फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   ruckus over death of constable wife in hospital

इलाज के दौरान सिपाही की पत्नी की मौत

Sun, 13 Aug 2017 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Updated Sun, 13 Aug 2017 12:40 AM IST
विज्ञापन
जिला अस्पताल में शनिवार तड़के इलाज के दौरान सिपाही की पत्नी की मौत हो गई। इसकी जानकारी होने पर परिवारीजन डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। स्टाफ नर्स के समझाने पर लोग माने और शव को लेकर घर चले गए।
विज्ञापन


इलाहाबाद जनपद के विनौती गांव निवासी सिपाही शैलेंद्र की पत्नी सरिता (25) को पथरी की शिकायत थी। इन दिनों शैलेंद्र की तैनाती अमेठी जनपद में है। 8 अगस्त को डॉक्टर एसी त्रिपाठी ने सरिता को सर्जिकल वार्ड में भर्ती कर लिया।  दो दिन बाद ऑपरेशन किया। परिजनों की मानी जाए तो ऑपरेशन के बाद सरिता की ब्लीडिंग बंद नहीं हो रही थी। इससे परिजन परेशान हो गए। इसकी जानकारी डॉक्टर को दी। बताते हैं कि डॉक्टर एसी त्रिपाठी ने पुन: सरिता का ऑपरेशन किया। शनिवार भोर में सरिता की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस पर परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। शैलेंद्र का आरोप था कि ऑपरेशन के पहले चिकित्सकों ने यह नहीं बताया था कि सरिता को ब्लड की भी जरूरत पड़ सकती है और कौन से ग्रुप का ब्लड उसके शरीर में है। ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों ने किसी नस को काट दिया था। जिसके वजह से ब्लड नहीं बंद हो रहा था। जबकि डॉक्टर इस बात से इनकार कर रहे हैं। इस मामले मेें जानकारी लेने के लिए सीएमएस डा. प्रेममोहन गुप्ता को फोन किया गया, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया। वहीं आपरेशन करने चिकित्सक ने भी फोन रिसीव नहीं किया।
विज्ञापन


सरिता के आपरेशन के बाद उसकी हालत बिगड़ने पर डाक्टरों ने खून की मांग की। उसका पति शैलेंद्र खून के लिए जिला अस्पताल में स्थित ब्लडबैंक से लेकर सुल्तानपुर और इलाहाबाद तक चक्कर लगा आया, लेकिन कहीं भी उसे ब्लड नहीं मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन

दो दिनों पहले ही जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में काफी संख्या में भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने रक्तदान किया था। रक्तदान शिविर का उद्घाटन करने के लिए जनपद की प्रभारी मंत्री स्वाती सिंह भी आई थीं। उन्होंने जिला अस्पताल में यह भी कहा था कि भाजपा की सरकार में अब किसी की भी जान खून के अभाव में नहीं जाएगी। इतनी संख्या में भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने रक्तदान कर दिया है और काफी संख्या में लोगों ने रक्तदान करने के लिए अपना पंजीयन भी कराया है। जरूरत पड़ते ही तत्काल ब्लड की व्यवस्था जरूरतमंदों को हो जाएगी। मगर उनका यह बयान सरिता के किसी मतलब का नहीं निकला। खून के अभाव और चिकित्सकों की लापरवाही की चलते आखिरकर सिपाही की पत्नी सरिता की जान चली ही गई।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed