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पुलिस-ग्रामीणों में संघर्ष, सीओ का सिर फटा
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Mon, 13 Jul 2015 11:31 PM IST
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सोमवार की शाम इलाहाबाद- फैजाबाद हाइवे पर स्थित देल्हूपुर बाजार पुलिस व ग्रामीणों के बीच अखाड़े का मैदान बन गया। उपद्रवी करीब आधे घंटे तक बवाल करते रहे। कभी पुलिस भारी पड़ती तो कभी ग्रामीण। उग्र लोगों ने पुलिसकर्मियों पर इस कदर पथराव किया कि उन्हें जान बचाने के लिए चौकी में घुसना पड़ गया। पथराव में सीओ रानीगंज का सिर फट गया और आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए। बवाल कर रहे लोगों ने पुलिस के तीन वाहन क्षतिग्रस्त कर दिए। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया। फिर उपद्रवियों को भगाने के लिए आंसू गैस के गोले छोडनेके साथ हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी। घटना की खबर मिलने पर एडीएम पुनीत शुक्ला व एएसपी पूर्वी अखिलेश्वर पांडेय मौके पर पहुंचे।
तौकलपुर निवासी रामखेलावन का तेरह वर्षीय बेटा देशराज शनिवार की शाम गांव के बच्चों के साथ पड़ोसी हृदयनारायण उर्फ पप्पू की बाग में आम बीनने गया था। वह देर रात तक घर नहीं लौटा। परेशान परिजन खोजबीन करते रहे, लेकिन उसका पता नहीं लगा। रविवार को उसका शव घर से डेढ़ किमी दूर धीना तालाब में मिला था। सूचना मिलने पर देर रात पुलिस पहुंच गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। बालक के शरीर पर मिले चोट के निशान के चलते परिजन बाग स्वामी पप्पू पर हत्या का आरोप लगा रहे थे। सोमवार को परिजन पुलिस की मौजूदगी में देशराज का शव पोस्टमार्टम के बाद घर लेकर जाने लगे। बवाल की आशंका को देखते हुए पुलिस ने शव वाले वाहन को भिखनापुर मोड़ से गांव की ओर मुड़वा दिया। इस बात की खबर जैसे ही पुलिस चौकी के करीब बैठे सैकड़ों ग्रामीणों को हुई वे उग्र हो गए। लोगों ने इलाहाबाद-फैजाबाद हाइवे पर जाम लगाकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
पुलिस ने लाठी पटककर पुरुषों को खदेड़ा लेकिन महिलाएं सड़क से हटने का नाम नहीं ले रही थीं। महिला आरक्षियों ने बल प्रयोग किया तो प्रदर्शन कर रहीं महिलाएं पुलिसकर्मियों से भिड़ गईं। यह देख पुलिसकर्मी रोड जाम करने वाले लोगों पर लाठियां भांजने लगे। पुलिस के जवाब में ग्रामीणों ने भी पथराव कर दिया। दोनों ओर से संघर्ष होने लगा। कभी पुलिस भारी पड़ती तो कभी ग्रामीण। इस दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने पथराव करते हुए पुलिसकर्मियों को दौड़ा लिया। जान बचाने के लिए पुलिस को चौकी में घुसना पड़ा। वहां भी ग्रामीण पुलिस पर पथराव करते रहे। हालात बेकाबू होते देख एसडीएम के आदेश पर पहले लोगों को भगाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इससे भी बात न बनती देख पुलिसकर्मियों ने हवाई फायरिंग करना प्रारंभ कर दिया। फायरिंग होती देख बवाल कर रहे ग्रामीण पीछे हटे। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों को दूर तक खदेड़कर हाइवे खाली कराया। पथराव के दौरान ग्रामीणों ने सीओ रानीगंज, एसओ फतनपुर, महिला एसओ के वाहन को निशाना बनाकर क्षतिग्रस्त कर दिया। हमले में सीओ रानीगंज का सिर फट गया और आधा दर्जन पुलिसकर्मी चुटहिल हुए। घटना की खबर मिलते ही एडीएम पुनीत शुक्ला और एएसपी पूर्वी अखिलेश्वर पांडेय मौके पर पहुंचे। इस घटना को लेकर सोमवार की सुबह भी ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए पुलिस चौकी का घेराव किया था। इस दौरान भी ग्रामीणों ने हाइवे जाम किया था। हालांकि अधिकारियों के समझाने के बाद ग्रामीण मान गए थे, लेकिन वे बाजार में ही रुककर शव लौटने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही उन्हें मालूम पड़ा कि शव दूसरे रास्ते पुलिस ने घर भेज दिया है तो लोग बवाल करने लगे।
