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बरसात में रेल भवनों ने दिया जवाब
pratpgarh
Updated Tue, 04 Sep 2018 11:53 PM IST
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कंप्यूटर को पानी से बचाता रेल कर्मी।
- फोटो : pratapgarh
बरसात में रेल भवनों ने जवाब दे दिया है। तीन दिनों से हो रही बरसात से रेलवे के कार्यालयों व कैंटीन की छतों ने जवाब दे दिया है। सबसे बुरा हाल आरक्षण काउंटर का है। जहां लिपिक छाता लगाकर टिकट निकाल रहे हैं। समस्याओं के बावजूद रेल विभाग निर्माण खंड के अफसर गहरी निंद्रा में सोए हुए हैं।
तीन दिनों से लगातार बरसात हो रही है। इसका असर सरकारी कार्यालयों में देखने को मिल रहा है। बरसात में सरकारी संस्थानों की छतें टपक रहीं हैं। जिला अस्पताल व महिला अस्पताल के भवनों से पानी टपक रहा है। रेलवे कालोनी में रहने वाले कर्मचारियों का भी बुरा हाल है। लगातार उनकी छतों से पानी टपक रहा है। मंगलवार को आरक्षण काउंटर कार्यालय में कर्मचारियों की समस्या देखते बनी। काउंटर पर काम करने वाले लिपिकों को यह भय सता रहा था कि कहीं छत से टपक रहा बरसात का पानी कंप्यूटर को खराब न कर दे। ऐसे में लिपिक के काम करने के दौरान दूसरे कर्मचारी छाता लगाए रहते हैं। यहां तक कि रात में कार्यालय बंद होने के दौरान कंप्यूटर व प्रिंटर को प्लास्टिक से ढक दिया जाता है। ताकि पानी कहीं से न घुस जाए। सुबह ड्यूटी पर आने के बाद कर्मचारी प्लास्टिक हटाकर सफाई करते हैं। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर रेलवे की कैंटीन है। बरसात में कैंटीन के भवन की समस्या देखते ही बन रही है। लगातार कैंटीन व रसोईघर में बरसात का पानी टपक रहा है। इससे काम करने में असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा कोचिंग डिपो अधिकारी कार्यालय का भवन भी लगातार बरसात में टपकता रहता है। जिससे कर्मचारियों को तमाम दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा रेल विभाग के दूसरे कार्यालय में भी पानी टपकता रहता है। अभिलेखों को बचाने में कर्मचारियों को समय गंवाना पड़ता है। स्टेशन अधीक्षक त्रिभुवन मिश्रा ने बताया कि छतों से पानी टपकने के मामले में निर्माण इकाई को मरम्मत के लिए पत्र भेजा गया है।
अभिलेखों को लेकर चिंतित रहते हैं कर्मचारी
रेल विभाग के कार्यालयों की दशा से कर्मचारियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी अभिलेखों को सुरक्षित रखने के लिए आलमारी इधर से उधर करते रहते हैं ताकि छतों से टपकने वाले पानी से अभिलेखों का कोई नुकसान न हो।
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मुसाफिरखाना की स्थिति बद से बदतर
बरसात में रेल विभाग के भवनों ने निर्माण विभाग की कलई खोलकर रख दी है। हर साल भवनों की मरम्मत कराया जाता है ताकि कर्मचारियों व मुसाफिरों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न उठानी पड़े। बरसात के चलते मुसाफिरखाने की छत लगातार टपक रही है। बरसात के पानी से हर ओर किच-किच नजर आता है। इससे रात में ट्रेन का इंतजार करने वाले मुसाफिरों को इधर उधर रात जागकर गुजारनी पड़ती है। रात में मवेशी मुसाफिरखाने को अपना अड्डा बना लेते हैं।
कर्मचारियों के परिजनों को रात जागकर पड़ता है गुजारना
रेलवे में कार्यरत कर्मचारियों का परिवार बरसात के दिनों में क्वार्टर की छतों के टपकने से परेशान रहता है। घरेलू सामान जहां भीगकर खराब हो जाते हैं। वहीं कभी-कभी परिवार के लोगों को रात जागकर गुजारना पड़ता है। यह समस्या नए व पुराने दोनों रेलवे क्वार्टरों के हैं। कर्मचारियों की समस्याओं को शिकायत के बाद भी संबंधित विभागीय अफसर दूर नहीं करते।
प्लेटफार्म पर बन रहा यात्री शेड
प्रतापगढ़। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो व तीन पर मंगलवार को यात्री टीनशेड का निर्माण होता रहा। प्लेटफार्म पर तीन नए यात्रियों के बैठने के लिए टीनशेड का निर्माण जेसीबी के सहयोग से होता रहा। इससे अभी तक बरसात में भीगने के लिए मजबूर यात्रियों को राहत मिलेगी। बतादें कि गत दिनों सांसद हरिवंश सिंह ने रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने के बाद यात्री सुविधाओं में बरती जा रही लापरवाही पर नाराजगी जताई थी। सांसद की नाराजगी के बाद संबंधित अधिकारी यात्रियों की सुविधाओं वाले कार्यों में तेजी लाएं हैं।
