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श्यामबिहारी बाजार में कारोबारियों में झड़प
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 03 Mar 2016 11:35 PM IST
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आल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के आह्वान पर गुरुवार को ज्वेलरी की दुकानों को बंद कर कारोबारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बंदी कराने पहुंचे कारोबारियों से श्याम बिहारी मार्केट में तकरार भी हुई। हंगामे की खबर पर पहुंची पुलिस ने सभी को शांत कराया।
केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर गुरुवार को सर्राफा कारोबारी अपने प्रतिष्ठान बंद कर विरोध जताते हुए नारेबाजी किए। सर्राफा एसोसिएशन का आरोप था कि केंद्र सरकार सोने के आभूषणों पर एक प्रतिशत उत्पाद शुल्क लगा रही है। बंदी के समर्थन में संगठन के पदाधिकारी व अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी भी शामिल हुए। बंदी का समर्थन कर रहे सर्राफों को जानकारी मिली कि श्यामबिहारी मार्केट में दुकानें खुली हुई हैं।
इस पर वे दुकानें बंद कराने के लिए मार्केट में पहुंच गए। कारोबारियों की भीड़ देख अधिकांश लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। कुछ लोग दुकानें नहीं बंद कर रहे थे। उनसे हड़ताल का समर्थन करने वाले सर्राफों से तकरार होने लगी। हंगामे की खबर मिलने पर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने कहा कि कोई भी दुकान जोर जबरदस्ती नहीं बंद कराई जाएगी।
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हालांकि बड़े कारोबारियों के हस्तक्षेप पर विवाद शांत हो गया। बाद में एक बैठक के दौरान तय हुआ कि 4 व 5 मार्च को सभी दुकानें बंदकर विरोध जताया जाएगा। इस मौके पर अमर केसरवानी, राजेंद्र केसरवानी, बद्री केसरवानी, सुभाष सोनी, सजनलाल सोनी, प्रेमचंद्र सोनी, राहुल केसरवानी, ओम प्रकाश, रामजी प्रहलाद खंडेलवाल, शिवराम सोनी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर गुरुवार को सर्राफा कारोबारी अपने प्रतिष्ठान बंद कर विरोध जताते हुए नारेबाजी किए। सर्राफा एसोसिएशन का आरोप था कि केंद्र सरकार सोने के आभूषणों पर एक प्रतिशत उत्पाद शुल्क लगा रही है। बंदी के समर्थन में संगठन के पदाधिकारी व अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी भी शामिल हुए। बंदी का समर्थन कर रहे सर्राफों को जानकारी मिली कि श्यामबिहारी मार्केट में दुकानें खुली हुई हैं।
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इस पर वे दुकानें बंद कराने के लिए मार्केट में पहुंच गए। कारोबारियों की भीड़ देख अधिकांश लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। कुछ लोग दुकानें नहीं बंद कर रहे थे। उनसे हड़ताल का समर्थन करने वाले सर्राफों से तकरार होने लगी। हंगामे की खबर मिलने पर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने कहा कि कोई भी दुकान जोर जबरदस्ती नहीं बंद कराई जाएगी।
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हालांकि बड़े कारोबारियों के हस्तक्षेप पर विवाद शांत हो गया। बाद में एक बैठक के दौरान तय हुआ कि 4 व 5 मार्च को सभी दुकानें बंदकर विरोध जताया जाएगा। इस मौके पर अमर केसरवानी, राजेंद्र केसरवानी, बद्री केसरवानी, सुभाष सोनी, सजनलाल सोनी, प्रेमचंद्र सोनी, राहुल केसरवानी, ओम प्रकाश, रामजी प्रहलाद खंडेलवाल, शिवराम सोनी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।