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प्रतापगढ़ में अधिवक्ता को गोलियों से भूना
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Wed, 16 Mar 2016 12:05 AM IST
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घर से कचहरी आ रहे अधिवक्ता जवाहरलाल मिश्र (58) की बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने मंगलवार सुबह गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद आक्रोशित वकीलों ने पुलिस लाइन के गेट पर जमा लगा दिया। बाद में जिला जज के चैंबर के बाहर शव रखकर धरने पर बैठ गए। गुस्साए वकीलों को समझाने की कोशिश करने पहुंचे एएसपी को धक्के खाने पड़े। एसडीएम सदर को पीट दिया। डीएम-एसपी की बातों को अनसुना कर दिया। जिला जज के चैंबर में घुसे दोनों अधिकारियों को बाहर निकलने से रोक दिया। आक्रोशित वकील धरने पर बैठ गए। इस मामले में मृतक अधिवक्ता के पुत्र की तहरीर पर प्रधानपति व दो अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। खबर लिखे जाने तक अधिवक्ता शव रखकर धरने पर बैठे थे।
लालगंज कोतवाली के खरगपुर पंडित का पुरवा निवासी जवाहरलाल मिश्र पुत्र मोतीलाल मिश्र जूबाए के पूर्व उपाध्यक्ष भी थे। उनकी गांव के कुछ लोगों से पंचायत चुनाव की रंजिश चली आ रही थी। मंगलवार को वह बाइक से जिला कचहरी के लिए निकले। नगर कोतवाली के टेऊंगा गांव से आगे बढ़े तो बाइक सवार दो युवकों ने उनकी बाइक को ओवरटेक किया। चूंकि अधिवक्ता जवाहरलाल मिश्र हेलमेट लगाए हुए थे, इसलिए बाइक पर पीछे बैठे नकाबपोश बदमाश ने पहले उन्हें पहचाना। फिर पूरे ओझा मोड़ के करीब अपनी बाइक की रफ्तार धीमी कर अधिवक्ता पर फायर झोंक दिया। गोली लगने के बाद वह बाइक समेत गिर पड़े और जान बचाने के लिए बगल गड्ढे में कूदे, लेकिन नकाबपोश बदमाश ने दौड़ाकर गिरा दिया। हत्यारे ने फिर एक गोली मार दी। फायर की आवाज सुनकर आसपास के लोगों के साथ ही राहगीर भी दौड़े लेकिन कोई करीब आने का साहस नहीं कर सका। घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश कटरामेदनीगंज की ओर भाग निकले।
सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी सिटी वजीउल्ला मौके पर पहुंचे और अधिवक्ता को मैजिक से अस्पताल भेजा। जहां डाक्टरों ने अधिवक्ता को मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही अधिवक्ता आक्रोशित हो उठे। वहां मौजूद एएसपी पूर्वी से तकरार करते हुए स्ट्रेचर से ही शव लेकर अस्पताल से निकल पड़े। पुलिस लाइन तिराहे पर जाम लगा दिया। यहां भी वकीलों व अधिकारियों के बीच नोकझोंक हुई। अधिवक्ता घटना के विरोध में धरने पर बैठ गए। बाद में शव लेकर वे जिला जज के चैंबर पर पहुंचे। यहां शव तख्त पर रखकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। बवाल की आशंका को देखते हुए एडीएम पुनीत शुक्ला, अपर पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय, एसडीएम सदर जेपी मिश्र भारी भरकम पुलिस बल के साथ पहुंचे। जिसे लेकर फिर हंगामा होने लगा। विरोध को देखते हुए सभी एसपी कार्यालय जाकर बैठ गए। कुछ देर बाद जिलाधिकारी डा. आदर्श सिंह व पुलिस अधीक्षक माधव प्रसाद वर्मा भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की बात सुनने के लिए कोई तैयार नहीं हुआ।
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लोग कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। डीएम-एसपी का भी वकीलों ने जमकर विरोध किया। जिसके चलते उन लोगों को उल्टे पैर लौटना पड़ा। बाद में डीएम-एसपी के साथ पहुंचे एएसपी नीरज पांडेय के साथ धक्कामुक्की की गई। एसडीएम सदर जेपी मिश्रा को लोगों ने पीट दिया। खबर लिखे जाने तक जिला जज के चैंबर में घुसे डीएम-एसपी को बाहर निकलने से वकीलों ने रोक रखा था। वे कमरे के दरवाजे के पास बैठकर नारेबाजी करते रहे। अधिकारी कई थानों की पुलिस के साथ पुलिस कार्यालय से लेकर आसपास मंडराते रहे। इस मामले में मृतक अधिवक्ता के बेटे राजीव मिश्र की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने खरगपुर के प्रधानपति शशीकांत मिश्रा उर्फ भोला के खिलाफ नामजद व दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
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लालगंज कोतवाली के खरगपुर पंडित का पुरवा निवासी जवाहरलाल मिश्र पुत्र मोतीलाल मिश्र जूबाए के पूर्व उपाध्यक्ष भी थे। उनकी गांव के कुछ लोगों से पंचायत चुनाव की रंजिश चली आ रही थी। मंगलवार को वह बाइक से जिला कचहरी के लिए निकले। नगर कोतवाली के टेऊंगा गांव से आगे बढ़े तो बाइक सवार दो युवकों ने उनकी बाइक को ओवरटेक किया। चूंकि अधिवक्ता जवाहरलाल मिश्र हेलमेट लगाए हुए थे, इसलिए बाइक पर पीछे बैठे नकाबपोश बदमाश ने पहले उन्हें पहचाना। फिर पूरे ओझा मोड़ के करीब अपनी बाइक की रफ्तार धीमी कर अधिवक्ता पर फायर झोंक दिया। गोली लगने के बाद वह बाइक समेत गिर पड़े और जान बचाने के लिए बगल गड्ढे में कूदे, लेकिन नकाबपोश बदमाश ने दौड़ाकर गिरा दिया। हत्यारे ने फिर एक गोली मार दी। फायर की आवाज सुनकर आसपास के लोगों के साथ ही राहगीर भी दौड़े लेकिन कोई करीब आने का साहस नहीं कर सका। घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश कटरामेदनीगंज की ओर भाग निकले।
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सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी सिटी वजीउल्ला मौके पर पहुंचे और अधिवक्ता को मैजिक से अस्पताल भेजा। जहां डाक्टरों ने अधिवक्ता को मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही अधिवक्ता आक्रोशित हो उठे। वहां मौजूद एएसपी पूर्वी से तकरार करते हुए स्ट्रेचर से ही शव लेकर अस्पताल से निकल पड़े। पुलिस लाइन तिराहे पर जाम लगा दिया। यहां भी वकीलों व अधिकारियों के बीच नोकझोंक हुई। अधिवक्ता घटना के विरोध में धरने पर बैठ गए। बाद में शव लेकर वे जिला जज के चैंबर पर पहुंचे। यहां शव तख्त पर रखकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। बवाल की आशंका को देखते हुए एडीएम पुनीत शुक्ला, अपर पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय, एसडीएम सदर जेपी मिश्र भारी भरकम पुलिस बल के साथ पहुंचे। जिसे लेकर फिर हंगामा होने लगा। विरोध को देखते हुए सभी एसपी कार्यालय जाकर बैठ गए। कुछ देर बाद जिलाधिकारी डा. आदर्श सिंह व पुलिस अधीक्षक माधव प्रसाद वर्मा भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की बात सुनने के लिए कोई तैयार नहीं हुआ।
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लोग कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। डीएम-एसपी का भी वकीलों ने जमकर विरोध किया। जिसके चलते उन लोगों को उल्टे पैर लौटना पड़ा। बाद में डीएम-एसपी के साथ पहुंचे एएसपी नीरज पांडेय के साथ धक्कामुक्की की गई। एसडीएम सदर जेपी मिश्रा को लोगों ने पीट दिया। खबर लिखे जाने तक जिला जज के चैंबर में घुसे डीएम-एसपी को बाहर निकलने से वकीलों ने रोक रखा था। वे कमरे के दरवाजे के पास बैठकर नारेबाजी करते रहे। अधिकारी कई थानों की पुलिस के साथ पुलिस कार्यालय से लेकर आसपास मंडराते रहे। इस मामले में मृतक अधिवक्ता के बेटे राजीव मिश्र की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने खरगपुर के प्रधानपति शशीकांत मिश्रा उर्फ भोला के खिलाफ नामजद व दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।