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तिहरे हत्याकांड में बारह लोगों को आजीवन कारावास
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Fri, 05 Aug 2016 12:15 AM IST
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अदालत का फैसला
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जेठवारा के संड़वा खास गांव में पांच नवंबर 2010 में प्रधानी के चुनाव की रंजिश में हुए तिहरे हत्याकांड में स्पेशल जज अनिल कुमार ने बारह आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी पर 29 हजार पांच सौ रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। एक आरोपी की मुकदमे के दौरान मौत हो चुकी है। जेठवारा के संड़वा खास गांव में पांच नवंबर 2010 को प्रधानी के चुनाव को लेकर जगदीश बहादुर सिंह और भइयाराम पटेल के बीच विवाद हो गया था। इस दौरान लाठी-डंडे के साथ मारपीट हुई थी।
अंधाधुंध फायरिंग भी की गई थी। जिसमें रामसुमेर, समरबहादुर और सुभाष पटेल की मौत हो गई थी। मृतक पक्ष की तरफ से भइयाराम पटेल ने जेठवारा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें हरिकेश बहादुर सिंह, जगदीश बहादुर सिंह, नागेंद्र बहादुर सिंह उर्फ शंकर सिंह, मनोज सिंह, रिंकू उर्फ विनोद, नीरज सिंह, इंद्रबहादुर सिंह, सीटू, सिद्धनाथ सिंह, उदयप्रताप सिंह, गोलू सिंह, अजय कुमार मुन्ना समेत कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इसमें से एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। मुकदमे का परीक्षण स्पेशल जज अनिल कुमार के यहां चला। गवाहों और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद स्पेशल जज की कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी पाया। उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी पर 29 हजार पांच सौ रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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अंधाधुंध फायरिंग भी की गई थी। जिसमें रामसुमेर, समरबहादुर और सुभाष पटेल की मौत हो गई थी। मृतक पक्ष की तरफ से भइयाराम पटेल ने जेठवारा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें हरिकेश बहादुर सिंह, जगदीश बहादुर सिंह, नागेंद्र बहादुर सिंह उर्फ शंकर सिंह, मनोज सिंह, रिंकू उर्फ विनोद, नीरज सिंह, इंद्रबहादुर सिंह, सीटू, सिद्धनाथ सिंह, उदयप्रताप सिंह, गोलू सिंह, अजय कुमार मुन्ना समेत कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इसमें से एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। मुकदमे का परीक्षण स्पेशल जज अनिल कुमार के यहां चला। गवाहों और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद स्पेशल जज की कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी पाया। उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी पर 29 हजार पांच सौ रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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