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भुलसा में मारपीट से सांप्रदायिक तनाव
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Fri, 02 Oct 2015 11:47 PM IST
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हथिगवां थाना क्षेत्र के भुलसा गांव में जमीन के झगड़े से शुरू हुआ विवाद अब सांप्रदायिक रंग लेने लगा है। फायरिंग की घटना के बाद से यहां की स्थिति बिगड़ने लगी है। शुक्रवार को भी दोनों वर्गों के बीच के दो युवकों में मारपीट होने से मामला तनावपूर्ण हो गया। गांव के लोग लाठी-डंडे के साथ इकट्ठे होने लगे। दोनों पक्षों के बीच गालीगलौज शुरू हो गई। यहां पीएसी तैनात होने के बाद भी यह घटना घटित हो गई। सूचना पर आसपास के सभी थानों की फोर्स पहुंची। प्रतापगढ़ से जिलाधिकारी, एसपी और महिला थाने की एसओ हमराहियों के साथ पहुंची।
हथिगवां थाना क्षेत्र के भुलसा गांव में विद्यालय के सामने की जमीन पर निर्माण को लेकर विवाद शुरू हुआ था। कुछ दिन पहले डीहा और बछंदामऊ के दो युवकों ने भुलसा के छब्बेलाल पर फायरिंग की थी। इससे मामला गरम हो उठा था। मामले को पुलिस ने किसी तरह से संभाल लिया था। गांव की स्थिति को देखते हुए वहां एक सेक्शन पीएसी के साथ ही चार सिपाहियों के साथ एक दरोगा को तैनात किया गया था। बाद में पुलिस हटा ली गई थी। शुक्रवार सुबह भुलसा गांव का नन्हेलाल सरोज बाग में जानवर चराने गया था। इस दौरान वहां डीहा गांव के तारिक फातिया पढ़ने आए थे। जानवर देख कर उन्होंने उसे डांट लगाई तो कहासुनी होने लगी। कहासुनी से बात मारपीट में बदल गई। इसकी जानकारी गांव के लोगों को हुई तो दोनों पक्षों से लाठी डंडे निकल पड़े।
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हथिगवां थाना क्षेत्र के भुलसा गांव में विद्यालय के सामने की जमीन पर निर्माण को लेकर विवाद शुरू हुआ था। कुछ दिन पहले डीहा और बछंदामऊ के दो युवकों ने भुलसा के छब्बेलाल पर फायरिंग की थी। इससे मामला गरम हो उठा था। मामले को पुलिस ने किसी तरह से संभाल लिया था। गांव की स्थिति को देखते हुए वहां एक सेक्शन पीएसी के साथ ही चार सिपाहियों के साथ एक दरोगा को तैनात किया गया था। बाद में पुलिस हटा ली गई थी। शुक्रवार सुबह भुलसा गांव का नन्हेलाल सरोज बाग में जानवर चराने गया था। इस दौरान वहां डीहा गांव के तारिक फातिया पढ़ने आए थे। जानवर देख कर उन्होंने उसे डांट लगाई तो कहासुनी होने लगी। कहासुनी से बात मारपीट में बदल गई। इसकी जानकारी गांव के लोगों को हुई तो दोनों पक्षों से लाठी डंडे निकल पड़े।
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