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शहर से गांव तक डेंगू ने ढाया कहर
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
Updated Tue, 13 Sep 2016 11:41 PM IST
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Dengue
- फोटो : Amar ujala
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डेंगू अब लोगों की जान ले रहा है। हालांकि रोकथाम के उपाय करने के बजाय स्वास्थ्य महकमा शहर में डेंगू के मच्छरों के होने की बात से इनकार कर रहा है। सपा नेत्री डॉक्टर रेहाना सिद्दीकी की डेंगू से हुई मौत की पुष्टि के बाद लोगों को लगने लगा है कि डेंगू के मच्छर शहर में भी हैं। सगरासुंदरपुर के शिक्षक और अधिवक्ता पुत्र के डेंगू के चपेट में आने के बाद भी स्वास्थ्य महकमे के मुखिया यह मानने को तैयार नहीं हैं कि डेंगू को फैलाने वाले मच्छर यहां हैं। लोगों का आरोप है कि वह ऐसा दावा इसलिये कर रहे हैं ताकि मच्छरों के काटने से फैलने वाली बीमारियों पर अंकुश लगने की कार्रवाई से बच सकें। दूसरी हकीकत यह है कि महकमे के पास डेंगू के मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। उधर, वायरल और मलेरिया की चपेट में आने वाले बुखार के संदिग्ध मरीजों से अस्पताल पटा हुआ है।
सपा नेत्री डॉक्टर रेहाना सिद्दीकी की मौत डेंगू बुखार से होने की पुष्टि से यह साबित हो गया है कि शहर में भी डेंगू के मच्छर डंक मा रहे हैं। रेहाना का घर कुसुमी शहर की सीमा से सटा हुआ है। इसके पहले कुंडा, मानधाता, पट्टी, लालगंज इलाके में डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। तीन की जान भी जा चुकी है। साथ ही इन इलाकों में मच्छरों के काटने, मलेरिया और वायरल से पीड़ित संदिग्ध बुखार के मरीजों की संख्या में दिनों-दिन इजाफा हो रहा है। सरकारी अस्पतालों में संदिग्ध बुखार के मरीज अधिक मिल रहे हैं। प्रशासन भी इसकी रोकथाम के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठा रहा है।
अब किस जलवायु की बात करेंगे सीएमओः
प्रतापगढ़ में डेंगू के मच्छर नहीं आ सकते हैं सीएमओ किस आधार पर डेंगू की मौजूदगी को नकार रहे हैं। जबकि जानकारों और वैज्ञानिक पहले ही प्रतापगढ़ की जलवायु में डेंगू के मच्छर पैदा होने का दावा कर चुके हैं। डाक्टर रेहाना की डेंगू से हुई मौत के अलावा करनपुर मोहल्ले के संतोष त्रिपाठी के पुत्र शिवम और लक्ष्मणपुर ब्लाक के सगरा सुंदरपुर गांव के रहने वाले कुलदीप शुक्ल डेंगू की चपेट में हैं। कुलदीप का कहना है कि वह पिछले चार महीने से गांव नहीं छोड़ा। इसके अलावा पूर्वमंत्री विधायक प्रो.शिवकांत ओझा का सरकारी गनर बाबूलाल शुक्ला डेंगू की चपेट में है। लगातार बुखार बने रहने पर जब उसने जांच कराई तो रिपोर्ट में डेंगू निकला।
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शिक्षक ने दिखाई जांच किट, कहा गलत बोल रहे सीएमओ
लक्ष्मणपुर ब्लाक के सगरासुंदरपुर निवासी कुलदीप शुक्ला पुत्र प्रभाकर शुक्ल डेंगू से पीड़ित हैं। इलाहाबाद में उनका इलाज चल रहा है। अमर उजाला को उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट और किट दिखाते हुए सीएमओ के दावे पर सवाल खड़ा कर दिया। कुलदीप ने दावा किया वह पिछले छह महीने से जिले के बाहर नहीं गए हैं। उन्हें जिले में रहते हुए डेंगू हुआ था।
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सपा नेत्री डॉक्टर रेहाना सिद्दीकी की मौत डेंगू बुखार से होने की पुष्टि से यह साबित हो गया है कि शहर में भी डेंगू के मच्छर डंक मा रहे हैं। रेहाना का घर कुसुमी शहर की सीमा से सटा हुआ है। इसके पहले कुंडा, मानधाता, पट्टी, लालगंज इलाके में डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। तीन की जान भी जा चुकी है। साथ ही इन इलाकों में मच्छरों के काटने, मलेरिया और वायरल से पीड़ित संदिग्ध बुखार के मरीजों की संख्या में दिनों-दिन इजाफा हो रहा है। सरकारी अस्पतालों में संदिग्ध बुखार के मरीज अधिक मिल रहे हैं। प्रशासन भी इसकी रोकथाम के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठा रहा है।
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अब किस जलवायु की बात करेंगे सीएमओः
प्रतापगढ़ में डेंगू के मच्छर नहीं आ सकते हैं सीएमओ किस आधार पर डेंगू की मौजूदगी को नकार रहे हैं। जबकि जानकारों और वैज्ञानिक पहले ही प्रतापगढ़ की जलवायु में डेंगू के मच्छर पैदा होने का दावा कर चुके हैं। डाक्टर रेहाना की डेंगू से हुई मौत के अलावा करनपुर मोहल्ले के संतोष त्रिपाठी के पुत्र शिवम और लक्ष्मणपुर ब्लाक के सगरा सुंदरपुर गांव के रहने वाले कुलदीप शुक्ल डेंगू की चपेट में हैं। कुलदीप का कहना है कि वह पिछले चार महीने से गांव नहीं छोड़ा। इसके अलावा पूर्वमंत्री विधायक प्रो.शिवकांत ओझा का सरकारी गनर बाबूलाल शुक्ला डेंगू की चपेट में है। लगातार बुखार बने रहने पर जब उसने जांच कराई तो रिपोर्ट में डेंगू निकला।
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लक्ष्मणपुर ब्लाक के सगरासुंदरपुर निवासी कुलदीप शुक्ला पुत्र प्रभाकर शुक्ल डेंगू से पीड़ित हैं। इलाहाबाद में उनका इलाज चल रहा है। अमर उजाला को उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट और किट दिखाते हुए सीएमओ के दावे पर सवाल खड़ा कर दिया। कुलदीप ने दावा किया वह पिछले छह महीने से जिले के बाहर नहीं गए हैं। उन्हें जिले में रहते हुए डेंगू हुआ था।