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Pratapgarh News: चक्रवाती तूफान ने बरपाया कहर, दो की मौत, कई पेड़ गिरे, बिजली के पोल टूटने से आपूर्ति रही ठप
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रविवार की भोर में चक्रवाती तूफान ने जमकर कहर बरपाया। तूफान के साथ करीब आधे घंटे तक दो मिमी बरसात भी हुई। तूफान से दो लोगों की मौत हो गई। जिले के कई स्थानों पर बिजली के पोल उखड़ गए। कई बड़े पेड़ धाराशायी हो गए। खंभों पर लगे ट्रांसफाॅर्मर भी अलग होकर नीचे गिर पड़े। चक्रवाती तूफान ने दो जिंदगियों को भी निगल लिया। ग्रामीण इलाकों में तूफान का असर तेज रहा। वहीं शहरी क्षेत्रों में भी क्षति हुई।
शहर से लेकर ग्रामीणांचलों में भीषण चक्रवाती तूफान ने लोगों को परेशान किया। जगह-जगह गिरे 500 से अधिक पेड़ गिरने की वजह से सुबह आवागमन बाधित हो गया। वहीं बिजली के 55 पोल और तीन ट्रांसफार्मर गिरने की वजह से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। आपूर्ति बाधित होने के बाद लोगों की नींद खुल गई। बाहर निकले तो तूफान देखने को मिला। सुबह करीब सात बजे के बाद सड़कों पर गिरे पेड़ों काे हटाने का काम शुरू हुआ। देर शाम तक सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने का कार्य जारी रहा।
बिजली विभाग की टीम क्षतिग्रस्त खंभों को सही करने में जुटी रही। तूफान की चपेट में आने से गिरे ट्रांसफाॅर्मरों को मरम्मत के लिए भेजा गया। बिजली मरम्मत कार्य शुरू होने के बावजूद अधिकांश क्षेत्रों में देर शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी। भीषण गर्मी में बिजली कटौती से बेहाल नजर आए। लोगों को पीने के लिए बूंद भर पानी भी नसीब नहीं हो सका। मामला संज्ञान में आने पर जिला प्रशासन के आदेश शहरी इलाकों में 10 टैंकर पानी की आपूर्ति कराई गई। नगर पंचायतों में भी पानी की आपूर्ति के लिए टैंकर भेजे गए। चक्रवात प्रभावी इलाकों में देर शाम आम जन जीवन अस्त व्यस्त रहा। बारिश होने से प्रयागराज अयोध्या राजमार्ग पर जलभराव रहा।
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इनसेट
दो की मौत, महिला समेत तीन घायल
लीलापुर थाना क्षेत्र के पूरे नेवल निवासी धनपति देवी (70) रविवार की रात छप्पर में सो रही थीं। भोर में करीब तीन तेज तूफान आने पर छप्पर धाराशायी होकर मलबे में तब्दील हो गया। परिजन मलबे से वृद्धा को निकालकर ट्राॅमा सेंटर लालगंज पहुंचे। इलाज के दौरान वृद्धा की मौत हो गई। इधर, रानीगंज के तेजा का पुरवा में सुबह भोर में आम बीनने गए बच्चा पटेल (45) करंट की चपेट आ गए। तूफान के कारण बाग में बिजली का तार टूटकर गिर गया। आम बीनने के समय वह तार के पास पहुंच गए। करंट लगने से ग्रामीण की मौत हो गई। विकासखंड मंगरौरा के धरौली मुफरीद में चक्रवात आने से उड़ा टिन का पतरा सावित्री (52) के सिर पर लग गया। ज्योति गुप्ता (32), माधुरी (38) के सिर पर पतरे से चोट लगी। सुबह तीनों को सीएचसी ले जाया गया। उधर, आसपुर देवसरा के पिपरी मुतकपुर निवासी रामकिशोर पाल ने भैंस को बाहर पीपल के पेड़ से बांध दिया था। भोर में तूफान की चपेट में आने से पेड़ धाराशायी होकर गिर गया। पीपल पेड़ के नीचे दबने मवेशी की मौत हो गई। देहात कोतवाली क्षेत्र के पूरे मुस्तफा खां निवासी सीताराम का छप्पर गिर गया। छप्पर में दबकर दो बकरियां मर गईं। ग्राम प्रधान ने पीड़ित को राहत सामग्री दी।
चक्रवाती तूफान से आम को नुकसान
