फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   नहीं लौटा करमचंद, कानपुर में ही रहकर कर रहा बेटियों की देखभाल 19-50-10

नहीं लौटा करमचंद, कानपुर में ही रहकर कर रहा बेटियों की देखभाल 19-50-10

Thu, 06 Jul 2017 08:03 PM IST
Updated Thu, 06 Jul 2017 08:03 PM IST
विज्ञापन
नहीं लौटा करमचंद, कानपुर में ही रहकर कर रहा बेटियों की देखभाल  19-50-10
नहीं लौटा करमचंद, कानपुर में ही रहकर कर रहा बेटियों की देखभाल
विज्ञापन

घर में मां के अलावा कोई नहीं, लगा रहता है हमेशा ताला
रायबरेली के ऊंचाहार में हुए सामूहिक हत्याकांड का है चश्मदीद
अमर उजाला ब्यूरो
कुंडा। रायबरेली जिले के ऊंचाहार थाना क्षेत्र के इटौरा बुजुर्ग गांव में हुए सामूहिक हत्याकांड में मारे गए संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के चार लोगों के साथ रहा करमचंद लौटकर फिर गांव नहीं आया। चर्चा है कि कुछ कारणों से उसे पुलिस के सामने नहीं लाया जा रहा है। पूर्व प्रधान रोहित के साथ रहा करमचंद घटना का चश्मदीद माना जा रहा था।

संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के भरतपुर पंडित का पुरवा गांव निवासी करमचंद्र पुत्र भारत मिश्र भी रोहित शुक्ला के साथ इटौरा गया था। बताया जा रहा था कि उसने सामूहिक हत्याकांड की घटना को देखा था। वह इसलिए बच गया था, क्योंकि पैदल ही भाग निकला। घटना के बाद से वह गायब था। उसके गायब होने के कारण उसके घर में कोहराम मचा हुआ था, लेकिन चार लोगों के शव गांव आने के बाद उसने फोन करके परिजनों को बताया कि वह कानपुर में है। इस पर परिजनों ने उसके घटना से बच निकलने की बात बताई थी। बाद में पुलिस के झमेले से बचाने के लिए परिजनों ने कहानी गढ़नी शुरू कर दी। करमचंद की पत्नी की मौत हो चुकी है। वह अपनी दो बेटियों के साथ कानपुर में रहता है। वहां वह एक मंदिर का पुजारी भी है। वह पूर्व प्रधान रोहित के साथ ही ऊंचाहार गया था। सूत्रों की मानें तो वह मौके पर था और भागने के समय वह सफारी में न बैठकर पैदल ही भागा था। वह घटना का प्रत्यक्षदर्शी था, लेकिन बाद में वह पिक्चर से गायब हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed