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कब्र खोदकर निकाल ले गए वृद्धा का सिर
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Tue, 26 Sep 2017 11:20 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
- फोटो : pratapgarah
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बकुलाही नदी के किनारे पुरानी कब्र खोदकर वृद्धा का सिर काटकर अज्ञात लोग उठा ले गए। इस बात की जानकारी मिलने पर इलाके में दहशत फैल गई। मौके पर पहुंची पुलिस पड़ताल करने के बाद लौट गई। परिवार के लोग भी घटना से दंग हैं। आसपास के गांव के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। पुलिस इसे किसी तांत्रिक की करतूत बता रही है।
मानधाता थाना क्षेत्र के रामनगर भटपुरवा निवासी प्रभु देवी का निधन बीमारी के कारण जनवरी 2016 में हो गया था। परिवार के लोगों ने बकुलाही नदी के करीब पंपिगसेट के बगल बाग में शव दफनाया था। उनके निधन से तीन साल पहले उसके पति नन्हकूराम साहू की मौत हुई थी। परिवार के लोगों ने उसे भी बाग में ही दफनाया था। मंगलवार को प्रभु देवी की बड़ी बहू शांति देवी अपनी बेटी रागिनी के साथ पंपिगसेट चलाने गई। पाइप फैलाने के दौरान रागिनी की नजर दादी के कब्र पर पड़ी। करीब से देखा तो दंग रह गई। कब्र के बाहर मिट्टी निकाली गई थी। बांस भी बाहर फेंका था। कब्र के सिराहने की तरफ करीब पांच-छह फिट का गड्ढा खोदा गया था। इस बात की जानकारी परिवार के अन्य लोगों को दी। गांव के लोगों के साथ परिजन कब्र पर पहुंचे। देखा तो नरकंकाल में तब्दील प्रभु देवी का सिर वाला हिस्सा गायब था। कब्र से वृद्धा का सिर काटने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मानें तो प्रभु देवी के नरकंकाल से सिर वाला हिस्सा गायब था। जिसे अज्ञात लोग काटकर उठा ले गए थे। घटना की खबर मिलने पर एसओ मानधाता मौके पर पहुंचे। परिवार के लोगों के अलावा पड़ोसियों से पूछताछ करने के बाद नरकंकाल के अवशेष को फिर से दफना दिया। एसओ ने बताया कि यह हरकत किसी तांत्रिक की लगती है। उसकी तलाश की जा रही है।
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मानधाता थाना क्षेत्र के रामनगर भटपुरवा निवासी प्रभु देवी का निधन बीमारी के कारण जनवरी 2016 में हो गया था। परिवार के लोगों ने बकुलाही नदी के करीब पंपिगसेट के बगल बाग में शव दफनाया था। उनके निधन से तीन साल पहले उसके पति नन्हकूराम साहू की मौत हुई थी। परिवार के लोगों ने उसे भी बाग में ही दफनाया था। मंगलवार को प्रभु देवी की बड़ी बहू शांति देवी अपनी बेटी रागिनी के साथ पंपिगसेट चलाने गई। पाइप फैलाने के दौरान रागिनी की नजर दादी के कब्र पर पड़ी। करीब से देखा तो दंग रह गई। कब्र के बाहर मिट्टी निकाली गई थी। बांस भी बाहर फेंका था। कब्र के सिराहने की तरफ करीब पांच-छह फिट का गड्ढा खोदा गया था। इस बात की जानकारी परिवार के अन्य लोगों को दी। गांव के लोगों के साथ परिजन कब्र पर पहुंचे। देखा तो नरकंकाल में तब्दील प्रभु देवी का सिर वाला हिस्सा गायब था। कब्र से वृद्धा का सिर काटने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मानें तो प्रभु देवी के नरकंकाल से सिर वाला हिस्सा गायब था। जिसे अज्ञात लोग काटकर उठा ले गए थे। घटना की खबर मिलने पर एसओ मानधाता मौके पर पहुंचे। परिवार के लोगों के अलावा पड़ोसियों से पूछताछ करने के बाद नरकंकाल के अवशेष को फिर से दफना दिया। एसओ ने बताया कि यह हरकत किसी तांत्रिक की लगती है। उसकी तलाश की जा रही है।
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