चक्रवाती तूफान से कुंडा, मानिकपुर, पट्टी और लालगंज इलाके में आम के बागानों का काफी नुकसान हुआ है। उद्यान विभाग नुकसान का आकलन करने में जुटा हुआ है। फल पट्टी के रूप में चिह्नित कुंडा और मानिकपुर इलाके में आए चक्रवाती तूफान से आम बागान को काफी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में फल गिरने से सुबह लोग समेटने में जुटे रहे। बागों में आम पकने शुरू हो गए हैं, ऐसे में बाग की रखवाली करने वाले किसान जल्द ही तोड़ने में लगे रहे। मगर रविवार की सुबह आए चक्रवात में भारी नुकसान हुआ है। जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि चक्रवात से आम के फसलों को अधिक नुकसान पहुंचा है। क्षति का आकलन करने के लिए सोमवार को टीम भेजी जाएगी। फिलहाल 100 क्विंटल के करीब आम की क्षति का अनुमान है।
किसानों के लिए बारिश फायदेमंद
खरीफ की फसलों की तैयारी करने वाले किसानों के बारिश अच्छी मानी जा रही है। गेहूं की कटाई के बाद खेतों की जुताई नहीं हुई थी। बरसात से खेतों को मिली नमी से अब जुताई आसान होगी। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि बारिश किसानों के लिए फायदेमंद है। खेतों की जुताई करके किसान खरीफ के फसलों की तैयारी करेंगे और धान की नर्सरी डालना आसान हो जाएगा।
सभी लेखपालों को चक्रवाती तूफान से नुकसान का आकलन करने का आदेश दिया गया है। राजस्व कर्मियों की रिपोर्ट आने के बाद पीड़ितों को राहत प्रदान की जाएगी। पेयजल आपूर्ति के लिए टैंकर उपलब्ध करा दिए गए हैं। रास्तों में गिरे पेड़ों को हटाकर आवागमन शुरू कराया गया है। बिजली आपूर्ति भी बहाल करने का आदेश दिया गया है।
- त्रिभुवन विश्वकर्मा, एडीएम।
चक्रवात का निर्माण कम दबाव वाले क्षेत्रों में होता है। जिस स्थान पर चक्रवात आता है, उसकी संवेदनशीलता चक्रवात की स्थलाकृति, तीव्रता और आवृत्ति पर निर्भर करती है। चक्रवात का प्रमुख कारण आसपास स्थित समुद्र की सतह पर पर्याप्त मात्रा में तापमान का गर्म होना और वातावरण में अस्थिरता है। समुद्र का पानी अधिक वाष्पित होने के कारण बादल बन जाते हैं। इसी वजह से रविवार की भोर में आए चक्रवात के साथ करीब आधे घंटे तक बारिश भी हुई।
प्रो. अखिलेश पांडेय, भूगोलवेत्ता, प्राचार्य पीजी कॉलेज पट्टी।
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शहर से लेकर ग्रामीणांचलों में भीषण चक्रवाती तूफान ने लोगों को परेशान किया। जगह-जगह गिरे 500 से अधिक पेड़ गिरने की वजह से सुबह आवागमन बाधित हो गया। वहीं बिजली के 55 पोल और तीन ट्रांसफार्मर गिरने की वजह से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। आपूर्ति बाधित होने के बाद लोगों की नींद खुल गई। बाहर निकले तो तूफान देखने को मिला। सुबह करीब सात बजे के बाद सड़कों पर गिरे पेड़ों काे हटाने का काम शुरू हुआ। देर शाम तक सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने का कार्य जारी रहा।
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बिजली विभाग की टीम क्षतिग्रस्त खंभों को सही करने में जुटी रही। तूफान की चपेट में आने से गिरे ट्रांसफाॅर्मरों को मरम्मत के लिए भेजा गया। बिजली मरम्मत कार्य शुरू होने के बावजूद अधिकांश क्षेत्रों में देर शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी। भीषण गर्मी में बिजली कटौती से बेहाल नजर आए। लोगों को पीने के लिए बूंद भर पानी भी नसीब नहीं हो सका। मामला संज्ञान में आने पर जिला प्रशासन के आदेश शहरी इलाकों में 10 टैंकर पानी की आपूर्ति कराई गई। नगर पंचायतों में भी पानी की आपूर्ति के लिए टैंकर भेजे गए। चक्रवात प्रभावी इलाकों में देर शाम आम जन जीवन अस्त व्यस्त रहा। बारिश होने से प्रयागराज अयोध्या राजमार्ग पर जलभराव रहा।