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तीन दिनों से लगातार बरसात हो रही है। इसका असर सरकारी कार्यालयों में देखने को मिल रहा है। बरसात में सरकारी संस्थानों की छतें टपक रहीं हैं। जिला अस्पताल व महिला अस्पताल के भवनों से पानी टपक रहा है। रेलवे कालोनी में रहने वाले कर्मचारियों का भी बुरा हाल है। लगातार उनकी छतों से पानी टपक रहा है। मंगलवार को आरक्षण काउंटर कार्यालय में कर्मचारियों की समस्या देखते बनी। काउंटर पर काम करने वाले लिपिकों को यह भय सता रहा था कि कहीं छत से टपक रहा बरसात का पानी कंप्यूटर को खराब न कर दे। ऐसे में लिपिक के काम करने के दौरान दूसरे कर्मचारी छाता लगाए रहते हैं। यहां तक कि रात में कार्यालय बंद होने के दौरान कंप्यूटर व प्रिंटर को प्लास्टिक से ढक दिया जाता है। ताकि पानी कहीं से न घुस जाए। सुबह ड्यूटी पर आने के बाद कर्मचारी प्लास्टिक हटाकर सफाई करते हैं। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर रेलवे की कैंटीन है। बरसात में कैंटीन के भवन की समस्या देखते ही बन रही है। लगातार कैंटीन व रसोईघर में बरसात का पानी टपक रहा है। इससे काम करने में असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा कोचिंग डिपो अधिकारी कार्यालय का भवन भी लगातार बरसात में टपकता रहता है। जिससे कर्मचारियों को तमाम दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा रेल विभाग के दूसरे कार्यालय में भी पानी टपकता रहता है। अभिलेखों को बचाने में कर्मचारियों को समय गंवाना पड़ता है। स्टेशन अधीक्षक त्रिभुवन मिश्रा ने बताया कि छतों से पानी टपकने के मामले में निर्माण इकाई को मरम्मत के लिए पत्र भेजा गया है।
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अभिलेखों को लेकर चिंतित रहते हैं कर्मचारी
रेल विभाग के कार्यालयों की दशा से कर्मचारियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी अभिलेखों को सुरक्षित रखने के लिए आलमारी इधर से उधर करते रहते हैं ताकि छतों से टपकने वाले पानी से अभिलेखों का कोई नुकसान न हो।
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मुसाफिरखाना की स्थिति बद से बदतर
बरसात में रेल विभाग के भवनों ने निर्माण विभाग की कलई खोलकर रख दी है। हर साल भवनों की मरम्मत कराया जाता है ताकि कर्मचारियों व मुसाफिरों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न उठानी पड़े। बरसात के चलते मुसाफिरखाने की छत लगातार टपक रही है। बरसात के पानी से हर ओर किच-किच नजर आता है। इससे रात में ट्रेन का इंतजार करने वाले मुसाफिरों को इधर उधर रात जागकर गुजारनी पड़ती है। रात में मवेशी मुसाफिरखाने को अपना अड्डा बना लेते हैं।
कर्मचारियों के परिजनों को रात जागकर पड़ता है गुजारना
रेलवे में कार्यरत कर्मचारियों का परिवार बरसात के दिनों में क्वार्टर की छतों के टपकने से परेशान रहता है। घरेलू सामान जहां भीगकर खराब हो जाते हैं। वहीं कभी-कभी परिवार के लोगों को रात जागकर गुजारना पड़ता है। यह समस्या नए व पुराने दोनों रेलवे क्वार्टरों के हैं। कर्मचारियों की समस्याओं को शिकायत के बाद भी संबंधित विभागीय अफसर दूर नहीं करते।
प्लेटफार्म पर बन रहा यात्री शेड
प्रतापगढ़। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो व तीन पर मंगलवार को यात्री टीनशेड का निर्माण होता रहा। प्लेटफार्म पर तीन नए यात्रियों के बैठने के लिए टीनशेड का निर्माण जेसीबी के सहयोग से होता रहा। इससे अभी तक बरसात में भीगने के लिए मजबूर यात्रियों को राहत मिलेगी। बतादें कि गत दिनों सांसद हरिवंश सिंह ने रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने के बाद यात्री सुविधाओं में बरती जा रही लापरवाही पर नाराजगी जताई थी। सांसद की नाराजगी के बाद संबंधित अधिकारी यात्रियों की सुविधाओं वाले कार्यों में तेजी लाएं हैं।