फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   jail news

पीएसी हटते ही बंदियों तक पहुंचने लगती है सुविधा

Sat, 07 May 2016 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Sat, 07 May 2016 11:52 PM IST
विज्ञापन
jail news
जेल - फोटो : demo pics
जेल में आए दिन हो रहे बवाल को देखते हुए शासन ने कारागार के बाहर पीएसी तैनात करने का आदेश दिया है। इस आदेश के बाद पहले तो बंदियों को कुछ दिन परेशान होना पड़ा। दिन में मिलने वाली बंदियों की सुविधाएं बंद हो गई, लेकिन शाम को पीएसी के हटते ही बंदियों तक सारी सुविधाएं पहुंचने लगती है। इसके एवज में बंदीरक्षक बंदियों से मेहनताना भी वसूलते हैं।
विज्ञापन


जिला कारागार हमेशा सुर्ख्यों में रहता है। चाहे वह बंदियों के बीच मारपीट का मामला हो या फिर जेल के भीतर प्रतिबंधित सामग्री बरामद होने का। जेल मेें निरीक्षण के दौरान प्रतिबंधित सामग्री मिलने व जेल प्रशासन की कारगुजारी की शिकायत अधिकारी बराबर शासन से करते रहते हैं। हाल ही में हुई घटनाओें को देखते हुए रिपोर्ट मिलने पर उच्च अधिकारियोें के आदेश पर जेल गेट पर पीएसी तैनात कर दी गई। जो दिनभर आने-जाने वाले लोगों पर निगाह रखने के साथ ही मुलाकात करने वालों के सामानों की जांच पड़ताल भी करती है। खास बात यह है कि शाम को पीएसी हटा ली जाती है।
विज्ञापन


सूत्रों की की मानें तो पीएसी के हटते ही बंदियों को प्रतिबंधित सामग्री जेल के भीतर भेजने के लिए उनके करीबी मंडराने लगते हैं। जेल के भीतर से बंदी भी बंदीरक्षकों पर बराबर दबाव बनाते रहते हैं। अंधेरे में छोटे गेट के रास्ते प्रतिबंधित सामग्री बंदियों तक पहुंचाई जाती है। इसके एवज में बंदीरक्षक की जेब गर्म होती है। यह कोई एक दिन की बात नहीं है। अंधेरा होते ही हर दिन बंदियों को प्रतिबंधित सामग्री भेजने वालों का तांता लग जाता है। प्रतिबंधित सामग्री जेल के भीतर पहुंचने के बाद बंदियों की महफिल सजती है। जिस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed