में दिनभर सन्नाटा पसरा रहता है। हालांकि चौकी इंचार्ज अमरनाथ राय का कहना है कि वह दिन में दुकान खोलने के लिए किसी को मना नहीं कर रहे हैं।
कोरोना वैश्विक महामारी से लड़ने के लिए हम लोग भी साथ खडे़ हैं, कदम-कदम पर जिला प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं। शासन के आदेश के बाद भी दुकानें नहीं खुलने दी जा रही हैं। अधिकारी कहते हैं कि दुकानें खुलें, मगर पुलिस कहती है कि उसके पास लिखित आदेश नहीं आया है। बाजार में पुलिस का पहरा रहता है। इससे जो व्यवसायी दुकानें खोलना चाहते हैं, उनकी भी हिम्मत जवाब दे जा रही है। अधिकारी और नेता व्यापारियों के दर्द को नहीं सुनना चाहते हैं। जिससे छोटे कारोबारियों की जमा पूंजी टूटती जा रही है।
राजेंद्र कुमार केसरवानी, जिलाध्यक्ष, व्यापार मंडल
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ऑरेंज जोन में शामिल बेल्हा के दुकानों को खोलने के लिए चार मई को आदेश जारी हुआ। चार मई को दोपहर बाद एकल दुकानें खुलने का आदेश जारी हुआ। पांच मई को 20 प्रतिशत दुकानें खुली और छह मई को 45 प्रतिशत दुकानें खुलीं। पंजाबी मार्केट, चौक, बाबागंज और सिनेमा रोड की अधिकांश दुकानों में आज भी ताला लटक रहा है। जिला प्रशासन ने एकल दुकानों को खोलने की अनुमति दी है, मगर एकल दुकान की श्रेणी स्पष्ट नहीं होने से व्यापारी आज भी ऊहापोह में हैं।
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जिले के रेस्तरां, मालशॉप, कांपलेक्स, इलेक्ट्रानिक, इलेक्ट्रिकल्स, कपड़े की दुकानों में अभी भी ताला लटक रहा है। शहर के फुटकर व्यवसायी जो दुकान खोल रहे हैं, वह भी दहशत में हैं। बाजार में अगर कोई ऊंची आवाज में बोल देता है तो वह दुकान छोड़कर देखने बाहर निकल पड़ते हैं। 45 दिन से बंद दुकानों को खोलने के लिए व्यापारी कभी अफसरों, तो कभी नेताओं से गुहार लगा रहे हैं, मगर कोई सुनने वाला नहीं है। व्यापारियों का कहना है कि सहालग के दिनों में प्रतिदिन लगभग पांच करोड़ रुपये का व्यवसाय होता है। इन 45 दिनों में दुकानें बंद होने से लगभग 2.25 अरब रुपये का नुकसान हुआ है।
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पुलिस से सहमे हैं व्यापारी
शहर और ग्रामीण इलाकों के व्यापारी इन दिनों पुलिस से सहमे हुए हैं। सामाजिक दूरी और मानक की अनदेखी को लेकर पुलिस कब उन पर कार्रवाई कर दे, उन्हें इसका डर सता रहा है।
गड़वारा में नहीं खुल रहीं दुकानें
गड़वारा पुलिस चौकी का खौफ व्यापारियों के सिर चढ़कर बोल रहा है। डीएम ने एकल दुकानों को खोलने का आदेश दिया है, मगर चार दिन बाद भी गड़वारा बाजार की दुकानें दिन में नहीं खुलने पा रही है। बाजार में अभी भी सुबह छह से दस बजे का रोस्टर लागू है। इससे बाजार में दिनभर सन्नाटा पसरा रहता है। हालांकि चौकी इंचार्ज अमरनाथ राय का कहना है कि वह दिन में दुकान खोलने के लिए किसी को मना नहीं कर रहे हैं।
कोरोना वैश्विक महामारी से लड़ने के लिए हम लोग भी साथ खडे़ हैं, कदम-कदम पर जिला प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं। शासन के आदेश के बाद भी दुकानें नहीं खुलने दी जा रही हैं। अधिकारी कहते हैं कि दुकानें खुलें, मगर पुलिस कहती है कि उसके पास लिखित आदेश नहीं आया है। बाजार में पुलिस का पहरा रहता है। इससे जो व्यवसायी दुकानें खोलना चाहते हैं, उनकी भी हिम्मत जवाब दे जा रही है। अधिकारी और नेता व्यापारियों के दर्द को नहीं सुनना चाहते हैं। जिससे छोटे कारोबारियों की जमा पूंजी टूटती जा रही है।
राजेंद्र कुमार केसरवानी, जिलाध्यक्ष, व्यापार मंडल