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प्रशासन ने नहीं होने दिया भंडारा

Sun, 01 Oct 2017 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Sun, 01 Oct 2017 11:48 PM IST
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bhandara not organized in shekhpur aasiq village
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ - फोटो : pratapgarah
अनुमति न लेने के कारण प्रशासन ने तमाम बंदिशें लगाते हुए आखिरकार दूसरे वर्ष भी मोहर्रम के दिन शेखपुर आशिक में भंडारा नहीं होने दिया। भंडारा रोकने के लिए प्रशासन ने मंदिर पर पहरा बैठाने के साथ ही पूर्व मंत्री राजाभैया के पिता उदयप्रताप सिंह को भी हाउस अरेस्ट कर लिया। मंदिर पहुंचने वाले हर रास्ते पर नाकेबंदी कर दी गई। भंडारा न होने पर ताजिया का जुलूस निकला। शेखपुर में ताजिया उठने की सूचना मिलने के बाद इलाके के अन्य स्थानों से भी ताजिये उठाए गए।  
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कुंडा कोतवाली के शेखपुर आशिक स्थित हनुमान मंदिर पर मोहर्रम के दिन होने वाले भंडारे को रोकने के लिए प्रशासन ने पूरी जान लगा दी। पूर्व से ही इसकी तैयारी की जा रही थी। 2016 में हाईकोर्ट से भंडारे के लिए मांगी गई अनुमति को निस्तारित करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट को भेजा गया था। जिला मजिस्ट्रेट ने इसे एसडीएम कुंडा के पास भेज दिया। एसडीएम कुंडा ने सांप्रदायिक सौहार्द्र का हवाला देते हुए 30 सितंबर से 16 नवंबर तक के लिए भंडारे को निषिद्ध घोषित कर दिया था। इतना होने के बाद भी प्रशासन को भंडारा न होने का विश्वास नहीं हुआ। इसके चलते पुलिस प्रशासन राजा उदयप्रताप के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर चालान करता रहा। वहीं तहसील प्रशासन ने सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगडने का हवाला देते हुए पूर्व मंत्री राजाभैया के पिता उदय प्रताप सिंह को उनके आवासीय परिसर से बाहर निकलने पर रोक लगा दी। यही नहीं, उनकी कोठी के चारों तरफ पुलिस का पहरा बैठा दिया गया। 2017 में नवरात्र के पहले से ही भंडारा किए जाने की पूरी संभावना जताई जा रही थी। प्रशासन भी इस बात को समझ रहा था। इसके चलते बार-बार बैठकें की जा रही थीं। अंतिम पीस कमेटी की बैठक में अनुमति लेने के लिए जिलाधिकारी ने स्वयं कहा। बावजूद इसके अनुमति नहंीं ली गई। इसके चलते प्रशासन सख्त हुआ और  मंदिर पर पहरा बैठा दिया गया। इसके साथ ही शनिवार की रात 10 बजे से रविवार की शाम सात बजे तक के लिए उदय प्रताप सिंह को हाउस अरेस्ट कर दिया गया। इसके साथ ही उनकी कोठी के चारों तरफ पुलिस का पहरा बैठा दिया गया। इसका असर यह रहा कि भंडारा नहीं हुआ और शेखपुर से ताजिया निकाला गया। इस ताजिया के उठने के बाद कुंडा क्षेत्र के सभी ताजिए उठे और मातम के साथ कर्बला की तरफ रवाना हो गए। जिलाधिकारी व एसपी लगातार मानीटरिंग करते रहे।  
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