{"_id":"d3eb6d421672fa89eda1a70c9247e4d6","slug":"crime-news-hindi-news-589","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच किलो का लाइसेंस, सजाया पचास किलो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच किलो का लाइसेंस, सजाया पचास किलो
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Tue, 10 Nov 2015 10:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रतापगढ़। पटाखे की दुकान लगाने वालों ने पांच किलो पटाखा बेचने की अनुमति प्रशासन से ले रखी है। इसके बदले वे पचास किलो की पटाखा दुकानों पर सजाकर बैठे हैं। जांच के दौरान मामला पकड़ में आया तो सभी को चेतावनी देते हुए लाइसेंस के मुताबिक पटाखा रखने का आदेश दिया गया।
कंपनी गार्डेन के करीब पटाखा दुकानदारों को तीन दिनों के लिए दुकान लगाने की अनुमति एसडीएम सदर ने प्रदान की। लाइसेंस देते समय आठ नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने का शपथ पत्र देने के बाद ही लोगों को दुकान लगाने की अनुमति मिली थी। एसडीएम सदर जेपी मिश्रा मंगलवार को पटाखों की दुकानों की छानबीन करने के लिए निकले। जांच के दौरान कहीं आग बुझाने के लिए पानी नहीं मिला तो कहीं बालू नहीं था।
धूम्रपान के लिए बोर्ड भी नहीं लगाया गया था। किसी के पास लाइसेंस नहीं था। सभी को पांच किलो पटाखा रखकर बेचने की अनुमति दी गई थी। जबकि जांच के दौरान किसी-किसी दुकानदार ने पचास किलो से अधिक पटाखे की सजावट कर रखी थी। एसडीएम ने सभी को तलब किया और फटकार लगाते हुए कहा कि हर हाल में शर्तों को पूरा किया जाए। इस मौके पर फायर विभाग के एफएसओ अबुल अब्बास हुसैन समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
पटाखा दुकानदारों के लिए बुरी खबर है। ऐसे दुकानदारों का तत्काल लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा, जिनके यहां बच्चे पटाखा बेचते मिले। लाइसेंस देते समय एसडीएम ने साफ कहा कि दुकान पर बच्चे नजर आए तो सख्त कार्रवाई होगी। दुकानदारों को इस बात का पालन कराना होगा। इसके चलते दुकानों के इर्द-गिर्द मंडराने वाले बच्चों को दुकानदारों ने घर भगा दिया।
जिले में बिजली चोरी से तंग विभाग का मिजाज कड़क होने लगा है। शीर्ष अफसरों के इशारे से चोरों की नकेल कसने का बंदोबस्त शुरू है। घरेलू विद्युत कनेक्शन से कामर्शियल प्रयोग करने वाले दुकानदारों की कुंडली ‘डेंजर चार्र्ट’ कैद होगी। इसके बाद उपकेन्द्र वार उसी चार्ट के आधार पर जांच शुरू होगी। विभाग की मंशा अमल में आई तो ऐसे हजारों दुकानदारों को पड़ताल के करंट से तड़पना पड़ सकता है।
बिजली चोर महकमे को दोहरी चोट दे रहे हैं। एक तरफ तो बिजली की ज्यादा खपत और दूसरी ओर उपभोग के बाद भी बिल न देना। यह स्थितियां विभाग के लिए घुन बनती जा रही हैं। इसका असर वैध उपभोक्ताओं पर भी पड़ रहा है। हालात से निपटने के लिए विभाग ने सख्त फार्मूला ईजाद किया है। विभाग एक सूची तैयार करेगा। इसमें आम लोगों की सूचना के आधार पर बड़े दुकानदारों का नाम व उनके कनेक्शन की स्थिति नोट की जाएगी। अफसर उपकेन्द्रवार घरेलू कनेक्शन पर कामर्शियल बिजली प्रयोग करने वालों की जांच उसी सूची के आधार पर करेंगे। पड़ताल में दोषी मिलने वाले दुकानदारों पर जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माने की रकम अदा न करने वालों के खिलाफ महकमा रिपोर्ट भी दर्ज कराएगा। ऐसा करने का निर्देश विभाग केअधिकारियों को शीर्ष अफसरों ने दिया है। यदि यह निर्देश अमल में आया तो जिले के हजारों दुकानदारों पर शिकंजा कसना तय है।
