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लाइसेंस न प्रमाणपत्र, फिर भी धुंआ उगल रहे ईंट भट्ठे 17-44-57

Fri, 08 Dec 2017 12:35 AM IST
Updated Fri, 08 Dec 2017 12:35 AM IST
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लाइसेंस न प्रमाणपत्र, फिर भी धुंआ उगल रहे ईंट भट्ठे 17-44-57
लाइसेंस न प्रमाणपत्र, फिर भी धुआं उगल रहे ईंट भट्ठे
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बगैर लाइसेंस के जिले में चल रहे 384 ईंट भट्ठे
जिला पंचायत से सिर्फ 25 ईंट भट्ठों को मिला है लाइसेंस
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़।
अफसरों की सांठ-गांठ के चलते राजस्व का लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा है। जिले में बगैर लाइसेंस और पर्यावरण स्वच्छता प्रमाणपत्र के ही 384 ईंट भट्ठे धधक रहे हैं। अवैध भट्ठों को बंद कराने के लिए तहसीलों के एसडीएम और थानेदारों को जिम्मेदारी दी गई थी। मगर इन अधिकारियों के खेल में जिला प्रशासन की सारी नीति फेल हो गई है।
योगी सरकार ने सूबे में भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए भले ही मुहिम चला रखी है, मगर इसका असर बेल्हा में नहीं के बराबर दिख रहा है। पर्यावरण प्रदूषण के खतरे को देखते हुए हाईकोर्ट ने सख्त आदेश दिया था, कि पर्यावरण प्रदूषण विभाग से स्वच्छता प्रमाणपत्र प्राप्त करके जिला पंचायत से लाइसेंस लेने के बाद ईंट भट्ठों का संचालन करें। जिले 180 ईंट भट्ठा संचालकों ने पर्यावरण प्रदूषण विभाग के जटिल नियमों का पालन करके प्रमाणपत्र तो हासिल कर लिया, मगर वह जिला पंचायत से लाइसेंस लेने को तैयार नहीं है। सात दिसंबर तक मात्र 25 ईंट भट्ठा संचालकों ने लाइसेंस लिया है। जिला पंचायत के आंकड़ों पर गौर किया जाय, तो वर्तमान में जिले के 409 ईंट भट्ठे धुंआ उगल रहे हैं। इनमें 384 ईंट भट्ठे ऐेसे हैं, जिन्होंने बगैर लाइसेंस के ही ईंट पका रहे हैं। ईंट भट्ठा संचालकों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए तत्कालीन डीएम ने एसडीएम और थानेदारों को जिम्मेदारी सौंपी थी। वर्तमान में आलम यह है कि अवैध रूप से चलने वाले ईंट भट्ठों को अफसरों की ओर से हरी झंडी मिली है। अफसरों की इस मिलीभगत से 42.24 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। एक ईंट भट्ठा का लाइसेंस लेने के लिए पांच हजार रुपये लाइसेंस शुल्क और छह हजार रुपये हैसियत प्रमाणपत्र शुल्क जमा करना होता है। साथ ही विलंब शुल्क भी अदा करना होता है। जिले में 384 ईंट भट्ठे अवैध रुप से चल रहे हैं, अगर 11,000 रुपये की दर से गणना की जाय, तो 42.24 लाख रुपये नुकसान हो रहा है।
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इनसेट--------
दो ईंट भट्ठों के खिलाफ दर्ज हो चुका है मुकदमा
डीएम ने जब एसडीएम और थानेदारों को अवैध ईंट भट्ठों के संचालन पर रोक लगाने का आदेश दिया, तो तत्कालीन एसडीएम रानीगंज ने शिवगढ़ और बेलखरनाथधाम के एक-एक ईंट भट्ठों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
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इनसेट--------
गरज रही जेसीबी, रायल्टी नहीं हो रही जमा
ईंट भट्ठों पर बगैर रायल्टी जमा किए ही मिट्टी की खुदाई हो रही है। शाम होते ही ईंट भट्ठों के आसपास जेसीबी गरजने लगती है, मगर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी रोक लगाने का प्रयास नहीं करता है। स्थानीय लोगों की मानें तो पुलिस अपना काम तमाम करने के बाद मिट्टी खुदाई की इजाजत देती है।
वर्जन--------
ईंट भट्ठा संचालकों को तीन-तीन बार नोटिस तालीम कराई जा चुकी है। इसके बावजूद अवैध रुप से ईंट भट्ठों का संचालन किया जा रहा है। अब ऐसे ईंट भट्ठा संचालकों को रजिस्ट्री से नोटिस भेजी जा रही है, इसके बाद चालान की कार्रवाई की जाएगी।

पुनीत वर्मा, अपर मुख्य अधिकारी।
वर्जन-------
जिले के 180 ईंट भट्ठों ने पर्यावरण स्वच्छता का प्रमाणपत्र प्राप्त कर लिया है, मगर लाइसेंस लेने वालों की संख्या सिर्फ 25 है, यह जानकारी नहीं थी। जल्द ही अवैध ईंट भट्ठों के खिलाफ छापेमारी का अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
सोमदत्त मौर्य, एडीएम।
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