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शार्ट सर्किट से लगी आग, तीन दुकानें राख

Tue, 27 Mar 2018 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Updated Tue, 27 Mar 2018 12:18 AM IST
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शहर के चौक घंटाघर के करीब बाटा वाली गली में रविवार की रात शार्ट सर्किट से आग लग गई। इससे एक सराफा व दो रजाई-गद्दे की दुकानें जलकर राख हो गईं। सराफा की दुकान में रखा गैस सिलेंडर फट गया। जिससे भगदड़ मच गई। हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। तीन घंटे की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया गया। आग में तीनों दुकानों में लाखों रुपये के सामान जलकर राख हो गए। उधर, चिलबिला जंगल में भी आग लगने से सैकड़ों पेड़ जल गए।
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नगर कोतवाली के बाटा वाली गली में मोहम्मद अहमद की सराफा की दुकान है। वह आभूषण बनाने के साथ ही बेचते हैं। बगल में मोहम्मद उमर और राहत अली की रजाई-गद्दे की दुकानें हैं। रविवार की शाम तीनों अपनी दुकानें बंद कर घर चले गए। रात लगभग दो बजे अचानक शार्ट सर्किट से दुकानों में आग लग गई। भीतर से धुएं के गुबार के साथ लपटें उठने लगीं। यह देख लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने तत्काल फायरब्रिगेड को सूचना दी। फायरब्रिगेड पहुंचने से पहले अहमद की दुकान में रखे गैस सिलेंडर में आग लग गई।
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इससे सिलेंडर फट गया। विस्फोट होने के बाद वहां भगदड़ मच गई। इस बीच कोतवाली पुलिस भी पहुंच गई। चौक इलाके की बिजली कटवाने के बाद फायरब्रिगेड आग बुझाने में जुट गई। तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद फायरब्रिगेड ने किसी तरह आग पर काबू पाया। इस दौरान आसपास के लोग भी फायरबिगेड की मदद करने के लिए भागदौड़ करते रहे। गली में स्थित दुकानों की आग बुझाने में फायरब्रिगेड को अलग से व्यवस्था करनी पड़ी। फिलहाल आग बुझने के बाद आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली। सराफ व रूई की दुकानों को मिलाकर लगभग 10 लाख से अधिक रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
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दूसरी घटना में नगर कोतवाली के चिलबिला जंगल में सोमवार दोपहर दो बजे अचानक आग लग गई। आग की लपटें तेज हवाओं के कारण जंगल में फैलने लगी। सूखे पत्तों के सहारे आगे बढ़ रही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आसपास के लोग आग बुझाने का प्रयास करते रहे लेकिन काबू नहीं पा सके। फायरब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर दो घंटे बाद काबू पाया। आग बुझाने के लिए चार टैंकर पानी ले जाया गया। आग पर काबू पाने से आश्रम के लोगों के अलावा स्कूल संचालक ने राहत की सांस ली। इस दौरान शीशम, नीम समेत सैकड़ों जंगली पेड़ जलकर राख हो गए।

सिलेंडर फटने से दरक गईं आसपास की दीवारें
चौक घंटाघर की बाटा वाली गली में स्थित तीन दुकानों में लगी आग बुझाने में फायरब्रिगेड को खासी मशक्कत का सामना करना पड़ा। संसाधन होने के बावजूद कर्मचारियों की कमी से विभाग को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। सराफ की दुकान में रखा गैस सिलेंडर फटने से गहरी नींद में सो रहे लोग जग गए। दुकान की दीवारें दरक गईं और आसपास के मकानों की दीवारों में दरार पड़ गई। सोमवार की सुबह लोग अपना जला सामान व दुकान देख रोते बिलखते रहे। सबसे अधिक समस्या रूई की दुकान चलाने वाले उमर व राहत को हुई। उन लोगों ने हाल ही में सहालग में रजाई गद्दा बेचने के लिए रूई व कपड़े खरीदकर दुकान में रखे थे।

दिन में हो सकता था बड़ा हादसा
बाटा वाली गली में लगी व गैस सिलेंडर फटने के बावजूद आसपास के दूसरे दुकानदार व मकान वाले बच गए। लोग इस बात की चर्चा करते रहे कि यदि दिन में आग लगी होती तो काबू पाने में मशक्कत होती। गैस सिलेंडर विस्फोट होने के बाद आसपास से गुजरने व दुकान में रहने वाले लोगों की जान भी जा सकती थी। जिससे बड़ा हादसा हो जाता। आग बुझाने में दमकल विभाग को 6 टैंकर पानी खर्च करना पड़ा।


पिछले साल लगी थी सांईं दाता आश्रम में आग
चिलबिला के जंगल में सांईं दाता का आश्रम है। पिछले साल गर्मी के दिनों में जंगल में लगी आग ने आश्रम के आशियाने व दूसरे सामान जलाकर राख कर दिया था। सोमवार को जंगल में आग लगी तो आश्रम में रहने वाले लोग अलर्ट हो गए। वे आग बुझाने के लिए प्रयास करने लगे। हालांकि आश्रम से काफी पहले ही आग पर काबू पा लिया गया।
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