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आशनाई में मारा गया था व्यापारी रंगलाल

Tue, 01 Nov 2016 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़। Updated Tue, 01 Nov 2016 11:40 PM IST
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murdered to businessma involve in love
न्‍यूूज
चिलबिला के व्यापारी रंगलाल जायसवाल की हत्या के खुलासे का दावा करते हुए राजकीय रेलवे पुलिस ने मंगलवार को मृतक के पड़ोसी दो युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि तीसरा आरोपी फरार है। हत्या में आरोपी बनाए गए तीन लोगों में से दो सगे भाई और तीसरा उनकी बुआ का लड़का है। रंगलाल की हत्या आशनाई के फेर में हुई। मोबाइल से इस पूरे राज का पर्दाफाश हुआ। पुलिस का दावा है कि पकड़े गए दोनों आरोपियों ने चाकू, पेचकस, लाठी और सरिया से रंगलाल को मौत के घाट उतारा था। हालांकि जीआरपी के इस खुलासे पर कई सवाल भ्‍ाी उठाए जा रहे हैं।
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26 अक्तूबर की रात को चिलबिला के व्यापारी रंगलाल जायसवाल की हत्या कर उसका शव चिलबिला रेलवे लाइन पर फेंककर हत्यारे फरार हो गए थे। रंगलाल के पुत्र सचिन की तहरीर पर जीआरपी में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। मंगलवार को जीआरपी ने मामले के खुलासे का दावा करते हुए रंगलाल के पड़ोसी हरिश्याम श्रीवास्तव के पुत्र सूरज, रतन श्रीवास्तव और इनके बुआ के लड़के मिथुन श्रीवास्तव निवासी नेवादा, बाघराय को आरोपी बताया। एसओ जीआरपी वीके सिंह ने बताया कि दो भ्‍ााइयों में रतन बड़ा और सूरज छोटा है। दोनों नेे मिथुन के साथ मिलकर रंगलाल की हत्या की थी। वजह आशनाई रही। सूरज का मोहल्ले की ही एक महिला से अवैध संबंध था। पुलिस के मुताबिक इसकी जानकारी पर रंगलाल भी महिला के पीछे पड़ गया। वह महिला से मुलाकात कराने के लिए सूरज को ब्लैकमेल करने लगा। इस पर सूरज ने उसकी हत्या की साजिश रचनी शुरू कर दी। उसने इस साजिश में बड़े भाई रतन और बुआ के लड़के मिथुन को शामिल कर लिया। 26 अक्तूबर को सूरज ने रंगलाल से महिला को मिलाने का वादा मोबाइल पर किया। उसे रेलवे लाइन के किनारे बुलाया। एसओ ने बताया कि रंगलाल रेलवे लाइन पर पहुंचा तभी पीछे से सूरज ने उसके सिर पर डंडे से प्रहार कर दिया। रंगलाल सिर पकड़कर जमीन पर बैठ गया। झाड़ियों में पहले से छिपे मिथुन, रतन के साथ मिलकर सूरज ने रंगलाल की हत्या कर दी। हत्या में प्रयुक्त चाकू, पेचकस, लाठी, सरिया लेकर रतन गोड़ें की तरफ भाग निकला। उधर सूरज और मिथुन लाश रेलवे लाइन पर फेंककर भाग निकले।
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एसओ ने बताया कि सूरज के साथ-साथ मिथुन और रतन का भी उस महिला के घर आना-जाना था। महिला का पति चाय की दुकान चलाता है। एसओ के मुताबिक महिला के साथ तीनों के नाजायज संबंध थे। पुलिस ने बताया कि सूरज और मिथुन को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि रतन फरार है। रंगलाल के मोबाइल की कॉल डिटेल से जीआरपी हत्यारों तक पहुंच पाई।
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सीआरओ के ड्राइवर के पुत्रआरोपी सगे भाई सूरज और रतन हरिश्याम श्रीवास्तव के पुत्र हैं। एसओ वीके सिंह ने बताया कि हरिश्याम सीआरओ के ड्राइवर हैं। सूरज स्नातक की पढ़ाई कर रहा है। जबकि रतन घर पर रहता है। मिथुन इन्हीं के घर पर रहता था।

महिला के पति से हुई पूछताछ
जीआरपी ने महिला के पति को थाने पर बुलाकर लंबी पूछताछ की। चाय की दुकान लगाने वाले इस व्यक्ति ने रंगलाल की हत्या और ऐसी किसी भी साजिश में होने से इंकार किया है। जबकि इसके पांच वर्ष के पुत्र ने पूछताछ में भोलेपन से ही चारों के घर आने और बातचीत करने की बात पुलिस से कही।


पांच साल के बच्चे ने खोला हत्या का राज
इस पूरे मामले का राज पांच साल के बच्चे ने खोला। मोहल्ले की जिस महिला के यहां सूरज और उसके भाइयों का आना-जाना था, उस महिला के पांच साल के बच्चे ने हत्या का राज खोला। पुलिस की पूछताछ मेें उसने सारे सवालों का जवाब दिया। उसने पुलिस को बताया कि सूरज, मिथुन और रतन के साथ रंगलाल भी उसके घर आता था। ये लोग उसकी मां से काफी देर तक बात करते थे। चाय, नाश्ता करते और जाते समय उसको पैसा भी देकर जाते थे। जिस दिन घटना हुई उस दिन सूरज, रतन और मिथुन ने मिलकर रंगलाल को मारा। पुलिस का मानना है कि मोबाइल कॉल डिटेल के बाद पांच साल के बच्चे का बयान इस मामले में अहम साक्ष्य हैं।
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