{"_id":"5761a00a4f1c1b481e11b902","slug":"do-ko-jail-bheja","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोटेदार हत्याकांड में पूर्व प्रधान समेत दो गए जेल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कोटेदार हत्याकांड में पूर्व प्रधान समेत दो गए जेल
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 16 Jun 2016 12:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थाना क्षेत्र के कुंभापुर गांव में बीते एक वर्ष पूर्व कोटेदार की हत्या के मामले में पुलिस ने बुधवार को दो हत्यारोपियों को दबोच कर जेल भेज दिया। गौरतलब है कि बीते वर्ष 17 जून को गांव के कोटेदार रमेश वर्मा की जहर देकर हत्या की गई थी। मृतक का शव बाबा धाम के सई नदी किनारे संदिग्ध दशा में बरामद हुआ था। रमेश की मौत के पहले गांव के पूर्व प्रधान शंकरदास जायसवाल पर उसे फोनकर कहीं बुलाए जाने की बात भी सामने आई थी। घटना को लेकर मृतक के भाई सुरेश ने पूर्व प्रधान शंकरदास समेत परिवार के छह लोगाें के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। घटना को लेकर बाजार में ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया था और मृतक की पत्नी गीता देवी के साथ बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीणों ने सांगीपुर लालगंज हाइवे पर कई घंटे शव रखकर जाम भी लगा दिया था।
मंगलवार को बाबा धाम में मेला होने के नाते दर्शनार्थियों की भी क्षेत्र के अगल बगल से भारी भीड़ वहां जमा हो गई थी। कोटेदार की हत्या से गुस्साए लोगों ने आरोपियों के घर पत्थरबाजी भी की थी। तब वहां स्थिति बिगड़ने पर तत्कालीन एएसपी एवं सीओ के साथ सर्किल के कई थानों की फोर्स व पीएसी ने किसी तरह हालात पर काबू पाया था। मृतक रमेश वर्मा की मौत जहर देकर होने की बात एफआईआर में होने से पुलिस ने शव का पीएम कराया था। पीएम के बाद बिसरा सुरक्षित कर लखनऊ अनुसंधान केन्द्र परीक्षण के लिए भी पुलिस ने भेजवाया था। बिसरा में अनुसंधान केन्द्र द्वारा परीक्षण के तहत जहर की पुष्टि हो गई। रिपोर्ट आने के बाद सांगीपुर पुलिस ने बुधवार की सुबह हत्यारोपी पूर्व प्रधान शंकरदास जायसवाल व उसके बेटे संतोष कुमार को भोर में घर से धर दबोचा। पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों को हिरासत में लेकर साल भर पहले दर्ज कराए गए हत्या के मामले में जेल भेज दिया।
विज्ञापन
मंगलवार को बाबा धाम में मेला होने के नाते दर्शनार्थियों की भी क्षेत्र के अगल बगल से भारी भीड़ वहां जमा हो गई थी। कोटेदार की हत्या से गुस्साए लोगों ने आरोपियों के घर पत्थरबाजी भी की थी। तब वहां स्थिति बिगड़ने पर तत्कालीन एएसपी एवं सीओ के साथ सर्किल के कई थानों की फोर्स व पीएसी ने किसी तरह हालात पर काबू पाया था। मृतक रमेश वर्मा की मौत जहर देकर होने की बात एफआईआर में होने से पुलिस ने शव का पीएम कराया था। पीएम के बाद बिसरा सुरक्षित कर लखनऊ अनुसंधान केन्द्र परीक्षण के लिए भी पुलिस ने भेजवाया था। बिसरा में अनुसंधान केन्द्र द्वारा परीक्षण के तहत जहर की पुष्टि हो गई। रिपोर्ट आने के बाद सांगीपुर पुलिस ने बुधवार की सुबह हत्यारोपी पूर्व प्रधान शंकरदास जायसवाल व उसके बेटे संतोष कुमार को भोर में घर से धर दबोचा। पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों को हिरासत में लेकर साल भर पहले दर्ज कराए गए हत्या के मामले में जेल भेज दिया।
विज्ञापन