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तौकलपुर निवासी रामखेलावन का तेरह वर्षीय बेटा देशराज शनिवार की शाम गांव के बच्चों के साथ पड़ोसी हृदयनारायण उर्फ पप्पू की बाग में आम बीनने गया था। वह देर रात तक घर नहीं लौटा। परेशान परिजन खोजबीन करते रहे, लेकिन उसका पता नहीं लगा। रविवार को उसका शव घर से डेढ़ किमी दूर धीना तालाब में मिला था। सूचना मिलने पर देर रात पुलिस पहुंच गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। बालक के शरीर पर मिले चोट के निशान के चलते परिजन बाग स्वामी पप्पू पर हत्या का आरोप लगा रहे थे। सोमवार को परिजन पुलिस की मौजूदगी में देशराज का शव पोस्टमार्टम के बाद घर लेकर जाने लगे। बवाल की आशंका को देखते हुए पुलिस ने शव वाले वाहन को भिखनापुर मोड़ से गांव की ओर मुड़वा दिया। इस बात की खबर जैसे ही पुलिस चौकी के करीब बैठे सैकड़ों ग्रामीणों को हुई वे उग्र हो गए। लोगों ने इलाहाबाद-फैजाबाद हाइवे पर जाम लगाकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
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पुलिस ने लाठी पटककर पुरुषों को खदेड़ा लेकिन महिलाएं सड़क से हटने का नाम नहीं ले रही थीं। महिला आरक्षियों ने बल प्रयोग किया तो प्रदर्शन कर रहीं महिलाएं पुलिसकर्मियों से भिड़ गईं। यह देख पुलिसकर्मी रोड जाम करने वाले लोगों पर लाठियां भांजने लगे। पुलिस के जवाब में ग्रामीणों ने भी पथराव कर दिया। दोनों ओर से संघर्ष होने लगा। कभी पुलिस भारी पड़ती तो कभी ग्रामीण। इस दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने पथराव करते हुए पुलिसकर्मियों को दौड़ा लिया। जान बचाने के लिए पुलिस को चौकी में घुसना पड़ा। वहां भी ग्रामीण पुलिस पर पथराव करते रहे। हालात बेकाबू होते देख एसडीएम के आदेश पर पहले लोगों को भगाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इससे भी बात न बनती देख पुलिसकर्मियों ने हवाई फायरिंग करना प्रारंभ कर दिया। फायरिंग होती देख बवाल कर रहे ग्रामीण पीछे हटे। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों को दूर तक खदेड़कर हाइवे खाली कराया। पथराव के दौरान ग्रामीणों ने सीओ रानीगंज, एसओ फतनपुर, महिला एसओ के वाहन को निशाना बनाकर क्षतिग्रस्त कर दिया। हमले में सीओ रानीगंज का सिर फट गया और आधा दर्जन पुलिसकर्मी चुटहिल हुए। घटना की खबर मिलते ही एडीएम पुनीत शुक्ला और एएसपी पूर्वी अखिलेश्वर पांडेय मौके पर पहुंचे। इस घटना को लेकर सोमवार की सुबह भी ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए पुलिस चौकी का घेराव किया था। इस दौरान भी ग्रामीणों ने हाइवे जाम किया था। हालांकि अधिकारियों के समझाने के बाद ग्रामीण मान गए थे, लेकिन वे बाजार में ही रुककर शव लौटने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही उन्हें मालूम पड़ा कि शव दूसरे रास्ते पुलिस ने घर भेज दिया है तो लोग बवाल करने लगे।
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