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रीढ़ की हड्डी व जांघ में मिली गोली
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Fri, 01 Sep 2017 11:36 PM IST
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प्रतापगढ़
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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प्रतापगढ़। बैंक आफ बड़ौदा के टाइनी शाखासंचालक की लाश का दोबारा पोस्टमार्टम करना पड़ा। डाक्टरों की टीम को रीढ़ की हड्डी में बुलेट फंसी मिली। शव के अंतिम संस्कार को लेकर पीएम हाउस पर गहमागहमी रही। रिश्तेदारों ने दोनों पक्षों को शांत कराया। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।
नगर कोतवाली के शिवजीपुरम बलीपुर निवासी अजीत सिंह बैंक आफ बड़ौदा टाइनी शाखा का संचालक था। गुरुवार को गायघाट रोड पर रामराम चौराहे के करीब उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में दिवंगत की पत्नी जूली सिंह ने तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। रात में ही अजीत के शव का पंचायतनामा भरने के बाद डीएम की अनुमति लेकर पोस्टमार्टम कराया गया लेकिन बुलेट नहीं मिली। एक गोली पार हो गई थी। बुलेट न मिलने के कारण डाक्टर परेशान हो गए। शुक्रवार सुबह दोबारा एक्सरे कराने के बाद डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम शुरू हुआ। एक घंटे की मशक्कत के बाद रीढ़ की हड्डी में व जांघ में बुलेट फंसी मिली। शुक्रवार की सुबह ही वाराणसी से रेल विभाग में तैनात अजीत का भाई अरुण सिंह परिजनों के साथ पहुंचे। भाई का शव देखते ही बिलख पड़े। इस दौरान शव के अंतिम संस्कार को लेकर भाई और रिश्तेदारों के बीच गहमागहमी का माहौल बना रहा। प्रभारी कोतवाल दोनों पक्षों में सामंजस्य बनाकर शव का अंतिम संस्कार कराने के लिए प्रयास करते रहे। अंत में दोनों पक्ष अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। पोस्टमार्टम हाउस पर ही जूली सिंह को भी लाया गया। जहां सभी रोते बिलखते रहे। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी ने बताया कि अभी छानबीन चल रही है। जल्द ही घटना का खुलासा होगा।
वहीं बैंक आफ बड़ौदा टाइनी शाखा संचालक अजीत सिंह की हत्या का राज पुलिस मोबाइल से खोलने के लिए पसीना बहा रही है। दिवंगत के कई करीबियों से पुलिस को अहम जानकारियां मिली हैं। अजीत हत्याकांड की जांच से कई रसूखदार भी फंदे में आ सकते हैं। रानीगंज का रहने वाला एक युवक पुलिस के रडार पर है। इसकी तलाश में पुलिस टीम ने जाल बिछाया है। हालांकि पुलिस जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाना चाह रही है। वह फूंक-फूंककर कदम उठा रही है। ग्राहक सेवा केंद्र संचालक अजीत सिंह की गोली मारकर हत्या शूटरों ने की है। हत्या करने वाले शूटर भले ही बाहरी रहे हों, लेकिन बाइक चलाने वाला एक हत्यारा जिले का ही रहने वाला था। पुलिस सूत्रों की मानें तो घटना में रानीगंज के एक युवक के शामिल होने की बात सामने आ रही है। पुलिस उसकी घेराबंदी कर रही है। पुलिस अजीत समेत कई लोगों के मोबाइल की काल डिटेल निकालने के बाद हत्या का राज खोज रही है। कई संदिग्ध लोगों के मोबाइल नंबर भी सार्विलांस पर लगाए गए हैं। अजीत की हत्या से रसूखदारों के जुड़े होने की भी चर्चा हो रही है। हालांकि पुलिस अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। अजीत की संपत्ति व घरेलू विवाद भी पुलिस कारण मानकर चल रही है।
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नगर कोतवाली के शिवजीपुरम बलीपुर निवासी अजीत सिंह बैंक आफ बड़ौदा टाइनी शाखा का संचालक था। गुरुवार को गायघाट रोड पर रामराम चौराहे के करीब उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में दिवंगत की पत्नी जूली सिंह ने तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। रात में ही अजीत के शव का पंचायतनामा भरने के बाद डीएम की अनुमति लेकर पोस्टमार्टम कराया गया लेकिन बुलेट नहीं मिली। एक गोली पार हो गई थी। बुलेट न मिलने के कारण डाक्टर परेशान हो गए। शुक्रवार सुबह दोबारा एक्सरे कराने के बाद डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम शुरू हुआ। एक घंटे की मशक्कत के बाद रीढ़ की हड्डी में व जांघ में बुलेट फंसी मिली। शुक्रवार की सुबह ही वाराणसी से रेल विभाग में तैनात अजीत का भाई अरुण सिंह परिजनों के साथ पहुंचे। भाई का शव देखते ही बिलख पड़े। इस दौरान शव के अंतिम संस्कार को लेकर भाई और रिश्तेदारों के बीच गहमागहमी का माहौल बना रहा। प्रभारी कोतवाल दोनों पक्षों में सामंजस्य बनाकर शव का अंतिम संस्कार कराने के लिए प्रयास करते रहे। अंत में दोनों पक्ष अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। पोस्टमार्टम हाउस पर ही जूली सिंह को भी लाया गया। जहां सभी रोते बिलखते रहे। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी ने बताया कि अभी छानबीन चल रही है। जल्द ही घटना का खुलासा होगा।
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वहीं बैंक आफ बड़ौदा टाइनी शाखा संचालक अजीत सिंह की हत्या का राज पुलिस मोबाइल से खोलने के लिए पसीना बहा रही है। दिवंगत के कई करीबियों से पुलिस को अहम जानकारियां मिली हैं। अजीत हत्याकांड की जांच से कई रसूखदार भी फंदे में आ सकते हैं। रानीगंज का रहने वाला एक युवक पुलिस के रडार पर है। इसकी तलाश में पुलिस टीम ने जाल बिछाया है। हालांकि पुलिस जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाना चाह रही है। वह फूंक-फूंककर कदम उठा रही है। ग्राहक सेवा केंद्र संचालक अजीत सिंह की गोली मारकर हत्या शूटरों ने की है। हत्या करने वाले शूटर भले ही बाहरी रहे हों, लेकिन बाइक चलाने वाला एक हत्यारा जिले का ही रहने वाला था। पुलिस सूत्रों की मानें तो घटना में रानीगंज के एक युवक के शामिल होने की बात सामने आ रही है। पुलिस उसकी घेराबंदी कर रही है। पुलिस अजीत समेत कई लोगों के मोबाइल की काल डिटेल निकालने के बाद हत्या का राज खोज रही है। कई संदिग्ध लोगों के मोबाइल नंबर भी सार्विलांस पर लगाए गए हैं। अजीत की हत्या से रसूखदारों के जुड़े होने की भी चर्चा हो रही है। हालांकि पुलिस अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। अजीत की संपत्ति व घरेलू विवाद भी पुलिस कारण मानकर चल रही है।
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