जनपद में तमाम ऐसे लोग भी हैं जो छोटे कारखाने, आटा, धनकुट्टी मशीन, राइस मिल, वेल्डिंग से जुड़ाई आदि का काम करते हैं। अफसरों का मानना है उनमें से अधिकांश ऐसे हैं जो कम क्षमता का कनेक्शन लेने के बाद सीधे खंभे से तार जोड़ कर मशीनों का संचालन करते हैं। उनके यहां भी छापामारी की जाएगी। शहर से लेकर देहात तक इस अभियान को लागू किया जाएगा।
विज्ञापन
कंपनी गार्डेन के करीब पटाखा दुकानदारों को तीन दिनों के लिए दुकान लगाने की अनुमति एसडीएम सदर ने प्रदान की। लाइसेंस देते समय आठ नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने का शपथ पत्र देने के बाद ही लोगों को दुकान लगाने की अनुमति मिली थी। एसडीएम सदर जेपी मिश्रा मंगलवार को पटाखों की दुकानों की छानबीन करने के लिए निकले। जांच के दौरान कहीं आग बुझाने के लिए पानी नहीं मिला तो कहीं बालू नहीं था।
विज्ञापन
धूम्रपान के लिए बोर्ड भी नहीं लगाया गया था। किसी के पास लाइसेंस नहीं था। सभी को पांच किलो पटाखा रखकर बेचने की अनुमति दी गई थी। जबकि जांच के दौरान किसी-किसी दुकानदार ने पचास किलो से अधिक पटाखे की सजावट कर रखी थी। एसडीएम ने सभी को तलब किया और फटकार लगाते हुए कहा कि हर हाल में शर्तों को पूरा किया जाए। इस मौके पर फायर विभाग के एफएसओ अबुल अब्बास हुसैन समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
पटाखा दुकानदारों के लिए बुरी खबर है। ऐसे दुकानदारों का तत्काल लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा, जिनके यहां बच्चे पटाखा बेचते मिले। लाइसेंस देते समय एसडीएम ने साफ कहा कि दुकान पर बच्चे नजर आए तो सख्त कार्रवाई होगी। दुकानदारों को इस बात का पालन कराना होगा। इसके चलते दुकानों के इर्द-गिर्द मंडराने वाले बच्चों को दुकानदारों ने घर भगा दिया।
जिले में बिजली चोरी से तंग विभाग का मिजाज कड़क होने लगा है। शीर्ष अफसरों के इशारे से चोरों की नकेल कसने का बंदोबस्त शुरू है। घरेलू विद्युत कनेक्शन से कामर्शियल प्रयोग करने वाले दुकानदारों की कुंडली ‘डेंजर चार्र्ट’ कैद होगी। इसके बाद उपकेन्द्र वार उसी चार्ट के आधार पर जांच शुरू होगी। विभाग की मंशा अमल में आई तो ऐसे हजारों दुकानदारों को पड़ताल के करंट से तड़पना पड़ सकता है।
बिजली चोर महकमे को दोहरी चोट दे रहे हैं। एक तरफ तो बिजली की ज्यादा खपत और दूसरी ओर उपभोग के बाद भी बिल न देना। यह स्थितियां विभाग के लिए घुन बनती जा रही हैं। इसका असर वैध उपभोक्ताओं पर भी पड़ रहा है। हालात से निपटने के लिए विभाग ने सख्त फार्मूला ईजाद किया है। विभाग एक सूची तैयार करेगा। इसमें आम लोगों की सूचना के आधार पर बड़े दुकानदारों का नाम व उनके कनेक्शन की स्थिति नोट की जाएगी। अफसर उपकेन्द्रवार घरेलू कनेक्शन पर कामर्शियल बिजली प्रयोग करने वालों की जांच उसी सूची के आधार पर करेंगे। पड़ताल में दोषी मिलने वाले दुकानदारों पर जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माने की रकम अदा न करने वालों के खिलाफ महकमा रिपोर्ट भी दर्ज कराएगा। ऐसा करने का निर्देश विभाग केअधिकारियों को शीर्ष अफसरों ने दिया है। यदि यह निर्देश अमल में आया तो जिले के हजारों दुकानदारों पर शिकंजा कसना तय है।
जनपद में तमाम ऐसे लोग भी हैं जो छोटे कारखाने, आटा, धनकुट्टी मशीन, राइस मिल, वेल्डिंग से जुड़ाई आदि का काम करते हैं। अफसरों का मानना है उनमें से अधिकांश ऐसे हैं जो कम क्षमता का कनेक्शन लेने के बाद सीधे खंभे से तार जोड़ कर मशीनों का संचालन करते हैं। उनके यहां भी छापामारी की जाएगी। शहर से लेकर देहात तक इस अभियान को लागू किया जाएगा।