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ददुआ के भतीजे का टिकट कटने से गरमाई पट्टी की सियासत
अमर उजाला ब्यूूराे प्रतापगढ़
Updated Wed, 28 Dec 2016 11:56 PM IST
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समाजवादी पार्टी
- फोटो : अमर उजाला
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दस्यु सरगना ददुआ के भतीजे और पट्टी से सपा विधायक राम सिंह का बुधवार को प्रदेश नेतृत्व ने टिकट काट दिया। सियासी गलियारे इसे लेकर तरह-तरह की चर्चा है। शीर्ष नेतृत्व ने उनके स्थान पर सपा जिलाध्यक्ष भैयाराम पटेल को पट्टी से प्रत्याशी बनाया है। कुछ दिनों पहले हाईकोर्ट के फैसले से रामसिंह की विधानसभा की सदस्यता चली गई थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट से उन्हें राहत मिली थी।
पट्टी विधायक रामसिंह को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का करीबी माना जाता है। बुधवार को पार्टी हाईकमान ने प्रत्याशियों के नाम का एलान किया गया। जिसमे सीटिंग विधायक रामसिंह का टिकट काट दिया गया। उनकी जगह पर सपा जिलाध्यक्ष भैयाराम पटेल को पट्टी से प्रत्याशी घोषित किया गया। सपा नेतृत्व के इस फैसले की खबर मिलने के बाद बेल्हा का सियासी पारा अचानक चढ़ गया। हर दल इसे अपने राजनैतिक चश्मे से देखने लगे। पट्टी विधानसभा की सियासत में खलबली मची है। बता दें कि पूर्व मंत्री मोती सिंह की रिट पर 9 सितंबर को हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए रामसिंह की विधानसभा की सदस्यता रद्द कर दी थी। बाद में वह सुप्रीमकोर्ट की शरण में गए। जहां सुनवाई के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता बहाल कर दी गई थी। फिलहाल सपा मुखिया के इस फैसले के बाद बेल्हा का सियासी पारा गरमा गया है।
राम सिंह का टिकट कटने की बात उनके समर्थकों के गले नहीं उतर रही है।
दरअसल, ददुआ के परिवार को मुलायम सिंह का काफी करीबी माना जाता है। राम सिंह के पिता बाल कुमार पटेल खुद पट्टी से विधानसभा चुनाव लड़ चुके ह्रैं। इसके अलावा वह सपा के टिकट पर ही मिर्जापुर से सांसद बने थे। खुद ददुआ का बेटा वीर सिंह पटेल कर्वी से विधायक है। सीटिंग विधायक होने के कारण समर्थकों को भी राम सिंह का टिकट इस तरह अचानक कटने की बात समझ में नहीं आ रही है। फिलहाल, पार्टी नेतृत्व के इस फैसले ने राम सिंह के विरोधियों की राह आसान कर दी है। सपा जिलाध्यक्ष भइयाराम पटेल काफी दिनों से पट्टी से टिकट को लेकर लखनऊ की परिक्रमा कर रहे थे। माना जा रहा है कि राम सिंह के विरोधियों से उनकी जुगलबंदी भी काम आई।
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पट्टी विधायक रामसिंह को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का करीबी माना जाता है। बुधवार को पार्टी हाईकमान ने प्रत्याशियों के नाम का एलान किया गया। जिसमे सीटिंग विधायक रामसिंह का टिकट काट दिया गया। उनकी जगह पर सपा जिलाध्यक्ष भैयाराम पटेल को पट्टी से प्रत्याशी घोषित किया गया। सपा नेतृत्व के इस फैसले की खबर मिलने के बाद बेल्हा का सियासी पारा अचानक चढ़ गया। हर दल इसे अपने राजनैतिक चश्मे से देखने लगे। पट्टी विधानसभा की सियासत में खलबली मची है। बता दें कि पूर्व मंत्री मोती सिंह की रिट पर 9 सितंबर को हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए रामसिंह की विधानसभा की सदस्यता रद्द कर दी थी। बाद में वह सुप्रीमकोर्ट की शरण में गए। जहां सुनवाई के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता बहाल कर दी गई थी। फिलहाल सपा मुखिया के इस फैसले के बाद बेल्हा का सियासी पारा गरमा गया है।
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राम सिंह का टिकट कटने की बात उनके समर्थकों के गले नहीं उतर रही है।
दरअसल, ददुआ के परिवार को मुलायम सिंह का काफी करीबी माना जाता है। राम सिंह के पिता बाल कुमार पटेल खुद पट्टी से विधानसभा चुनाव लड़ चुके ह्रैं। इसके अलावा वह सपा के टिकट पर ही मिर्जापुर से सांसद बने थे। खुद ददुआ का बेटा वीर सिंह पटेल कर्वी से विधायक है। सीटिंग विधायक होने के कारण समर्थकों को भी राम सिंह का टिकट इस तरह अचानक कटने की बात समझ में नहीं आ रही है। फिलहाल, पार्टी नेतृत्व के इस फैसले ने राम सिंह के विरोधियों की राह आसान कर दी है। सपा जिलाध्यक्ष भइयाराम पटेल काफी दिनों से पट्टी से टिकट को लेकर लखनऊ की परिक्रमा कर रहे थे। माना जा रहा है कि राम सिंह के विरोधियों से उनकी जुगलबंदी भी काम आई।
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