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विवाहिता की मौत, पति समेत चार पर मुकदमा

Fri, 16 Dec 2016 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूूराे प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूूराे प्रतापगढ़ Updated Fri, 16 Dec 2016 11:44 PM IST
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संदिग्ध परिस्थितियों में आग से जली विवाहिता की अस्पताल में मौत हो गई। शव घर पहुंचा तो मायकेवालों ने पति समेत चार लोगों पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारीे की मांग को लेकर शव पीएम के लिए जाने से रोक दिया। चार घंटे की मानमनौवल और पति की गिरफ्तारी के बाद पुलिस शव को कब्जे में ले सकी। इसको लेकर कई घंटे तक गांव में अफरातफरी            मची रही।

जेठवारा थाना क्षेत्र के कुटिलिया निवासी रामविशाल मिश्र की बेटी आशा (28) की शादी लालगंज के तिना गिरधर सहाय के शक्तिधर मिश्रा के साथ हुई थी। शादी के बाद ससुरालीजनों से आए दिन हो रहे विवाद के चलते आशा सगरासुंदरपुर बाजार में बेटी कामना (5) व बेटा विश्वनाथ (1) को लेकर रहने लगी। बताया जाता है कि गुरुवार को किसी बात को लेकर आशा की ससुरालवालाें से कहासुनी हो गई। इसके कुछ देर बाद वह घर के भीतर ही संदिग्ध परिस्थिति में आग से झुलस गई। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन देर रात उसकी इलाज के दौरान सांसें थम गईं। उसकी मौत की जानकारी हुई तो मायकेवाले तिना पहुंच गए। शुक्रवार की सुबह जब उसका पति विवाहिता का शव लेकर घर पहुंचा तो मायके पक्ष के लोगों को देखकर वह भाग निकला। इस बीच मायके पक्ष के कई लोग तिना पहुंच गए और विवाहिता को जलाकर मार डालने का आरोप लगाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर हंगामा करने लगे। सूचना पर पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेजने की बात कहते ही मायके पक्ष के लोग भड़क गए। सभी विवाहिता के शव को घेर कर बैठ गए और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार करने व अनाथ बच्चों की देखभाल के लिए मुआवजा की मांग करने लगे।
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उनका कहना था कि जब तक मांग पूरी नही की जाती तब तक वे शव को पीएम के लिए नहीं जाने देंगे। पुलिस ने मृतका के भाई शिवकांत की तहरीर पर पति शक्तिधर मिश्र, देवर दुर्गेश मिश्र, ससुर परसुराम मिश्र व ननद आकांक्षा के खिलाफ हत्या के आरोप में केस दर्ज कर फरार पति को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद भी अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी व मुआवजा की मांग पूरी होने तक शव को पुलिस के कब्जे में देने के लिए परिजन तैयार नहीं हुए। बाद में रिश्तेदाराें व गांव वालों के समझाने बुझाने पर चार घंटे बाद दोपहर करीब एक बजे शव पुलिस पीएम के लिए जिला अस्पताल भेज सकी। तब जाकर गांव में माहौल शांत े  हो सका।
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