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कर्मचारियों के बयान ने अफसरों को उलझाया
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 31 Mar 2016 11:59 PM IST
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एआरटीओ कार्यालय में कर्मचारी को गोली मारकर 22 लाख लूटने की घटना की छानबीन के दौरान पुलिस अधिकारियों को कर्मचारियों के बयान ने उलझा दिया। जिससे पुलिस तो करीब दो घंटे तक असमंजस में दिखी। पूछताछ के दौरान सभी का बयान अलग-अलग ही रहा। कैशियर से अफसरों ने घटना का डेमो भी कराया। लुटेरों ने कर्मचारी को गोली मारकर 22 लाख रुपये लूट लिए। यह खबर मिलते ही कुछ ही देर में पुलिस अधिकारियों का जमघट लग गया। घटना की सिलसिलेवार जानकारी ली जाने लगी। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों से पुलिस अफसरों ने अलग-अलग बयान लिया। जिसमें विरोधाभास की बातें सामने आईं।
कोई कहता रहा कि भाग रहे बदमाशों के हाथ में बैग था तो कोई बताता कि बैग नहीं था। वे खाली हाथ भागे हैं। लुटेरों की संख्या को लेकर भी कर्मचारी कुछ दूसरी बातें ही करते रहे। जबकि कार्यालय के बाहर मौजूद लोगों की मानें तो लुटेरों की संख्या महज दो ही थी। भागते समय पीछा करने वाले भी उनकी संख्या दो ही बता रहे हैं। मैरिज हाल के निर्माण में लगे मजदूर भी कुछ सही जानकारी नहीं दे पा रहे थे। इस दौरान सीओ सिटी ने कैशियर से डेमो भी कराया। वह बैग स्वीपर के हाथ में होने की बात कह रहा था। जबकि स्वीपर बैग कैशियर के हाथ में होने की बात करता रहा। अंधाधुंध फायरिंग की बात तो सबने बताई, लेकिन एक भी खोखा मौके पर नहीं मिला। इससे अंदाजा लगा कि लुटेरों ने रिवाल्वर का प्रयोग घटना में किया है।
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कोई कहता रहा कि भाग रहे बदमाशों के हाथ में बैग था तो कोई बताता कि बैग नहीं था। वे खाली हाथ भागे हैं। लुटेरों की संख्या को लेकर भी कर्मचारी कुछ दूसरी बातें ही करते रहे। जबकि कार्यालय के बाहर मौजूद लोगों की मानें तो लुटेरों की संख्या महज दो ही थी। भागते समय पीछा करने वाले भी उनकी संख्या दो ही बता रहे हैं। मैरिज हाल के निर्माण में लगे मजदूर भी कुछ सही जानकारी नहीं दे पा रहे थे। इस दौरान सीओ सिटी ने कैशियर से डेमो भी कराया। वह बैग स्वीपर के हाथ में होने की बात कह रहा था। जबकि स्वीपर बैग कैशियर के हाथ में होने की बात करता रहा। अंधाधुंध फायरिंग की बात तो सबने बताई, लेकिन एक भी खोखा मौके पर नहीं मिला। इससे अंदाजा लगा कि लुटेरों ने रिवाल्वर का प्रयोग घटना में किया है।
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