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दो की मौत, महिला समेत तीन घायल
लीलापुर थाना क्षेत्र के पूरे नेवल निवासी धनपति देवी (70) रविवार की रात छप्पर में सो रही थीं। भोर में करीब तीन तेज तूफान आने पर छप्पर धाराशायी होकर मलबे में तब्दील हो गया। परिजन मलबे से वृद्धा को निकालकर ट्राॅमा सेंटर लालगंज पहुंचे। इलाज के दौरान वृद्धा की मौत हो गई। इधर, रानीगंज के तेजा का पुरवा में सुबह भोर में आम बीनने गए बच्चा पटेल (45) करंट की चपेट आ गए। तूफान के कारण बाग में बिजली का तार टूटकर गिर गया। आम बीनने के समय वह तार के पास पहुंच गए। करंट लगने से ग्रामीण की मौत हो गई। विकासखंड मंगरौरा के धरौली मुफरीद में चक्रवात आने से उड़ा टिन का पतरा सावित्री (52) के सिर पर लग गया। ज्योति गुप्ता (32), माधुरी (38) के सिर पर पतरे से चोट लगी। सुबह तीनों को सीएचसी ले जाया गया। उधर, आसपुर देवसरा के पिपरी मुतकपुर निवासी रामकिशोर पाल ने भैंस को बाहर पीपल के पेड़ से बांध दिया था। भोर में तूफान की चपेट में आने से पेड़ धाराशायी होकर गिर गया। पीपल पेड़ के नीचे दबने मवेशी की मौत हो गई। देहात कोतवाली क्षेत्र के पूरे मुस्तफा खां निवासी सीताराम का छप्पर गिर गया। छप्पर में दबकर दो बकरियां मर गईं। ग्राम प्रधान ने पीड़ित को राहत सामग्री दी।
चक्रवाती तूफान से आम को नुकसान
चक्रवाती तूफान से कुंडा, मानिकपुर, पट्टी और लालगंज इलाके में आम के बागानों का काफी नुकसान हुआ है। उद्यान विभाग नुकसान का आकलन करने में जुटा हुआ है। फल पट्टी के रूप में चिह्नित कुंडा और मानिकपुर इलाके में आए चक्रवाती तूफान से आम बागान को काफी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में फल गिरने से सुबह लोग समेटने में जुटे रहे। बागों में आम पकने शुरू हो गए हैं, ऐसे में बाग की रखवाली करने वाले किसान जल्द ही तोड़ने में लगे रहे। मगर रविवार की सुबह आए चक्रवात में भारी नुकसान हुआ है। जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि चक्रवात से आम के फसलों को अधिक नुकसान पहुंचा है। क्षति का आकलन करने के लिए सोमवार को टीम भेजी जाएगी। फिलहाल 100 क्विंटल के करीब आम की क्षति का अनुमान है।
किसानों के लिए बारिश फायदेमंद
खरीफ की फसलों की तैयारी करने वाले किसानों के बारिश अच्छी मानी जा रही है। गेहूं की कटाई के बाद खेतों की जुताई नहीं हुई थी। बरसात से खेतों को मिली नमी से अब जुताई आसान होगी। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि बारिश किसानों के लिए फायदेमंद है। खेतों की जुताई करके किसान खरीफ के फसलों की तैयारी करेंगे और धान की नर्सरी डालना आसान हो जाएगा।
सभी लेखपालों को चक्रवाती तूफान से नुकसान का आकलन करने का आदेश दिया गया है। राजस्व कर्मियों की रिपोर्ट आने के बाद पीड़ितों को राहत प्रदान की जाएगी। पेयजल आपूर्ति के लिए टैंकर उपलब्ध करा दिए गए हैं। रास्तों में गिरे पेड़ों को हटाकर आवागमन शुरू कराया गया है। बिजली आपूर्ति भी बहाल करने का आदेश दिया गया है।
- त्रिभुवन विश्वकर्मा, एडीएम।
चक्रवात का निर्माण कम दबाव वाले क्षेत्रों में होता है। जिस स्थान पर चक्रवात आता है, उसकी संवेदनशीलता चक्रवात की स्थलाकृति, तीव्रता और आवृत्ति पर निर्भर करती है। चक्रवात का प्रमुख कारण आसपास स्थित समुद्र की सतह पर पर्याप्त मात्रा में तापमान का गर्म होना और वातावरण में अस्थिरता है। समुद्र का पानी अधिक वाष्पित होने के कारण बादल बन जाते हैं। इसी वजह से रविवार की भोर में आए चक्रवात के साथ करीब आधे घंटे तक बारिश भी हुई।
प्रो. अखिलेश पांडेय, भूगोलवेत्ता, प्राचार्य पीजी कॉलेज पट्टी।