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विवाद के बाद दंपति ने लगा ली आग
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Thu, 16 Nov 2017 12:10 AM IST
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प्रतापगढ़/ जगेशरगंज। घरेलू विवाद के दौरान दंपति ने कमरे में आग लगा ली। दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। उनकी हालत गंभीर देख डाक्टरों ने उसे इलाहाबाद रेफर कर दिया। गुजरात में रहने के दौरान दोनों के बीच मोहब्बत हो गई और बाद में शादी के बंधन में बंध गए थे।
अंतू थाना क्षेत्र के रघईपुर की रहने वाली निर्मला (35) अपने परिवार के लोगों के साथ गुजरात में रहती थी। उसके बगल ही नीलेश चौरसिया (40) पुत्र रमेश चौरसिया का परिवार भी रहता था। दोनों के बीच पहले मोहब्बत हुई। बाद में परिवार के लोगों की रजामंदी के बाद दोनों वर्ष 1999 में शादी कर ली। इस बीच निर्मला शिक्षक बन गई। मौजूदा समय में वह तेजगढ़ प्राथमिक विद्यालय में तैनात है। जिसके कारण पति नीलेश ससुराल में आकर पत्नी के साथ रहता था। ग्रामीणों की मानें तो बुधवार की शाम नीलेश का पत्नी निर्मला से रुपये को लेकर विवाद हो गया। आसपास के लोग भी बाहर जमा हो गए। कुछ देर बाद उनकी चीख सुनकर लोग दौड़े और आग से जल रहे निर्मला व नीलेश को बचाने का प्रयास करने लगे। मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया।
तब तक दोनों गंभीर रूप से झुलस चुके थे। सूचना मिलने पर पहुंची एंबुलेंस से दोनों को उपचार के लिए किशुनगंज अस्पताल ले जाया गया। वहां से दंपति को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। दोनों की हालत गंभीर देख डाक्टरों ने इलाहाबाद रेफर कर दिया। बारह वर्षीय बेटा देव चौरसिया रोता बिलखता रहा। एसओ अंतू ने बताया कि नीलेश नशे का आदी हो गया था। पत्नी से रुपये की मांग कर रहा था। जिसे देने से उसने मना कर दिया। इसी को लेकर विवाद के बाद दोनों ने आग लगा लिया।
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अंतू थाना क्षेत्र के रघईपुर की रहने वाली निर्मला (35) अपने परिवार के लोगों के साथ गुजरात में रहती थी। उसके बगल ही नीलेश चौरसिया (40) पुत्र रमेश चौरसिया का परिवार भी रहता था। दोनों के बीच पहले मोहब्बत हुई। बाद में परिवार के लोगों की रजामंदी के बाद दोनों वर्ष 1999 में शादी कर ली। इस बीच निर्मला शिक्षक बन गई। मौजूदा समय में वह तेजगढ़ प्राथमिक विद्यालय में तैनात है। जिसके कारण पति नीलेश ससुराल में आकर पत्नी के साथ रहता था। ग्रामीणों की मानें तो बुधवार की शाम नीलेश का पत्नी निर्मला से रुपये को लेकर विवाद हो गया। आसपास के लोग भी बाहर जमा हो गए। कुछ देर बाद उनकी चीख सुनकर लोग दौड़े और आग से जल रहे निर्मला व नीलेश को बचाने का प्रयास करने लगे। मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया।
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तब तक दोनों गंभीर रूप से झुलस चुके थे। सूचना मिलने पर पहुंची एंबुलेंस से दोनों को उपचार के लिए किशुनगंज अस्पताल ले जाया गया। वहां से दंपति को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। दोनों की हालत गंभीर देख डाक्टरों ने इलाहाबाद रेफर कर दिया। बारह वर्षीय बेटा देव चौरसिया रोता बिलखता रहा। एसओ अंतू ने बताया कि नीलेश नशे का आदी हो गया था। पत्नी से रुपये की मांग कर रहा था। जिसे देने से उसने मना कर दिया। इसी को लेकर विवाद के बाद दोनों ने आग लगा लिया।
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