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जेल से छूटे युवक को सरेराह दौड़ाकर मार डाला
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sat, 07 Mar 2015 10:34 PM IST
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पांच दिन पहले जेल से छूटे युवक को गांव के ही कुछ लोगों ने काम पर जाते समय दौड़ा लिया। इस दौरान उसे लाठी डंडाें से पीटने के बाद धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। थोड़ी देर बाद परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो वे मौके की ओर दौड़े लेकिन उनकी चीख पुकार पर भी गांव का कोई व्यक्ति डर के मारे सामने नहीं आया। युवक की पत्नी ने गांव के ही चार लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है।
महेशगंज थाना क्षेत्र के सराय खानदेव गांव निवासी संतोष (38) पुत्र जगबंधन राजमिस्त्री है। वह शनिवार सुबह आठ बजे बाइक से कहीं जाने के लिए निकला। करीब आधा किमी दूर दया का पुरवा के नहर पुल के पास पहुंचा था तभी गांव के ही कुछ लोगों ने उसे खदेड़ लिया और लाठी, डंडे चापड़ से हमला बोल दिया। हड़बड़ाहट में संतोष बाइक से नीचे गिर गया और हमलावरों ने घेरकर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ उस पर वार शुरू कर दिए। डर के मारे गांव के लोग उसके पास तक नहीं गए। जानकारी होने पर उसकी पत्नी छोटकी, बेटी विनीता और बेटा अनुज मौके पर पहुंचे। वे हमलावरों के सामने चीत्कार करने लगे लेकिन कोई उनकी सुनने को तैयार नहीं था।
इस पर अनुज भागकर गांव के ओम प्रकाश के घर पहुंचा। ओम प्रकाश के मौके पर आने पर हमलावर चले गए। परिजनों ने घायल को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया लेकिन उसकी मौत हो गई। सूचना पर महेशगंज पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पत्नी छोटकी देवी की तहरीर पर पुलिस ने कोटेदार कमलेश गुप्ता व उसके पुत्र रामजी, देशराज, चंद्रेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोपी कोटेदार परिवार सहित घर से फरार हो गया है।
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दिसंबर में ही इस दुश्मनी की नींव पड़ गई थी। कोटेदार कमलेश गुप्ता को दिसंबर में उनकी राइसमिल पर पहुंचकर गोली मारी गई थी। उस मामले में पुलिस को संतोष की भूमिका रेकी करने वाले के रूप में मिली थी। इसके चलते उसे जेल भेज दिया गया था।
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महेशगंज थाना क्षेत्र के सराय खानदेव गांव निवासी संतोष (38) पुत्र जगबंधन राजमिस्त्री है। वह शनिवार सुबह आठ बजे बाइक से कहीं जाने के लिए निकला। करीब आधा किमी दूर दया का पुरवा के नहर पुल के पास पहुंचा था तभी गांव के ही कुछ लोगों ने उसे खदेड़ लिया और लाठी, डंडे चापड़ से हमला बोल दिया। हड़बड़ाहट में संतोष बाइक से नीचे गिर गया और हमलावरों ने घेरकर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ उस पर वार शुरू कर दिए। डर के मारे गांव के लोग उसके पास तक नहीं गए। जानकारी होने पर उसकी पत्नी छोटकी, बेटी विनीता और बेटा अनुज मौके पर पहुंचे। वे हमलावरों के सामने चीत्कार करने लगे लेकिन कोई उनकी सुनने को तैयार नहीं था।
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इस पर अनुज भागकर गांव के ओम प्रकाश के घर पहुंचा। ओम प्रकाश के मौके पर आने पर हमलावर चले गए। परिजनों ने घायल को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया लेकिन उसकी मौत हो गई। सूचना पर महेशगंज पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पत्नी छोटकी देवी की तहरीर पर पुलिस ने कोटेदार कमलेश गुप्ता व उसके पुत्र रामजी, देशराज, चंद्रेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोपी कोटेदार परिवार सहित घर से फरार हो गया है।
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दिसंबर में ही इस दुश्मनी की नींव पड़ गई थी। कोटेदार कमलेश गुप्ता को दिसंबर में उनकी राइसमिल पर पहुंचकर गोली मारी गई थी। उस मामले में पुलिस को संतोष की भूमिका रेकी करने वाले के रूप में मिली थी। इसके चलते उसे जेल भेज दिया गया था।